एक खुशहाल परिवार की क्या होती हैं विशेषताएं? आप भी जानिए

मोनिका अग्रवाल

1st June 2020

परिवार सार्वभौमिक होते हैं और इसमें विवाहित पुरूष, महिला व उनके बच्चे शामिल होतेहैं। परिवार का अर्थ है कुछ संबंधित लोगों को समूह जो एक ही घर में रहते हैं। परिवारके सदस्य, परिवार से जन्म, विवाह व गोद लिये जाने से संबंधित होते हैं। इससे परिवारकी तीन विशेषताएं पता चलती हैं

एक खुशहाल परिवार की क्या होती हैं  विशेषताएं? आप भी जानिए

खुशहाल परिवार

हर व्यक्ति हंसते खेलते परिवार का सपना देखता है। परिवार के सदस्यों के बीच प्यार हो तो हंसते-हंसते बड़ी से बड़ी मुसीबत का सामना किया जा सकता है। हालांकि परिवार के सदस्यों के बीच मजबूत बॉन्डिंग बनाना आसान नहीं होता। जो परिवार इसमें सफल होते हैं उनमें रिश्तों की एक से बढ़ाकर एक परिभाषाएं देखने को मिलती हैं और जो सफल नहीं हो पाते, उनमें लड़ाई-झगड़े, द्वेष उत्पन्न हो जाते हैं। लेकिन कोशिश की जाए तो सब कुछ संभव है। एक परिवार में सुखद रिश्तों की नींव कैसे बनती है और मजबूत परिवार की विशेषताएं क्या होती हैं, आइये डालते हैं एक नजर…

साथ वक्त बिताना: रिश्ते बगिया की तरह होते हैं। इन्हें जितने प्यार और सम्मान से सीचेंगे, आपको उतने ही बेहतर परिणाम मिलेंगे। रिश्तों को सहेजने के लिए उन्हें वक्त देना बहुत जरुरी है। ऐसे में परिवार के सदस्यों के बीच बेहतरीन बॉन्डिंग तब बनती है जब वह एक दूसरे के साथ वक्त बिताने से नहीं हिचकिचाते। इसके लिए वक्त निकालकर कोई एक्टिविटी या वेकेशन प्लान करते हैं या तो गेट-टुगेदर साथ करते हैं और खाना भी साथ खाते हैं तो रिश्तों में मिठास घुलना तो लाजिमी है। आप भी ये आजमाकर देखें। अगर आप बिजी होने के चलते किसी एक्टिविटी में हिस्सा नहीं ले सकते तो दूसरे सदस्य को सहयोग कर उसका हौसला बढ़ाएं।

संवाद से सुलझते रिश्ते: रिश्तों को सहेजने में संवाद का महत्वपूर्ण स्थान है। परिवार में सभी को अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। क्या बातें उस सदस्य को अच्छी लग रही है और क्या नहीं, वो यह खुलकर बता सके, ये जरुरी है। ऐसे में जिन परिवारों में हर सदस्य के विचारों को सम्मान दिया जाता है, वहां कभी लड़ाई-झगड़े हो ही नहीं सकते। ऐसे परिवारों में रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए सामने वाले की बातें ध्यान से सुना जाता है। अच्छे श्रोता बनकर। उसके विचारों को सम्मान दिया जाता है ताकि कोई भी परेशानी का हल बातचीत में ही निकल आए। 

तारीफ है जरुरी:  हर सदस्य अपनी क्षमता के मुताबिक परिवार में योगदान देने की कोशिश करता है। ऐसे में उसकी कोशिशों का सम्मान कर उसकी तारीफ करने से परिवार में खुशहाली आती है।। थैंक यू और छोटी सी तारीफ भी सामने वाला का हौसला कई गुना बढ़ा देती है। इससे सदस्यों के बीच रिश्तों के साथ-साथ कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है। 

 

समर्पण: मजबूत परिवारों के सदस्य अपने फैसलों में परिवार को प्राथमिकता देते हैं।कोई भी फैसला लेने से पहले यह सोच लेते हैं कि इसका परिवार के अन्य सदस्यों पर क्या असर पड़ेगा। एक दूसरे को ध्यान में रखकर लिए फैसलों से आपसी सौहार्द बढ़ता है और परिवार में भी खुशहाली आती है। 

हर मुश्किल में साथ: एक मजबूत परिवार के सदस्य मुसीबत के समय भी साथ टिके रहते हैं। बातचीत, विचार-विमर्श और सकारात्मक सोच से वह बड़ी से बड़ी मुसीबत से बाहर निकल आते हैं। सदस्यों के बीच एकजुटता से बड़ी से बड़ी परेशानी का हल चुटकियों में निकल आता है।

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