साई के वो कौन से वचन है, जो करते हैं हर समस्या का समाधान

Jyoti Sohi

22nd October 2020

साईं सच्चरित्र नाम की धार्मिक पुस्तक में साईं बाबा ने अपने बारे में बहुत से वचन बताए हैं। श्री साईं सच्चरित्र के अनुसार, जो भी व्यक्ति साईं के इन वचनों का ध्यान करता है, उसकी समस्याओं का समाधान हो जाता है। साईं के ये 11 वचन अपने आप में अध्यात्म की बड़ी शिक्षाएं समेटे हुए हैं।

साई के वो कौन से वचन है, जो करते हैं हर समस्या का समाधान
कहते हैं, भक्ति में बहुत शक्ति होती है। अगर हम प्रभु को पूरे मन से सिमरे यां याद करें, तो वो हमें किसी न किसी रूप में दर्शन ज़रूर देते हैं। साई बाबा की महिमा दूर दूर तक फैली हुई है। भक्तों की साई बाबा के प्रति श्रद्धा उनके अटूट विश्वास का प्रमाण है। माना जाता है कि जो भक्त सच्चे मन से साईं का नाम लेते है, उसकी हर समस्या का तुरंत समाधान हो जाता है। जी हां साईं बाबा अपने भक्तों का दर्द दूर करने वाले बाबा है। वह उनके जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं रहने देते हैं। साईं बाबा ने हमेशा एक ही ईश्वर और श्रद्धा सबुरी पर ही विशेष जोर दिया है लेकिन उनके 11 वचन उनके भक्तों के लिए उनका दर्शन हैं। इन 11 वचनों में जीवन की हर समस्या का समाधान छुपा हुआ है। साईं बाबा के 11 वचनों के अनुसार वे आज भी अपने भक्तों की सेवा के लिए तुरंत ही उपलब्ध हो जाते हैं। इन वचनों में जीवन का सार है, जो मनुष्य को सही राह पर चलने के लिए प्रेरित करते रहते हैं। तो आइए जानते हैं] वो कौन से हैं साईं बाबा के 11 वचन और इनका क्या अर्थ है।
साईं बाबा के ग्यारह वचन और उनके अर्थ कुछ इस प्रकार हैं
पहला वचन
जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा
साईं बाबा की लीला स्थली और मुख्य मंदिर शिरडी में ही है] इसलिए साईं कहते हैं कि शिरडी आने मात्र से ही मनुष्य के जीवन की समस्याएं दूर हो जाएंगी यां टल जाएंगी] जो लोग शिरडी नहीं जा सकते उनके लिए साईं मंदिर जाना भी पर्याप्त होगा। यानि घर के नज़दीक किसी भी साईं मंदिर में जा सकते हैं।
दूसरा वचन
चढ़े समाधि की सीढ़ी पर, पैर तले दुख की पीढ़ी पर
 ऐसा कहा जाता है कि साईं बाबा की समाधि की सीढ़ी पर पैर रखते ही भक्त के दुःख दूर खुद ब खुद हो जाएंगे। साईं मंदिरों में प्रतीकात्मक समाधि के दर्शन से भी दुःख दूर हो जाते हैं लेकिन कहा गया है मन में श्रद्धा की भावना का होना जरूरी है।
तीसरा वचन
त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु दौड़ा आऊंगा
साईं बाबा हमेशा भक्तों के आसपास रहते हैं] वो कहते हैं कि मैं भले ही शरीर में न रहूं] लेकिन जब भी मेरा भक्त मुझे सच्चे मन से पुकारेगा] मैं दौड़ के आऊंगा और हर प्रकार से अपने भक्त की सहायता करूंगा।
चौथा  वचन
मन में रखना दृढ़ विश्वास] करे समाधि पूरी आस
साईं बाबा ने जीवन में श्रद्धा का बड़ा महत्व बताया है। साईं बाबा कहते हैं कि भक्तों का मन डगमगाना नहीं चाहिएं और उन्हें पूरा विश्वास रखना चाहिए। समाधि पर आने पर उनकी हर मुराद पूरी होगी और समाधि से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होंगी। 
पांचवा वचन
मुझे सदा जीवित ही जानो, अनुभव करो सत्य पहचानो
इस वचन में साईं बाबा कहते हैं कि मुझे हमेशा जीवित ही समझना। मुझे अपने आसपास ही महसूस करना और अनुभव करना] जो तुम्हें सत्य की ओर ले जाएगा। सत्य से अवगत कराएगा, जिससे मनुष्य का मार्गदर्शन भी होगा।
छठवां वचन
मेरी शरण आ खाली जाए, हो तो कोई मुझे बताए
साईं बाबा कहते हैं जो भी व्यक्ति पूरी श्रद्धा और विश्वास से पूर्ण होकर मेरी शरण में आता है उसकी मैं हर मनोकामना पूरी करता हूं। 
सातंवा वचन
जैसा भाव रहा जिस जन का, वैसा रूप हुआ मेरे मन का
साईं बाबा कहते हैं कि जिस इंसान का जैसा भाव होता है उसे मैं वैसा ही दिखता हूं। दरअसल] हमारी भावना ही हमारे फल को तय करती है। जो जिन अर्थ में पूजा करता है] उसका फल भी उसी के अनुरूप मिलता है। 
आठवां वचन
भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न मेरा झूठा होगा
साईं बाबा कहते हैं कि जिस भी व्यक्ति की भावना सच्ची है] पवित्र है और जो व्यक्ति पूर्ण रूप से समर्पित होगा उसके जीवन के हर भार को उठाऊंगा। यानि मैं उसकी हर समस्या को दूर कर दूंगा] उसके हर दुख को हर लूंगा। यानि अगर भक्त श्रद्धा भक्ति से मेरे पास आएंगे तो उनकी मदद मैं जरूर करूंगा।
 
