इम्यूनिटी बढ़ाए और लू से छुटकारा दिलाए गुलाब ए गुलकंद जानें गुलकंद के 10 फायदे

Jyoti Sohi

10th June 2020

गुलाब की महक, गुलाब का रंग और गुलाब की बनावट हर दिल अज़ीज़ है। जहां एक तरफ गुलाब अपनी खुशबू से वातावरण को ख़ुशनुमा और मन को सम्मोहन प्रदान करता है। तो वहीं हमारे तन को भी शाीतलता प्रदान करने का काम करता है।

इम्यूनिटी बढ़ाए और लू से छुटकारा दिलाए गुलाब ए गुलकंद  जानें गुलकंद के 10 फायदे
 चेहरे की सुदरता बढ़ाने के साथ साथ गुलाब अपने स्वास्थ्यवर्धक गुणों के लिए भी खूब जाना जाता है। गुलाब के दो योग सबसे ज्यादा विख्यात है, एक गुलाब जल और दूसरा गुलकंद। गुलकंद में विटामिन सी की सबसे अधिक मात्रा पाई जाती है। शरीर के लिए एक मज़बूत कवच का काम करने वाली गुलकंद के आइए जानते हैं, कुछ फायदे।  
पेट की समस्या से छुटकारा
बहुत से लोग पेट में गैस की समस्या से परेशान रहते हैं और इससे निजात पाने के लिए खाली पेट एंटी एसिड दवा का भी इस्तेमाल करते हैं। जो अन्य कई बीमारियों को न्यौता देने में कारगर साबित होती है। ऐसे में भोजन के बाद गुलकंद का नियमित सेवन करने से पेट की गर्मी दूर होती है। साथ ही एसिडिटी के साथ साथ जलन और पेट र्दद की समस्या से भी राहत मिलती है।  
लू से दिलाए राहत
चिलचिलाती गर्मी में बाहर निकलने से पहले गुलकंद खाने से लू के ख़तरे से बचा जा सकता है। गुलकंद की तासीर ठंडी होती है, जो पेट की गर्मी के साथ दिमाग की गर्मी को भी दूर भगाने का काम करती है। कहीं बाहर जाने से पहले दो चम्मच गुलकंद खाएं, इससे सनस्टोक से मदद मिलेगी और गर्मी से नाक से बहने वाले खून की समस्या से भी राहत मिलेगी। 
तनाव से मुक्ति
गुलकंद आपके नर्वस सिस्टम को सामान्य रखने में मददगार साबित होता है। इससे तनाव कम होता है और दिमाग को शांति मिलती है।
त्वचा में लाए निखार
रोज़ाना गुलकंद ख़ाने से त्वचा की नमी बनी रहती है और त्वचा बेजान नहीं नज़र आती। इसमें मौजूद एंटी बैक्टिीरियल गुण रक्त को साफ करते है, जिससे मुहांसों की समस्या से खुद ब खुद छुटकारा मिल जाता है। साथ ही चेहरे की रंगत को भी निखारने का काम करता है।  
सनबर्न से दिलाए राहत
धूप में बाहर निकलते ही सनबर्न के कारण शरीर झुलस जाता है। मगर रोज़ाना गुलकंद के सेवन से आप काफी हद तक इस परेशानी पर काबू पा सकते हैं।  
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए
विटामिन सी, ई और बी से भरपूर गुलकंद में बढ़ी मात्रा में एंटी आक्सिडेंटस पाए जाते हैं। जो सुस्ती, खुजली और हर तरह के र्दद से राहत प्रदान करता है। 
आखों के लिए लाभदायक
गुलकंद खाने से आंखों में जलन की परेशानी से फायदा मिलता है। इसके अलावा आंखों की रोशनी बढ़ाने और शरीर को शीतलता प्रदान करने में भी काफी फायदेमंद है। 
पसीने की समस्या से छुटकारा
