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कितनी गिरहें खोली हैं मैने...

दीपाली किरन

7th March 2020

वर्तमान समय में महिलाएं घर गृहस्थी ही नही संभाल रही बल्कि खेल के क्षेत्र में भी अपने हुनर का परचम लहरा रही हैं। चलिए जानते हैं भारत की कुछ उभरती हुई महिला खिलाडियों के बारे में-

कितनी गिरहें  खोली हैं मैने...
आज महिलाएं खेल, विज्ञान, शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। अगर बात खेल के क्षेत्र को लेकर करें तो भारत की महिला खिलाडिय़ों ने हाल ही में दुनिया के सामने अपना लोहा मनवाया है। तो चलिये बात करते हैं भारतीय महिला खेल जगत की उन दिग्गज खिलाडिय़ों के बारे में जिन्होंने न केवल भारत में एक रोल मॉडल की भूमिका निभाई है, बल्कि दुनिया में भारत का नाम रोशन किया है।

मैरी कॉम

एक महिला खिलाड़ी जिन्होंने अपनी महान उपलब्धियों से भारत को गौरवान्वित किया है, ऐसी महान महिला का नाम है मैरी कॉम, भारतीय महिला खिलाडिय़ों का नाम आए तो  मैरी कॉम का नाम जुबां पर आता ही है। विश्व चैंपियनशिप में आठ पदक जीतने वाली वे पहली मुक्केबाज हैं। मैरी कॉम 8 बार विश्व मुक्केबाजी प्रतियोगिता की विजेता रह चुकी हैं। 

दुती चंद

दुती चंद एक धावक है और ओलंपिक और एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। वह 100 मीटर स्प्रिंट के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक हैं। मात्र 23 वर्ष की आयु में इतनी बड़ी उपलब्धि आसान नही थी। उसने अपने कॉलेज के दौरान राज्य स्तर पर और साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतियोगिताएं जीतीं। एक बुनकर परिवार से ताल्लुक रखने वाली दुती गांव के कच्चे रास्तों पर नंगे पैर दौडऩे का अभ्यास किया करती थी। इन तमाम दुश्वारियों के बावजूद वह देश के लिए लगातार दौड़ती रहीं। दुती चंद ने पिछले वर्ष एशियाई खेलों में दो रजत पदक जीतकर अपना लोहा मनवाया।

हिमा दास

भारतीय रेसर हिमा दास ने फिनलैंड देश की धरती पर नया ही इतिहास रच दिया और ये हमारे देश की पहली ऐसी महिला बन गईं जिन्होंने आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ को प्रथम स्थान पर आकर खत्म किया। जुलाई 2019 में पहली बार हिमा ने 2 जुलाई को 200 मीटर की रेस 23.65 सेकंड में पूरी की थी और पोलैंड में पोजनान एथेलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

पी.वी. सिंधु

पुसरला वेंकट सिंधु एक विश्व वरीयता प्राप्त भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं तथा भारत की ओर से ओलम्पिक खेलों में महिला एकल बैडमिंटन का रजत पदक जीतने वाली वे पहली खिलाड़ी हैं। इससे पहले वे भारत की नैशनल चैम्पियन भी रह चुकी हैं। सिंधु ने नवंबर 2016 में चीन ओपन का खिताब अपने नाम किया है।अंतरराष्ट्रीय सॢकट में, सिंधु कोलंबो में आयोजित 2009 सब जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता रही हैं। 

गीता फोगाट

कुश्ती के क्षेत्र में गीता फोगाट आज एक जानीमानी शख्सियत बन गई हैं। गीता फोगाट फ्री स्टाइल कुश्ती कला में भारत के लिए गोल्ड जितने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। इनके जीवन पर आधारित एक फिल्म भी 2016 में आई थी जिसका नाम 'दंगलÓ था। इनके करियर की शुरुआत 2009 के कॉमनवेल्थ पहलवानी चैम्पियनशिप से हुई, जो पंजाब के जालंधर में 19 से 21 दिसंबर 2009 के बीच हुई थी। इस प्रतियोगिता में उनके करियर की शुरुआत स्वर्ण पदक जीत के साथ हुई जो कि अब तक जारी है और वह पहली पहलवान भारतीय महिला बन गई।

साइना नेहवाल

साइना नेहवाल भारत का गौरव हैं। बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने अपने अनोखे खेल प्रदर्शन का जादू न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व में चलाया है और अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा से भारत का नाम दुनिया भर में गौरान्वित किया है। साइना नेहवाल भारत की बैडमिंटन की खिलाड़ी है, उसने भारत की ओर से खेलते हुए लंदन ओलंपिक में भारत का तीसरा स्वर्ण पदक जीता। साइना नेहवाल पूरे विश्व बैडमिंटन रैंकिंग में दूसरे नंबर पर है।

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