GREHLAKSHMI

FREE - On Google Play
OPEN

रामायण: घर-घर में राम बनकर पूजे जाने लगे थे अरुण गोविल

Richa Mishra Tiwari

14th May 2020

रामानंद सागर की 'रामायण' लॉकडाउन में जब दोबारा प्रसारित हुई तब भी सीरियल ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 33 साल बाद भी सीरियल को लेकर दर्शकों का क्रेज कम नहीं हुआ है।

रामायण: घर-घर में राम बनकर पूजे जाने लगे थे अरुण गोविल

ram

रामानंद सागर की 'रामायण' लॉकडाउन में जब दोबारा प्रसारित हुई तब भी सीरियल ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। 33 साल बाद भी सीरियल को लेकर दर्शकों का क्रेज कम नहीं हुआ है। यही नहीं इससे दूरदर्शन को इतना फायदा हुआ कि चैनल ने टीआरपी में भारी बढ़त बना ली। सीरियल में मुख्य किरदार करने वाले अभिनेता सोशल मीडिया पर सक्रिय हो गए हैं और फैंस से सीधे रूबरू होते हैं।


रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने एक्टिंग करियर की शुरुआत 1977 में फिल्म पहेली से की थी. उन्होंने सावन को आने दो, सांच को आंच नहीं, और इतनी सी बात , हिम्मतवाला, दिलवाला, हथकड़ी और लव कुश जैसी कई बॉलीवुड फिल्मों में अहम भूमिका निभाई है. अरुण गोविल को असली पहचान मिली रामानंद सागर के सीरियल रामायण से.


80 के दशक में जब रामायण शुरू हुआ, तो रविवार के दिन लोग सारे काम छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते थे. रामायण देखने के लिए सड़कें सूनी हो जाती थी. रामायण को अमर बना दिया राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने. उस दौर में अरुण गोविल को लोग भगवान राम ही समझ बैठते थे. वो जहां जाते थे, उनके पैर छूने के लिए लोगों की लाइन लग जाती थी.


रामायण के बाद
रामायण के बाद अरुण गोविल ने लव कुश, कैसे कहूं, बुद्धा, अपराजिता, वो हुए न हमारे और प्यार की कश्ती में जैसे कई पॉपुलर टीवी सीरियल्स में काम किया. लेकिन अरुण गोविल को जो पहचान रामायण से मिली, वो किसी और से नहीं मिली. अरुण आजकल मुंबई में प्रोडक्शन कंपनी चलाते हैं, जो दूरदर्शन के लिए सीरियल बनाता है.
अरुण गोविल ने बताया कि वह पहले कुछ शोज और फिल्मों में रामानंद सागर के कैंप में काम कर चुके थे. जब उन्हें खबर मिली कि सागर साहब रामायण बनाने जा रहे हैं तो उन्हें लगा कि उन्हें राम बनना चाहिए. अरुण गोविल ने बताया, "मैं उनके पास चला गया. मैंने कहा मैं राम का किरदार करना चाहता हूं. उन्होंने चश्मा ठीक करते हुए मुझे देखा और कहा कि ठीक है जब टाइम आएगा तब देखेंगे. टाइम आया और उन्होंने मेरा ऑडीशन लिया और आउटराइट रिजेक्ट कर दिया."
"एक रोज मुझे सागर साहब का फोन आया. उन्होंने कहा क्या कर रहे हो? मैंने कहा कुछ नहीं तो उन्होंने मुझे कहा कि जरा मिलने आ जाओ. मैं उनसे मिलने उनके घर गया तो उन्होंने कहा कि हमारी सिलेक्शन कमेटी ने ये तय किया है कि तेरे जैसा राम नहीं मिल रहा है." अरुण गोविल ने बताया कि शायद हर मोड़ पर इंसान की मर्जी तो नहीं चलती, उसकी जब चलती है ना तो किसी की नहीं चलती."

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

जानिए कहां ह...

जानिए कहां हैं रामानंद सागर के 'रामायण' की...

भगवान विष्णु...

भगवान विष्णु के दशावतार

देश के पहले ...

देश के पहले सीरियल 'हम लोग' की पूरी कहानी...

काबिलियत की ...

काबिलियत की "खान" इरफ़ान

पोल

आपकी पसंदीदा हिरोइन

गृहलक्ष्मी गपशप

पहली बार घर ...

पहली बार घर रहे...

लाॅकडाउन से पहले अक्षय कुमार की फिल्म सूर्यवंशी रीलीज़...

अनलाॅक 2 में...

अनलाॅक 2 में 31...

मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर्स ने कहा है कि जो डोमैस्टिक...

संपादक की पसंद

गुरु एक सेतु...

गुरु एक सेतु है,...

गुरु तो एक सेतु है, एक संभावना है। गुरु एक तरह की रिक्तता...

दिल जीत लेंग...

दिल जीत लेंगे जयपुर...

जयपुर को गुलाबी शहर कहा जाता है लेकिन ये महलों का शहर...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription