लॉकडाउन में बेसहारा जानवरों की आप भी कर सकते हैं मदद, फॉलो करें यह टिप्स

मोनिका अग्रवाल

10th May 2020

कोरोना संक्रमण के चलते घरों में रहने के बावजूद आप किसी ना किसी रूप में परेशानी का अनुभव कर रहे होंगे। अब ज़रा कुछ पल के लिए सड़क पर घूमने वाले उन जानवरों का सोचिए, जिनके पास खाने-पीने का विकल्प तक मौजूद नहीं है। नौबत यहां तक आ गई है कि सड़कों पर घूमने वाले गाय, कुत्ते और बिल्लियां भूख से तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।

लॉकडाउन में बेसहारा जानवरों की आप भी कर सकते हैं मदद, फॉलो करें यह टिप्स

कोरोना संक्रमण के चलते घरों में रहने के बावजूद आप किसी ना किसी रूप में परेशानी का अनुभव कर रहे होंगे। अब ज़रा कुछ पल के लिए सड़क पर घूमने वाले उन जानवरों का सोचिए, जिनके पास खाने-पीने का विकल्प तक मौजूद नहीं है। नौबत यहां तक आ गई है कि सड़कों पर घूमने वाले गाय, कुत्ते और बिल्लियां भूख से तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। इस परिस्थिति से यदि तुलना करें तो आप और हम फिर भी बहुत अच्छे हालात में हैं। लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या हम सड़क पर घूमने वाले इन बेसहारा जानवरों के लिए कुछ कर सकते हैं ? तो जवाब है हां। आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताएंगे जिनकी मदद से आप इन बेसहारा जानवरों की मदद कर सकें, तो आइए शुरू करते हैं। 

बचा खाना भरेगा उनका पेट

लॉकडाउन के समय जानवरों को खाने की सबसे ज्यादा समस्या हो रही है। आवारा पशु सड़कों के किनारे लगने वाले सब्जी के ठेलों, खाने-पीने के सामान के ठेलों, सब्जी या अनाज मंडी आदि के सहारे अपना पेट भरते हैं। अब लॉकडाउन के बाद उन्हें इन जगहों के खाना मिलना बंद हो गया है। ऐसे में हमें कोशिश ये करनी चाहिए कि घर में जो भी खाना बनाएं, उसमें थोड़ा सा खाना अपने आसपास रहने वाले बेसहारा जानवरों के लिए बनाकर रख लें और उन्हें खिला दें। साथ ही बचा हुआ खाना भी फेंकने के बजाए उन्हें खिला दें।  राशन लेने जाएं तो ऐसी चीज़ें ले आएं जो जानवरों को खाने में दी जा सकें जैसे दलिया। दलिया ज्यादा महंगा भी नहीं होता और इसे खाने से जानवरों का पेट भी भर जाएगा। गर्मी के दिन हैं, ऐसे में घर के बाहर किसी बर्तन में गाय, कुत्तों और पक्षियों के लिए पानी रखना न भूलें। इससे वो कम से कम प्यासे नहीं मरेंगे।

ग्रुप बनाएं 

अकेले मदद करने से बेहतर है सबको साथ में लेना, इसलिए ऐसे सभी लोगों से संपर्क करें जो बेसहारा जानवरों की मदद करना चाहते हों।  इससे  ना सिर्फ दायरा व्यापक होगा बल्कि कई जानवरों को एक साथ मदद भी मिल सकेगी। आप व्हाट्सएप पर ग्रुप बनाकर उसमें बेसहारा जानवरों से संबंधी जानकारी, मसलन - खाने पीने, दवाई या अडॉप्ट करने से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं। इससे दूर बैठे लोग भी लॉकडाउन में बेसहारा जानवरों की मदद कर सकेंगे। 

ऑनलाइन डोनेशन 

यदि लॉकडाउन के चलते आप खुद घर से बाहर नहीं जा सकते तो ऑनलाइन मदद भेजें। आप ऐसे किसी संस्थान या अपने किसी मित्र को ऑनलाइन डोनेशन के जरिए मदद भेज सकते हैं जो बेसहारा जानवरों के लिए काम करते हों। यदि आप ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्थान को नहीं जानते हों तो भी ऑनलाइन सर्च करके ऐसे संस्थानों के बारे में पता लगाया जा सकता है। 

अडॉप्ट करें 

हाल ही में प्रकाशित हुई कुछ स्टडी यह दावा करती हैं कि घर में पालतू जानवर होने से डिप्रेशन के स्तर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। चूंकि, इस समय देशभर में लॉकडाउन की स्थिति है और बेसहारा पशुओं के हालात बेहद खराब हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप इन्हें अडॉप्ट कर सकें। इससे ना सिर्फ उन्हें आपका साथ मिलेगा बल्कि लॉकडाउन का यह समय भी आपका बहुत अच्छा कटेगा।

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