इंटीमेंट हाइजीन प्रोडक्ट बन सकता है यूटीआई का कारण

मोनिका अग्रवाल

5th June 2020

ऐसे कई कारण हैं जो यूटीआई की वजह बन सकते हैं जैसे गंदे टाॅयलेट का इस्तेमाल, बिना धुले स्टैण्ड या पी डिवाइसेज़ का इस्तेमाल, जिन पर लम्बे समय तक यूरीन रहने के कारण बैक्टीरिया विकसित हो गए हों, ये बैक्टीरिया ब्लैडर में जाकर इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं।

इंटीमेंट हाइजीन प्रोडक्ट बन सकता है यूटीआई का कारण

आपका इंटीमेंट हाइजीन प्रोडक्ट

पूजा  (बदला हुआ नाम) को जब पता चला कि उन्हें यूरीनरी टैªैक्ट इन्फेक्शन हो गया है, तो वह परेशान हो गई। इसी की वजह से उन्हें पेल्विक में दर्द, बुखार, उल्टी हो रही थी और उनके यूरीन के साथ खून भी आ रहा था। वह इस पर यकीन ही नहीं कर पा रही थी क्योंकि वह अपनी पर्सनल हाइजीन का खास ध्यान रखती हैं और नियमित रूप से हाइजीन प्रोडक्ट इस्तेमाल करती हैं। 

शहरी क्षेत्रों में महिलाएं नियमित रूप से इंटीमेट फेमिनाईन हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं, डाॅक्टरों का कहना है कि इस तरह के प्रोडक्ट नुकसानदायक हो सकते हैं। कई मामलों में इस तरह के प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के कारण इन्फेक्शन हुआ है, क्योंकि इनका पीएच योनी के पीएच से अलग होता है। ऐसे कई कारण हैं जो यूटीआई की वजह बन सकते हैं जैसे गंदे टाॅयलेट का इस्तेमाल, बिना धुले स्टैण्ड या पी डिवाइसेज़ का इस्तेमाल, जिन पर लम्बे समय तक यूरीन रहने के कारण बैक्टीरिया विकसित हो गए हों, ये बैक्टीरिया ब्लैडर में जाकर इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं। 

गुप्तांगों को धोकर साफ करना बहुत ज़रूरी है, इससे आप इन्फेक्शन से बच सकती हैं और पीएच का संतुलन भी ठीक बना रहता है। माहवारी से पहले योनी का पीएच 7 होता है जबकि प्रजनन की उम्र में यह 3.8 से 4.4 हो सकता है। मेनोपाॅज़ के समय पीएच 4.5 से 5 या 6.5 से 7 तक हो सकता है जो इस बात पर भी निर्भर करता है कि महिला हाॅर्मोनल थेरेपी ले रही है या नहीं। इसके अलावा हर महिला में योनी का अपना माइक्रोबायोम संतुलन होता है।

 

ऐसे कई कारण हैं जो यूटीआई की वजह बन सकते हैं जैसे गंदे टाॅयलेट का इस्तेमाल, बिना धुले स्टैण्ड या पी डिवाइसेज़ का इस्तेमाल, जिन पर लम्बे समय तक यूरीन रहने के कारण बैक्टीरिया विकसित हो गए हों, ये बैक्टीरिया ब्लैडर में जाकर इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं। 

 

आजकल शहरी महिलाओं में इंटीमेट हाइजीन प्रोडक्ट बेहद लोकप्रिय हैं जैसे वाॅश, वाईप, शेविंग जैल, लुब्रिकेन्ट आदि। महिलाएं अपनी पर्सनल हाइजीन के लिए इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि कई अध्ययनों से पता चला है कि जैल सैनिटाइज़र के कारण यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा 8 गुना और बैक्टीरियल इन्फेक्शन का खतरा 20 गुना तक बढ़ सकता है। इंटीमेट वाॅश के इस्तेमाल से बैक्टीरियल इन्फेक्शन की संभवना 3.5 तक बढ़ सकती है और यूटीआई की संभावना भी दोगुना तक बढ़ सकती है। 

 

इनमें से ज़्यादातर वाॅश गुप्तांगों के बाहरी हिस्से की सफाई के लिए होते हैं, हांलाकि योनी में अपने आप को साफ करने का सिस्टम होता है, इसे साफ करने के लिए सिर्फ पानी ही पर्याप्त है। विज्ञापनों और मीडिया संदेशों के चलते हम इस तरह के प्रोडक्ट्स पर भरोसा कर लेते हैं। इनमें इस्तेमाल किए जाने वाले कृत्रिम रसायन और गंध शरीर के इस नाजु़क हिस्से के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं, जो खुजली, जलन, सूजन और दर्द आदि का कारण बन सकते हैं। 

योनी का पीएच सामान्य बनाए रखने के लिए प्रोबायोटिक और योगहर्ट का सेवन करने तथा सेक्स के दौरान कंडोम का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। इसके मलावा यूटीआई या एसटीडी से पीड़ित महिलाओं को इंटीमेट हाइजीन के प्रोडक्ट इस्तेमाल नहीं करने चाहिए। हमेशा हल्के कपड़े जैसे काॅटन से बनी पेंटी ही पहनें। नाॅन-ब्रीदेबल कपड़े पहनने से गुप्तांगों की त्वचा का तापमान और नमी बढ़ सकती है और पीएच असंतुलित हो सकता है। इसके अलावा आजकल बिकनी वैक्स का चलन भी बढ़ गया है, जो इस नाजु़क हिस्से में इन्फेक्शन का कारण बन सकता है। 

इसलिए काॅमर्शियल इंटीमेट फेमिनाईन प्रोडक्ट्स का नियमित इस्तेमाल न करें, खासतौर पर अगर आप फंगल या यीस्ट इन्फेक्शन से पीड़ित हैं। हालांकि आप पीरियड्स से पहले या बाद में इनका इस्तेमाल कर सकती हैं। अगर आपको योनी में दर्द या असामान्य डिस्चार्ज की शिकायत हो तो इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने के बजाए तुरंत गायनेकोलोजिस्ट से संपर्क करें।

Input-डाॅ मनीषा रंजन, कन्सलटेन्ट आॅब्स्टेट्रिशियन एवं गायनेकोलोजिस्ट, मदरहुड हाॅस्पिटल, नोएडा

यह भी पढ़ें -बाजुओं को मजबूत बनाने वाले योगासन

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