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लॉक डाउन एक सुनहरा अवसर

Sunil Juyal

17th May 2020

अंजेी मकहावत है there is only one thing certain that is uncertainty| अनतता केअलावा इस ससंार म कुछ भी नत नह | लेकन इस अनतता म कस कार उसका सामना करता हैयह दशात ा हैक हम कतने सुढ़ ह,हमारी मानसक श कतनी ह|

लॉक डाउन एक सुनहरा अवसर

कोरोना वायरस एक ऐसी महामारी हैजसनेपूरेव को एक साथ भावत कया है।कोई ाकृतक आपदा ,यु या आतंक हमला केवल उसी थान को भावत करता हैलेकन इस महामारी नेसंपूणव केमानव जात केमानस पटल पर बत गहरा असर कया है। अनजान कोरोना वायरस नेसबको हला कर रख दया है। universe has shaken us only to awaken us| यह परथत हमजागतृकरनेकेलए आई ह।

डर का मानव जीवन पर असर:-

कोरोनावायरस सेबचाव केलए पूरेभारत म25 माचको लॉक डाउन कया गया जसकेचलतेजो जस थान पर थेवह रहनेको मजबूर हो गए। देश का सपंूणकारोबार बदंहो गया ।मानव जीवन ठहर सा गया। लोगो का आपसी मेल मलाप खम हो गया। अचानक आए इस बदलाव नेमनुय केमन मेचता ,ख ,परेशानी व डर क लहर पैदा कर द। इस डर क वजह सेकई डेशन मचलेगए व कुछ बीमारी सेसत लोग नेडर क वजह सेअपनेजीवन को खम कर लया ।महामारी सेभी यादा मनुय केजीवन पर डर केकारण यादा असर हो रहा है।

कहानी ाचीन समय मकोई बीमारी आती थी तो कुछ साधुशहर क रा केलए शहर क सीमा पर खड़ेहोतेथ।ेबीमारी को आनेसेपहलेपूछतेथेक तुम कतनेलोग को लेजाओगे।असर बीमारी अकेली नह आती है, वह अपनेसाथ 2 साथी ख व भय को भी लेकर आती है,बीमारी कहती मइतनेलोग को लेजाऊंगी , ख कहता क मबीमारी जतनो को ले जाएगी उससेआधेलेजाऊंगा और भय नेकहा मकसी को नह लेकर जाऊंगा ।साधुनेतीन को जानेदया ।धीरेधीरे बीमारी सब जगह फैल गई और जब जानेलगी तब साधुनेदेखा क जसनेजतनेकहेथेउससेउतनेही लोग खम ए थे लेकन भय सेसबसेयादा खम ए थेतो उससेपूछा क तुमनेतो कहा था क कसी को नह लेजाओगेतो भय नेजवाब दया क मकसी को नह लेजा रहा ,ंयह खुद ही मेरेसाथ चल रहेह।आज भी ऐसा बीमारी केसाथ डर का माहौल बनता जा रहा है।

यह महामारी और लॉकडाउन हमारी आंतरक श को जागतृकरनेकेलए व जीवन मजो चीजमहवपूणहजनसेहमारा यान भटका आ हैउस पर यान कत करानेकेलए आई ह।"lockdown is for look in"

लॉकडाउन कुछ नया करनेका अवसर :-  इंलड मरहनेवालेमशर आइसेक यटून जब कज यूनवसट मपढ़ाई कर रहे थे, उहलग रहा था क जो पढ़ाई वो कर रहेह,वो बत आउट-डेटड है| वो सोचतेथेक कुछ नया कासेट आना चाहए, कुछ नए रसचस जेहोनेचाहए, कुछ नया और हट केहोना चाहए| उहउस कज यूनवसट मपढ़तेए चार साल हो गय,े लेकन उहकुछ अलग करनेका समय नह मल रहा था| इसकेबाद सन्1665 मयूबोनक नाम क एक महामारी आई| इस समय जो हालात है, वह हालात हो गए थे| हर जगह अभी क तरह लॉक डाउन हो गया था| जब हर जगह लॉक डाउन हो गया था, तो सभी अपन-ेअपनेघर मही बैठेरहतेथ|ेआइसकेघर मबठैकर उन बात को सोच रहेथ,ेजहसोचनेकेलए उहसमय नह मलता था| वह घर मआराम सेबठैकर सोच रहेथे, यक अभी उनकेपास समय ही समय था| जब वह सेफ आइसोलेशन मथे, तो वह एक दन अपनेगाडन मघूमनेनकले, तब उहनेगाडन मएक पेड़ सेसबेका फल गरते देखा| उहनेबत गभंीर प सेउस सबेको गरतेए देखा और फर उस नकारामक सेमाहौल मसकारामकता दखाकर, उहनेनया को "Universal Law of gravity( गुवाकषण का नयम) दया। जब उस समय पूरी नया म नकारामकता फैली ई थी| तो आइसकेयटून अपनेअदर सकारामकता लेकर बढ़ रहेथे, कुछ अलग सोच रहेथे, कुछ अलग करना चाह रहेथे| हम भी जदगी मकुछ नया कमाल कर सकतेह, उसकेलए जरी हैक हम अपनेआप को एनलेाइज कर|

इस लॉकडाउन मखुद को सकारामक रखनेकेलए या करव या ना कर:-

1.समय बदलता रहता है।कुछ भी सदा काल केलए नही रहता। कब तक खम होगा,या होगा ,कतना समय और बढ़ेगा ये सरकार क सोच का वषय है। हम येसोचेक येबीमारी या लॉकडाउन भी कुछ समय केलए आया है,जद ही बीत जाएगा। जो हमारेनयंण महउसकेबारेमसोच।सब अछा होगा । यह सोचेक हमारेपास बजली, पानी ,इटंरनटेवा राशन आद सब कुछ हैऔर हम अपनेघर सरुत ह,वह लोग जो बाहर देश सेवा मह,असरुा केमाहौल महउनका शुया कर।

2. इस समय जब चार और नकारामकता का माहौल है।नकारामक लोगो व समाचार सेर रहे।सकारामक लोगो सेही फोन पर बात करे। सोशल डटसग केसाथ-साथ नगेेटव थॉट सेभी री बनाकर रखनी है। हाथ को धोनेकेसाथ-साथ मन को भी साफ रखना है।

3.अछ व ेरणादायी कताबपढ़कर खुद को ोसाहत करनेकेलए समय मला है। पॉजटव रहकर पॉजटवट फैलाएं जससेसरेकेचहेरेपर भी खुशी ला सक।

4. अकेलेपन मबोर होनेक बजाय हम खुद केबेट ड बन जाये।अपनेअदंर जाकर खुद सेबातकरगेतो खुशी महसूस होगी। "lockdown is for look inward"।

5. खाली दमाग शतैान का घर, इसलए अपनेको कसी न कसी कायमबजी रख। साफ सफाई ,बच केसाथ खेलना ,पटग,गीत गाना या खाना बनानेआद कसी भी तरीकेसेअपना मनोरंजन कर खुद को बजी रख। यह सोचेअभी अपनी कला ,वशषेता ,हॉबीज को आगेबढ़ानेका बत सदुंर अवसर मला ह.ैकुछ नया सीखनेको नह मल रहा हैतो आप अपनेघर मबठैे-बठैेइटरनटेकेमायम सेकुछ नया सीख सकतेह|

6.जो कंपनय मया कोई और जॉब करतेह, वह लोग सोचतेहक मुझेअपनेलए कुछ अलग करनेका परवार केसाथ बठैनेका समय नह मल रहा ह,ैअभी लॉकडाउन मबच केसाथ साथ उहभी वेकेशन का मौका मला है। अभी घर मबठैे ए कुछ सोच सकतेहऔर कुछ अलग कर सकतेह|बच व परवार केसाथ समय बता सकतेह,उहसमझ सकतेह, उनक देखभाल कर सकतेहै।

7.हर समया केदो पहलूहोतेह,सकारामक व नकारामक ।इस लोक डाउन मभी बत कुछ सकारामक आ हैजैसेक वायुव वन षण कम होना ,वछता केत जागकता होना ,नदय का पानी साफ होना, कृत का हरा भरा होना ,ओजोन लेयर का छेद भरना ,अपराधक केस व एसीडट सेमृयुना केबराबर होना आद। सबको अपना घर का काम खुद करनेक आदत ई है,देश केसभी वगचाहेकसी भी धम,मजहब व पाट सेहो सब इस समया केसमय एकजुट हो गए ह।

8.अभी समय हैमेडटेशन (राजयोग) ारा परमामा सेजड़ुकर अपनेअदंर खोई ई शय को जागतृकर खुद को आंतरक प सेसश बनानेका।शारीरक इयूनट बढ़ानेकेसाथ-साथ अपनेमन को भी नगेेटवट सेबचानेकेलए इयूनट बढ़ानी होगी तभी हम इस बीमारी पर जीत पा सकतेहव खुद को तनावत होनेसेबचा सकतेह।ाकुमारी सेवा क ारा इसकेलए ऑनलाइन मेडटेशन कोसयूबूव वेबीनार ारा सब इछुक भाई बहन को सखाया जा रहा है। संथा सेजुड़ेए भाई बहन को भी घर बैठेवर राजयोगी तपवी ारा ेरणादाई उसाहवधक लाससेसमय त समय द जा रही हजससेसभी मउमंग उसाह व खुशी बनी रहे।

