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निर्भया केस की वह वकील जिसने बदल डाला देश का इतिहास...!

गीतांजली शर्मा

20th March 2020

निर्भया एक ऐसा नाम जिसने पूरे देश पूरे समाज को करीब सात साल पहले झकझोर कर रख दिया और आज ठीक सात साल, तीन महीने और चार दिन बाद निर्भया के नाम लंबे समय तक लड़ा गया यह केस अपने आखिरी मुकाम को पार कर गया है।

निर्भया केस की वह वकील जिसने बदल डाला देश का इतिहास...!

संयम और हिम्मत की मिसाल यह बेटी-

इस केस को इसके अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने में जिसका सबसे बड़ा हाथ है वह है उत्तर प्रदेश की बेटी, पूरे देश की बेटी सीमा कुशवाहा का। सीमा कुशवाहा इस केस से जुड़ा एक ऐसा नाम है जो हर पल निर्भया की दर्दनाक कहानी से जुड़ी रही। इसमें कोई दो राय नहीं कि इस पूरे मामले में अगर सीमा ने अपनी निस्वार्थ सहभागिता न दी होती तो आज जो इंसाफ की एक नई दास्तां गढ़ी गई है वह संभव ना था। साल 2012 से लगातार सीमा कुशवाहा इस केस से जुड़ी रहीं। इस केस के हर पड़ाव को उन्होनें बड़े ही संयम और हिम्मत के साथ पार किया।

बचपन से ही थी होशियार-

वो कहते हैं ना कि किस्मत के आगे किसी की नहीं चलती। सीमा कुशवाहा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। वह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में काफी होशियार थी। उनका सपना आईएस अधिकारी बनने का था। पर संयोग और बनने वाली परिस्थितियों ने उन्हें बना डाला वकील। जब निर्भया के साथ यह घटना हुई थी तब पूरे देश में विद्रोह की एक लहर उठ चुकी थी। उस विद्रोह में उत्तर प्रदेश की यह बेटी भी शामिल थी। उसने तभी यह ठान लिया कि वह निर्भया को इंसाफ दिलवा कर रहेगी और आज उन्होनें ये कर दिखाया, सलाम है इनके जज्बे को।

निर्भया की मां से है एक खास रिश्ता-

कहते हैं कि अगर बच्चे को एक खरोंच भी आ जाए तो मां बेचैन हो उठती है। यहां तो उन दरिंदों ने ना सिर्फ निर्भया के शरीर को बल्कि उसकी आत्मा तक को रौंद डाला था। फिर कैसे वो मां शांत रह सकती थी जिसकी गोद में उसकी जवान बेटी ने इस कदर तड़पती रूह के साथ अपना दम तोड़ा हो। निर्भया के जाने के बाद जिस शिद्दत और निस्वार्थ भाव से सीमा ने इस पूरे केस को अंत तक लड़ा इस लड़ाई के सफर में वो निर्भया के मां की सच्ची साथी और कह सकते हैं कि दूसरी बेटी बन बैठी। आज निर्भया की मां के साथ इनका एक अलग ही भावनात्मक रिश्ता जुड़ चुका है।

आगे लिखनी है लंबी कहानी-

सीमा कुशवाहा का यह कहना है कि वो अपने इस सफर को अनवरत जारी रखेंगी। हर उस बेटी को इंसाफ दिलाएंगी जो रेप जैसे घृणित मामलों से जूझ रही होगी। वो 24 जनवरी 2014 को निर्भया ज्योति ट्रस्ट से भी जुड़ चुकी हैं जो निर्भया जैसे ही अन्य केसेज को देखने का काम करता है। यह ट्रस्ट निर्भया के माता-पिता द्वारा खोला गया है जिसमें कि निर्भया जैसी ही अन्य लड़कियों को जो कि रेप की घटनाओं से पीड़ित हैं उनके लिए निशुल्क लड़ाई लड़ी जाती है या उन्हें सही सुझाव दिया जाता है। 

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