कोडिपेंडिंग पेरेंटिंग टिप्स और सलाह

मोनिका अग्रवाल

12th June 2020

पेरेंटिंग की चुनौतियाँ आपको उन स्तिथियों में ले जाती हैं,जहाँ आप कुछ ग़लतियाँ कर बैठते हैं.आख़िर माता-पिता भी तो इंसान ही हैं,लेकिन ये ग़लतियाँ चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हों ,बच्चों पर बुरा प्रभाव डालती हैं

कोडिपेंडिंग पेरेंटिंग टिप्स और सलाह

गर्भावस्था से ठीक उस दिन तक,जब आपका बच्चा इस दुनिया में आता है,हर माता पिता का सपना होता है कि वो अपने बच्चे की परवरिश बहुत अच्छे से करे.कुछ पेरेंट्स अपने बच्चों के साथ सख़्ती से पेश आते हैं तो कुछ प्यार से.इतनी योजनाओं के बावजूद भी पेरेंटिंग की चुनौतियाँ आपको उन स्तिथियों में ले जाती हैं,जहाँ आप कुछ ग़लतियाँ कर बैठते हैं.आख़िर माता-पिता भी तो इंसान ही हैं,लेकिन ये ग़लतियाँ चाहे कितनी भी छोटी क्यों न हों ,बच्चों पर बुरा प्रभाव डालती हैं.ये ग़लतियाँ क्या हैं आइए देखें-

१-अनुचित व्यवहार को नज़रनदाज करना-वैसे तो माता पिता अपने बच्चे को डाँटना,फटकारना पसंद नहीं करते लेकिन जब इसकी ज़रूरत होती है तो आपको डाँट फटकार या सज़ा देने जैसे विकल्प ढूँढने भी पड़ते हैं.अपने बच्चों को सही रास्ते पर लाने का सबसे अच्छा तरीक़ा है आपको मज़बूत क़दम उठाना होगा.धोखा देना,झूठ बोलना,चोरी करना किसी को भावनात्मक नुक़सान पहुँचाना ,ऐसी कई चीज़ें हैं,जिन्हें नज़रन्दाज न करें,इससे आपके बच्चा का भविष्य ख़राब हो सकता है

२-बच्चों की अधिक तारीफ़-अक्सर पेरेंटस को अपने बच्चे की ग़लती या बुराई दिखाई ही नहीं देती.हर समय अपने बच्चों की ज़रूरत से ज़्यादा प्रशंसा करना उनके लिए ज़्यादा नुक़सानदायक सिद्ध हो सकता है.जहाँ प्रशंसा से मनोबल बढ़ता है,ग़लतीयों का अहसास कराने से वो सही रास्ते पर चलना सीखते हैं.

३-दूसरों से तुलना करना-हर बच्चा ख़ुद में अलग होता है,अपने बच्चे की प्रतिभा को पहचाने और उसकी तुलना दूसरे से न करें.ऐसा करने से आप अपने बच्चे पर बेवजह स्ट्रेस और प्रेशर दे रहे हैं जो क़ि उनके भविष्य के लिए सही नहीं होगा.

४-नियम और सीमा निर्धारित करें-यह आपके और आपके बच्चे दोनों के लिए महत्वपूर्ण है.अगर आप अपने बच्चों को उनकी मर्ज़ी के अनुसार सब कुछ करने दे रहे हैं तो इससे उनका मन तो बढ़ सकता है लेकिन ,हर समय वो अपनी मनमर्ज़ी के मालिक बनें रहें वो भी सही नहीं है.सीमाएँ निर्धारित करना भी अनिवार्य होता है.

५-समस्याओं के प्रति अज्ञानता-इस दुनियाँ में हर माता पिता,बच्चे और परिवार की अपनी समस्याएँ होती हैं.कुछ समस्याएँ समाधान के योग्य होती हैं तो कुछ समस्याओं को जैसे भी हों स्वीकार करना पड़ता है.हर समस्या का समाधान धैर्य के साथ धूँडने  का प्रयास ,आपके बच्चे के भविष्य को बेहतर बना सकता है.

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