"लोकडाउन मखुद को सश बनाना ह

कोरोना वा नगेेटवट को र भगाना ह"ै।

 

ब्रह्मा कुमारी कोमल ,डफस कॉलोनी,

कोरोना वायरस एक ऐसी महामारी हैजसनेपूरेव को एक साथ भावत कया है।कोई ाकृतक आपदा ,यु या आतंक हमला केवल उसी थान को भावत करता हैलेकन इस महामारी नेसंपूणव केमानव जात केमानस पटल पर बत गहरा असर कया है। अनजान कोरोना वायरस नेसबको हला कर रख दया है। universe has shaken us only to awaken us| यह परथत हमजागतृकरनेकेलए आई ह।ै डर का मानव जीवन पर असर:- कोरोनावायरस सेबचाव केलए पूरेभारत म25 माचको लॉक डाउन कया गया जसकेचलतेजो जस थान पर थेवह रहनेको मजबूर हो गए। देश का सपंूणकारोबार बदंहो गया ।मानव जीवन ठहर सा गया। लोगो का आपसी मेल मलाप खम हो गया। अचानक आए इस बदलाव नेमनुय केमन मेचता ,ख ,परेशानी व डर क लहर पैदा कर द। इस डर क वजह सेकई डेशन मचलेगए व कुछ बीमारी सेसत लोग नेडर क वजह सेअपनेजीवन को खम कर लया ।महामारी सेभी यादा मनुय केजीवन पर डर केकारण यादा असर हो रहा है। कहानी ाचीन समय मकोई बीमारी आती थी तो कुछ साधुशहर क रा केलए शहर क सीमा पर खड़ेहोतेथ।ेबीमारी को आनेसेपहलेपूछतेथेक तुम कतनेलोग को लेजाओगे।असर बीमारी अकेली नह आती है, वह अपनेसाथ 2 साथी ख व भय को भी लेकर आती है,बीमारी कहती मइतनेलोग को लेजाऊंगी , ख कहता क मबीमारी जतनो को ले जाएगी उससेआधेलेजाऊंगा और भय नेकहा मकसी को नह लेकर जाऊंगा ।साधुनेतीन को जानेदया ।धीरेधीरे बीमारी सब जगह फैल गई और जब जानेलगी तब साधुनेदेखा क जसनेजतनेकहेथेउससेउतनेही लोग खम ए थे लेकन भय सेसबसेयादा खम ए थेतो उससेपूछा क तुमनेतो कहा था क कसी को नह लेजाओगेतो भय नेजवाब दया क मकसी को नह लेजा रहा ,ंयह खुद ही मेरेसाथ चल रहेह।आज भी ऐसा बीमारी केसाथ डर का माहौल बनता जा रहा है। यह महामारी और लॉकडाउन हमारी आंतरक श को जागतृकरनेकेलए व जीवन मजो चीजमहवपूणहजनसेहमारा यान भटका आ हैउस पर यान कत करानेकेलए आई ह।"lockdown is for look in" लॉकडाउन कुछ नया करनेका अवसर :- इंलड मरहनेवालेमशर आइसेक यटून जब कज यूनवसट मपढ़ाई कर रहे थे, उहलग रहा था क जो पढ़ाई वो कर रहेह,वो बत आउट-डेटड है| वो सोचतेथेक कुछ नया कासेट आना चाहए, कुछ नए रसचस जेहोनेचाहए, कुछ नया और हट केहोना चाहए| उहउस कज यूनवसट मपढ़तेए चार साल हो गय,े लेकन उहकुछ अलग करनेका समय नह मल रहा था| इसकेबाद सन्1665 मयूबोनक नाम क एक महामारी आई| इस समय जो हालात है, वह हालात हो गए थे| हर जगह अभी क तरह लॉक डाउन हो गया था| जब हर जगह लॉक डाउन हो गया था, तो सभी अपन-ेअपनेघर मही बैठेरहतेथ|ेआइसकेघर मबठैकर उन बात को सोच रहेथ,ेजहसोचनेकेलए उहसमय नह मलता था| वह घर मआराम सेबठैकर सोच रहेथे, यक अभी उनकेपास समय ही समय था| जब वह सेफ आइसोलेशन मथे, तो वह एक दन अपनेगाडन मघूमनेनकले, तब उहनेगाडन मएक पेड़ सेसबेका फल गरते देखा| उहनेबत गभंीर प सेउस सबेको गरतेए देखा और फर उस नकारामक सेमाहौल मसकारामकता दखाकर, उहनेनया को "Universal Law of gravity( गुवाकषण का नयम) दया। जब उस समय पूरी नया म नकारामकता फैली ई थी| तो आइसकेयटून अपनेअदर सकारामकता लेकर बढ़ रहेथे, कुछ अलग सोच रहेथे, कुछ अलग करना चाह रहेथे| हम भी जदगी मकुछ नया कमाल कर सकतेह, उसकेलए जरी हैक हम अपनेआप को एनलेाइज कर| इस लॉकडाउन मखुद को सकारामक रखनेकेलए या करव या ना कर:- 1.