गर्मी के मौसम में पसीना एक आम समस्या है। इससे निजात पाने के लिए प्रतिदिन सुबह और शाम गुलकंद का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है। गुलकंद न सिर्फ शरीर में अधिक पसीना आने से रोकता है बल्कि पसीने की बदबू को भी कम करने का रामबाण इलाज है। 
भूख बढ़ाने में कारगर
जैसे जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे वैसे भूख कम होनी शुरू हो जाती है। ऐसे में हम दिनभर ठंडे पेय पदार्थों से प्यास बुझाने में जुटे रहते हैं। ऐसे में शरीर में कमज़ोरी आना लाज़मी है। गुलकंद खाने से शरीर में ताकत बढ़ती है और भूख भी नियमित तरीके से लगनी शुरू हो जाती है। 
मूंह के छाले
गुलाब की पत्तियों से तैयार गुलकंद मूह के छालों और मसूड़ों की सूजन को दूर भगाता है। इसके अलावा दातों से खून आने की समस्या को भी खत्म करता है।  
गुलकंद कैसे खाएं
पेट में गैस की समस्या के रोगियों को गुलकंद को पानी के साथ ही लेना चाहिए।
कब्ज के मरीजों को गाय के दूध के साथ गुलकंद खाने से काफी फायदा मिलता है। 
गुलकंद कब खाएं
जलन और गैस की समस्या के रोगियों को दिन में दो बार आधा खाना खाने के दौरान गुलकंद लेनी चाहिए।
हल्की कब्ज होने पर सोने से पहले गुलकंद खाकर सो जाएं
ज्यादा कब्ज होने पर खाना खाने के बाद और सोने से पहले गुलकंद ज़रूर लें। 
बाकी तकलीफों में खाना खाने के एक घंटे बाद गुलकंद का सेवन करें।
गुलकंद के नुकसान
नफा और नुकसान हर जगह मौजूद हैं। इसी तरह मधुमेह के मरीजों के लिए गुलकंद नुकसानदायक है। चीनी की मात्रा अधिक होने के कारण ये बल्ड शुगर को बढ़ाने में कारगर साबित होती है। 
कैसे तैयार करें गुलकंद
सामग्री
250 ग्राम गुलाब की सूखी पखुड़ियां
बराबर मात्रा में पिसी हुई मिश्री यां शुगर फ्री चीनी
एक छोटा चम्मच पिसी हुई छोटी इलायची
एक छोटा चम्मच पिसी हुई सौंफ
गुलकंद बनाने की विधि
ताज़ी गुलाब की पुखंड़ियों को धो लें और फिर उसे बड़े मूहं काचं के बर्तन में डाल लें। इसके बाद पिसी हुई मिश्री यां शुगर फ्री चीनी को मिला दें। अब इसमें पिसी हुई सौंफ और पिसी हुई इलायची मिलाकर ढक्कन बंद कर दें और धूप में रख दें। अब तीन से चार हफते तक रोज़ाना पांच से छ घंटे तक धूप में रखें बीच बीच में इसे लकड़ी की कलछी से चलाते रहें। 
ध्यान दें इसमें अलग से पानी न मिलाएं, मिश्री जो पानी छोड़ेगी, उसी पानी से पखुंड़िया गलेंगी। 
ज़रूरी जानकारी
गुलाब की पखुंड़ियों का इस्तेमाल चाय बनाने में भी किया जाता है।
आमतौर पर पान और खजूर के साथ खाए जाने वाले गुलकंद को सीधे तौर पर भी खा सकते हैं। 
खाने का सही तरीका
गुलकंद का सेवन पानी यां दूध के साथ दिन में एक से दो बार करना चाहिए। 
सीने में जलन यां गैस की समस्या होने पर खाने के मध्य में यानि आधा खाना खाने के बाद दिन में दो बार ले सकते हैं।    
कब्ज होने पर सुबह नाश्ते के एक घंटे बाद और सोने से पहले गुलंकद का सेवन ज़रूर करें। 
बाकी बीमारियों में खाने के एक घंटे बाद दिन में दो बार दे सकते हैं।  

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