सिरदर्द को न लें हल्के में

Jyoti Sohi

8th June 2020

आमतौर पर हम लोग सिरदर्द, बहती नाक, छींक आना, हल्का बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर गौर नहीं करते और न ही गंभीरता से उसका इलाज करते हैं। मगर आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि मामूली से दिखने वाले ये लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकते हैं जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये हमारे लिए जानलेवा भी साबित हो सकते है।

सिरदर्द को न लें हल्के में
दौड़़भाग से भरी इस जिंदगी में लोग अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे पाते और नतीजन शरीर छोटी-छोटी बीमारियों का घर बन जाता है। भले ही ये बीमारियां सामान्य लगती हों, लेकिन आगे चलकर गंभीर रूप ले लेती हैं। सिरदर्द भी इन्हीं बीमारियों में से एक है। आमतौर पर हम लोग सिरदर्द, बहती नाक, छींक आना, हल्का बुखार जैसी स्वास्थ्य समस्याओं पर गौर नहीं करते और न ही गंभीरता से उसका इलाज करते हैं। मगर आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि मामूली से दिखने वाले ये लक्षण किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर भी इशारा कर सकते हैं जिस पर अगर समय रहते ध्यान न दिया जाए तो ये हमारे लिए जानलेवा भी साबित हो सकते है। सरदर्द सर के किसी भी हिस्से में होने वाला एक ऐसा दर्द है, जो एक बिंदू से शुरू होकर पूरे शरीर में फैल जाता है और बहुत सी बीमारियों के मुख्य लक्षणों में पाया जाता है।  
आखिर क्यों आपको सिरदर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आइए जानते है सिरदर्द से जुड़ी गंभीर बीमारियों के बारे में
ब्लड क्लाॅट
कई बार ब्रेन में अगर किसी तरह का ब्लड क्लाॅट बन जाए तो उस वजह से भी सिरदर्द होने लगता है। अगर आपको कभी-कभार बहुत गंभीर सिरदर्द होने लगता है और दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाए तो आपको डाक्टर से संपर्क करना चाहिए। अगर समय रहते इलाज न हो तो ये ब्लड क्लाॅट स्ट्रोक में परिवर्तित हो सकते हैं जो जानलेवा भी साबित हो सकता है।
आप्टिक न्यूराइटिस
अगर आंखों के पीछे वाले सिर के हिस्से में दर्द हो रहा तो यह आॅप्टिक न्यूराइटिस का लक्षण हो सकता है। इसमें दिमाग से आंखों तक जानकारी पहुंचाने वाली नसों को नुकसान पहुंचता है जिस वजह से देखने में दिक्कत होती है और कई बार आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है।
ब्रेन ट्यूमर
लंबे समय से बनी हुई सिरदर्द की समस्या माइग्रेन, ट्यूमर या नर्वस सिस्टम से जुड़ी दूसरी बीमारी भी हो सकती है। कभी-कभी ज्यादा दिनों तक लगातार 
सिरदर्द होने से शरीर के बाकी अंगों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे इनकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो जाती है। ब्रेन ट्यूमर के लक्षण सामान्य या विशेष हो सकते हैं। इनमें से एक लक्षण मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी पर दबाव महसूस होने के रूप में भी सामने आता है। इसके साथ ही दिमाग का एक हिस्सा ब्रेन ट्यूमर के कारण ठीक से काम करना बंद कर देता है। ब्रेन ट्यूमर की समस्या से ग्रस्त मरीजों को सिर में तेज दर्द या दूसरी परेशानियों का अनुभव होता है। इसका कारण ब्रेन ट्यूमर ही होता है।
माइग्रेन
सिर के एक तरफ अक्सर मध्यम से तीव्र दर्द पैदा करता है। सिरदर्द के साथ मतली, उल्टी, और प्रकाश और ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता हो सकती है। कभी कभी आधे सिर में दर्द के साथ उल्टी जैसा मन होना माईग्रेन की शिकायत हो सकती है।
सर्वाइकल
सिर में होने वाला दर्द नर्वस सिस्टम और गर्दन से जुड़ी हुई एक समस्या है। सिर दर्द एक बहुत सामान्य समस्या है पर कई बार ये इतना तेज होता है कि बर्दाश्त कर पाना मुश्कलि हो जाता है। अगर आपको लगातार सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो इसे नज़र अंदाज़ न करें क्यों की ये माइग्रेन का कारण हो सकता है। मरीज के सिर में बार-बार हल्का और तेज दर्द होना माइग्रेन के लक्षण होते हैं। इससे सिर में असहनीय रूप से तेज दर्द होता है और मस्तिष्क के एक हिस्से में कंपन का अनुभव होने लगता है। यह दर्द अक्सर सिर में एक तरफ होता है, हालांकि दोनों तरफ भी हो सकता है। 
पानी की कमी
कई बार पानी की कमी से भी सिरदर्द की समस्या बनी रहती है। खानापान का खास ख्याल रखें और भोजन नियमित रूप से खाएं। साथ ही अपने अंदर पानी की कमी न होने दें ताकि शरीर में आक्सीजन बनी रहे।   
तनाव आधारित सिरदर्द