समय बदलता रहता है।कुछ भी सदा काल केलए नही रहता। कब तक खम होगा,या होगा ,कतना समय और बढ़ेगा ये सरकार क सोच का वषय है। हम येसोचेक येबीमारी या लॉकडाउन भी कुछ समय केलए आया है,जद ही बीत जाएगा। जो हमारेनयंण महउसकेबारेमसोच।सब अछा होगा । यह सोचेक हमारेपास बजली, पानी ,इटंरनटेवा राशन आद सब कुछ हैऔर हम अपनेघर सरुत ह,वह लोग जो बाहर देश सेवा मह,असरुा केमाहौल महउनका शुया कर। 2. इस समय जब चार और नकारामकता का माहौल है।नकारामक लोगो व समाचार सेर रहे।सकारामक लोगो सेही फोन पर बात करे। सोशल डटसग केसाथ-साथ नगेेटव थॉट सेभी री बनाकर रखनी है। हाथ को धोनेकेसाथ-साथ मन को भी साफ रखना है। 3.अछ व ेरणादायी कताबपढ़कर खुद को ोसाहत करनेकेलए समय मला है। पॉजटव रहकर पॉजटवट फैलाएं जससेसरेकेचहेरेपर भी खुशी ला सक। 4. अकेलेपन मबोर होनेक बजाय हम खुद केबेट ड बन जाये।अपनेअदंर जाकर खुद सेबातकरगेतो खुशी महसूस होगी। "lockdown is for look inward"। 5. खाली दमाग शतैान का घर, इसलए अपनेको कसी न कसी कायमबजी रख। साफ सफाई ,बच केसाथ खेलना ,पटग,गीत गाना या खाना बनानेआद कसी भी तरीकेसेअपना मनोरंजन कर खुद को बजी रख। यह सोचेअभी अपनी कला ,वशषेता ,हॉबीज को आगेबढ़ानेका बत सदुंर अवसर मला ह.ैकुछ नया सीखनेको नह मल रहा हैतो आप अपनेघर मबठैे-बठैेइटरनटेकेमायम सेकुछ नया सीख सकतेह| 6.जो कंपनय मया कोई और जॉब करतेह, वह लोग सोचतेहक मुझेअपनेलए कुछ अलग करनेका परवार केसाथ बठैनेका समय नह मल रहा ह,ैअभी लॉकडाउन मबच केसाथ साथ उहभी वेकेशन का मौका मला है। अभी घर मबठैे ए कुछ सोच सकतेहऔर कुछ अलग कर सकतेह|बच व परवार केसाथ समय बता सकतेह,उहसमझ सकतेह, उनक देखभाल कर सकतेहै। 7.हर समया केदो पहलूहोतेह,सकारामक व नकारामक ।इस लोक डाउन मभी बत कुछ सकारामक आ हैजैसेक वायुव वन षण कम होना ,वछता केत जागकता होना ,नदय का पानी साफ होना, कृत का हरा भरा होना ,ओजोन लेयर का छेद भरना ,अपराधक केस व एसीडट सेमृयुना केबराबर होना आद। सबको अपना घर का काम खुद करनेक आदत ई है,देश केसभी वगचाहेकसी भी धम,मजहब व पाट सेहो सब इस समया केसमय एकजुट हो गए ह। 8.अभी समय हैमेडटेशन (राजयोग) ारा परमामा सेजड़ुकर अपनेअदंर खोई ई शय को जागतृकर खुद को आंतरक प सेसश बनानेका।शारीरक इयूनट बढ़ानेकेसाथ-साथ अपनेमन को भी नगेेटवट सेबचानेकेलए इयूनट बढ़ानी होगी तभी हम इस बीमारी पर जीत पा सकतेहव खुद को तनावत होनेसेबचा सकतेह।ाकुमारी सेवा क ारा इसकेलए ऑनलाइन मेडटेशन कोसयूबूव वेबीनार ारा सब इछुक भाई बहन को सखाया जा रहा है। संथा सेजुड़ेए भाई बहन को भी घर बैठेवर राजयोगी तपवी ारा ेरणादाई उसाहवधक लाससेसमय त समय द जा रही हजससेसभी मउमंग उसाह व खुशी बनी रहे। "लोकडाउन मखुद को सश बनाना है कोरोना वा नगेेटवट को र भगाना ह"ै।
"लोकडाउन मखुद को सश बनाना है कोरोना वा नगेेटवट को र भगाना ह"ै।

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