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मां बनने के बाद मेरी दुनियां ही बदल गई - जेनेलिया डिसूजा

Abha Yadav

16th June 2020

मुझे लगता है कि हर मां में बच्चे की परवरिश करने की क्षमता होती है। उसे गोद में लेते ही आप समझ जाते हैं कि क्या करना है। बच्चे के हर काम का अपना समय होता है। आम महिला हो या फिर अभिनेत्री हो शादी और बच्चे हो जाने के बाद उनके जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ जाती है। बच्चों के परवरिश के खातिर करियर से ब्रेक लेना ही पड़ता है।

मां बनने के बाद मेरी दुनियां ही बदल गई - जेनेलिया डिसूजा

मुझे लगता है कि हर मां में बच्चे की परवरिश करने की क्षमता होती है। उसे गोद में लेते ही आप समझ जाते हैं कि क्या करना है। बच्चे के हर काम का अपना समय होता है।


आम महिला हो या फिर अभिनेत्री हो शादी और बच्चे हो जाने के बाद उनके जीवन में जिम्मेदारियां बढ़ जाती है। बच्चों के परवरिश के खातिर करियर से ब्रेक लेना ही पड़ता है। ऐसी ही एक एक्ट्रेस है जेनिलिया डिसूजा, जो अपनी खूबसूरत मुस्कान और चुलबुले अंदाज से सभी का दिल जीत लेती हैं। बॉलीवुड की क्यूट एक्ट्रेस जेनेलिया डिसूजा आज 2 बच्‍चों की मां हैं। जेनेलिया मां बन कर भी आज उतनी ही खूबसूरत है जैसी वो पहले दिखती थी। जेनेलिया डिसूजा ने एक्टर रितेश देशमुख से 3 फरवरी 2012 में शादी की थी और 24 नवंबर 2014 को बड़े बेटे रियान का जन्म हुआ जेनेलिया और रितेश के दूसरे बेटे राहिल का जन्म 1 जून 2016 को हुआ था। बच्चो की परवरिश की खातिर जेनिलिया ने अपने कैरियर से लम्बा ब्रेक भी लिया था। आइये जाने की वो अपने दोनों बच्चों की परवरिश किस तरह से करती है और किन बातों का ध्यान रखती हैं।

पहली बार मातृत्व सुख से बहुत डर गई थी
मां बनना एक सुंदर एहसास तो है ही साथ ही यह एक नए जीवन को इस दुनिया में लाने की भावना भी होती हैं। लेकिन इसके साथ ही नई मां के लिए जिम्मेदारिया भी बढ़ जाती हैं। लेकिन मुझे जब पहली बार मां बनने की बात पता चली तो उस समय मैं बहुत डर गई थीं। मैं सोच रही थी कि क्या मैं अभी एक अच्छी मां बन सकूंगी। क्या मैं मानसिक रूप से पूरी तरह से तैयार हूं। मेरे लिए एक तरह से पूरी दुनिया बदल गई थी। फिर 9 महीने इसी सोच में बीत गए कि मैं एक अच्छी मां बनूं और बच्चे की सही परवरिश कर सकूं।

बच्चे की परवरिश में माता-पिता दोनों का साथ जरूरी
मेरा मानना है जब बच्चा होता है तो बच्चे की जिम्मेदारी सिर्फ मां को नहीं निभानी चाहिए पिता को भी पूरा सहयोग देना चाहिए। जब मेरा बेटा हुआ तो मेरे पति रितेश देशमुख बहुत खुश हुए। वे बच्चे से जुड़ी जिम्मेदारियां बहुत अच्छी तरह निभाते हैं। जैसे- वे डायपर बदलना, दूध पिलाना, कपड़े बदलना, नहलाना आदि वो सब करते हैं।


बच्चे को संभालने जब माता-पिता दोनों ही जिम्मेदारी निभाते हैं, तभी बच्चा खुशी महसूस करता है और उस का विकास अच्छा होता है। वह मानसिक रूप से भी मजबूत रहता है। रितेश मेरे साथ हमेशा रहते हैं। पूरी प्रैगनैंसी के दौरान भी वे साथ रहे। जब मेरा बच्चा हुआ, तो 20 दिनों तक उन्होंने काम नहीं किया। उनका बहुत सहयोग मिला।

सामान्य तरीके से करती हु परवरिश
बच्चे की परवरिश को ले कर मैं ज्यादा अधिक चिंता नहीं करती। मैं उसे नॉर्मल तरीके से बढ़ते हुए देखना चाहती हूं। इसके अलावा मैं बच्चे की हाइजीन का भी बहुत ध्यान रखती हूं बच्चे में इम्यूनिटी तभी बढ़ती है, इससे बच्चा कभी भी बीमार नहीं पड़ता है। बच्चे के साथ पूरी दिनचर्या बदल जाती है।

बच्चे के अनुसार ही करती हूं काम
मुझे लगता है कि हर मां में बच्चे की परवरिश करने की क्षमता होती है। उसे गोद में लेते ही आप समझ जाते हैं कि क्या करना है। बच्चे के हर काम का अपना समय होता है। हम अगर आप बच्चे के नियम के साथ चलते हैं तो समय की कमी नहीं होती। आप अपना काम भी कर सकते हैं। मैं सुबह से शाम तक बेटे के साथ होती हूं, लेकिन 12 से 4 बजे तक वह सोता है। उस समय मैं जो कुछ करना चाहती हूं, करती हूं बच्चे के साथ दिन कैसे बीतता है पता ही नहीं चलता। मैं खुश हूं कि सही समय पर मैं ने सही निर्णय लिया। बहुत सी माएं शादी करने व बच्चे पैदा करने के बाद अपना कैरियर छोड़ देती हैं लेकिन बच्चे पैदा करने का करियर से कोई संबंध नहीं है। आप दोनों काम साथ-साथ कर सकते हैं। मैंने कभी नहीं सोचा कि मैंने कैरियर छोड़ा। हां, ब्रेक जरूर लिया था।
बच्चे के अनुसार ही करती हूं काम


मुझे लगता है कि हर मां में बच्चे की परवरिश करने की क्षमता होती है। उसे गोद में लेते ही आप समझ जाते हैं कि क्या करना है। बच्चे के हर काम का अपना समय होता है। हम अगर आप बच्चे के नियम के साथ चलते हैं तो समय की कमी नहीं होती। आप अपना काम भी कर सकते हैं। मैं सुबह से शाम तक बेटे के साथ होती हूं, लेकिन 12 से 4 बजे तक वह सोता है। उस समय मैं जो कुछ करना चाहती हूं, करती हूं बच्चे के साथ दिन कैसे बीतता है पता ही नहीं चलता। मैं खुश हूं कि सही समय पर मैं ने सही निर्णय लिया। बहुत सी माएं शादी करने व बच्चे पैदा करने के बाद अपना कैरियर छोड़ देती हैं लेकिन बच्चे पैदा करने का करियर से कोई संबंध नहीं है। आप दोनों काम साथ-साथ कर सकते हैं। मैंने कभी नहीं सोचा कि मैंने कैरियर छोड़ा। हां, ब्रेक जरूर लिया था।

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