इसके लक्षणों में सिर के दोनों हिस्सों में दबाव और हल्के से मध्यम सिरदर्द शामिल हैं। दर्द आमतौर पर गर्दन और सिर के पिछले हिस्से से चारों ओर फैलता है।
बीमारी 
शरीर के दूसरे अंगों में बीमारियां जैसे कि आंख, कान, नाक और गले की दिक्कत से भी सिरदर्द होता है।
एनवायनरमेंटल फैक्टर  
ये फैक्टर भी तेज सिरदर्द के लिए जिम्मेदार होते हैं, जैसे गाड़ी के इंजन से निकलने वाली कार्बनमोनोआॅक्साइड सिरदर्द की वजह बन सकती है।
नींद पूरी न होना  
नींद पूरी न होने से पूरा नर्वस सिस्टम प्रभावित होता है और दिमाग की मसल्स में खिंचाव होता है, जिससे सिरदर्द होता है। पूरी नींद शरीर को तंदरूस्त और तनाव मुक्त र,सने के लिए बेहद ज़रूरी है।
गैस की अधिकता 
वक्त पर खाना न खाने से कई बार शरीर में ग्लूकोज की कमी हो जाती है या उल्टा-सीधा भोजन करने से पेट में गैस बन जाती है, जिससे सिरदर्द हो सकता है।
स्मोकिंग और अल्कोहल 
अल्कोहल के अधिक सेवन से भी सिरदर्द होता है। स्मोकिंग और अल्कोहल के सेवन से खून की नलियां और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है, जिससे दिमाग तक खून ठीक से नहीं पहुंचता है और तेज सिरदर्द हो जाता है। 
हर्पीस जोस्टर 
इस बीमारी के होने पर रोगी के शरीर के एक तरफ की त्वचा पर पानी वाले दाने निकलते हैं। इस वजह से रोगी को त्वचा में खुजली या दर्द या जलन या सुन्नपन या झनझनाहट की परेशानी होती है। धीरे-धीरे इन दानों में पानी भर जाता है। इसके अलावा बुखार, सिरदर्द और थकान की शिकायत भी कई रोगियों को होने लग जाती हैं। कई रोगियों में सिरदर्द काफी तेज होता है। 
ब्लडप्रेशर की समस्या 
खराब लाइफ स्टाइल और असंतुलित डाइट के कारण ब्लडप्रेशर की समस्या आम है। ऐसे में बीपी का सामान्य संकेत है लगातार होने वाला सिर दर्द। हालांकि सिर दर्द के और भी कई कारण हो सकते हैं। पर हाई बीपी में इसे एक सामान्य कारण माना जाता है। 
आंखों की कमज़ोरी
सिर में दर्द का एक अहम् कारण आंखों की रोशनी का कम होना भी हो सकता है। दरअसल, आंखों की कमज़ोर माॅसपेािशयां भी सिरदर्द का कारण साबित हो सकती है। आंखों की जांच पांच साल की उम्र में करवा लेनी चाहिए, ताकि बाल्यकाल में ही आंखों की समस्या से निजात पाई जा सके।  
साईनसाइटिस
सर्दी लगना और सिर दर्द वैसे तो आम बीमारी, लेकिन ये कई बार किसी गंभी बीमारी को जन्म दे सकते हेैं। जिनमें से एक है साइनसाइटिस जिसको एक गंभीर बीमारी की श्रेणी में रखा जाता है। साइनसाइटिस बीमारी आम सर्दी-जुकाम के रूप में शुरू होता है, और फिर एक बैक्टीरियल, वायरल या फंगल संक्रमण के रूप में पूरी तरह से विकसित हो जाता है। इसमें मरीज को सिरदर्द की समस्या बनी रहती है।  साइनसाइटिस से साइनस में सूजन आ जाती है और यह किसी संक्रमण के कारण होती है। 
फिजिकल स्ट्रेस 
लंबे वक्त तक शारीरिक मेहनत और डेस्क या कंप्यूटर के सामने बैठकर घंटों काम करने से भी सिरदर्द होता है।
सिरदर्द से निजात पाने के लिए ऐसे से बहुत से घरेलू उपाय हैं, जिनकी मदद ये इम इस परेशानी पर काबू पा सकते हैं।  
एक्यूप्रेशर 
सालों से लोग सिर दर्द में राहत के लिए एक्यूप्रेशर का प्रयोग करते आ रहे हैं। सिर दर्द होने की स्थिति में दोनों हथेलियों को सामने ले आइए। इसके बाद एक हाथ से दूसरे हाथ के अंगूठे और इंडेक्स फिंगर के बीच की जगह पर हल्के हाथ से मसाज करें। ये प्रक्रिया दोनों हाथों में दो से चार मिनट तक दोहराने से सिर दर्द में आराम मिलेता है।
पानी पीने से
कुछ देर के अंतराल में पानी की थोड़ी-थोड़ी मात्रा पीने से भी सिर दर्द में आराम मिलता है। जैसे जैसे आपके शरीर में पानी का स्तर सामान्य होता चला जाता है वैसे वैसे सिर का दर्द भी कम होने लगता है।
लौंग की महक
तवे पर लौंग की कुछ कलियों को गर्म करके उन्हें एक रूमाल में बांध लीजिए। फिर उसे थोड़ी थोड़ी देर में सूंघते रहिए। इस घरेलू उपाय को करने से सिर के दर्द को कम किया जा सकता है।
तुलसी की पत्तियां
सरदर्द को दूर करने के लिए हम अक्सर चाय यां काॅफी पीते हैं। इसके अलावा तुलसी की पत्तयिों को पानी में कुछ देर पकाकर उसका रस तैयार कर लीजिए और उसको पी जाइए। ऐसा करने से भी सरदर्द जैसी समया से काफी राहत मिल जाती है।  
सेब पर नमक डालकर खाने से
इसके अलावा सरदर्द से निपटने के लिए कटे हुए सेब पर नमक डालकर खाएं। 
काली मिर्च और पुदीने की चाय
सिर दर्द में काली मिर्च और पुदीने की चाय का सेवन करना भी बहुत फायदेमंद होता है। आप चाहें तो ब्लैक टी में पुदीने की कुछ पत्तियां मिलाकर भी ले सकते हैं।
                                     

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