नौवां वचन
आ सहायता लो भरपूर] जो मांगा वो नहीं है दूर
साईं बाबा ने हमेशा दूसरों की मदद करने क संदेश दिया है। वो कहते हैं कि जो भक्त मेरे पास आकर मुझसे श्रद्धा भाव से मदद मांगेगा] मैं उसकी मदद जरूर करूंगा।
दसवां वचन
मुझमें लीन वचन मन काया, उसका ऋण न कभी चुकाया
जो भक्त मन, वचन और कर्म से मुझमें हर दम लीन रहता है। मैं उसका हमेशा ऋणी रहता हूं। उस भक्त के जीवन की सारी जिम्मेदारी मेरी होती है। जो भक्त मन से मुझसे जुड़ा है, वो हमेशा मेरे करीब रहता है। 
     
ग्यारहवां वचन
धन्य धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य
साईं बाबा कहते हैं कि मेरे वो भक्त धन्य हैं जो अनन्य भाव से मेरी भक्ति में लीन हैं। 
भारत में अनेक महान संत महात्मा हुए। उनमें से कुछ को आज भी भगवान की तरह पूजा जाता है। ऐसे ही एक संत थे शिरडी के साईं बाबा। साईं बाबा के जीवन पर कई पुस्तकें भी लिखी गई हैं। आज भी हजारों लोग रोज शिरडी स्थित साईं मंदिर में अपना माथा टेकते हैं। भक्त गुरु के रूप में इनकी पूजा करते हैं। मान्यता है कि जिस पर साईं की कृपा हो जाती है, उसे कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होती। साईं बाबा जीवन भर फकीरों की तरह रहे। श्रृद्धा और सबुरी उनका मूल मंत्र था। गुरुवार के दिन साईं भक्त साईंबाबा की कृपा पाने के लिए अनेक पूजा उपाय, स्तुति का पाठ या मंत्रों का जप भी करते हैं। इस दिन बाबा का ध्यान और इन मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जप करने साईंबाब की कृपा से अनेक कामनाएं पूरी होने लगती है। साईं सच्चरित्र नाम की धार्मिक पुस्तक में साईं बाबा ने अपने बारे में बहुत से वचन बताए हैं। श्री साईं सच्चरित्र के अनुसार, जो भी व्यक्ति साईं के इन वचनों का ध्यान करता है, उसकी समस्याओं का समाधान हो जाता है। साईं के ये 11 वचन अपने आप में अध्यात्म की बड़ी शिक्षाएं समेटे हुए हैं।

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

साईं के 11 व...

साईं के 11 वचनों का अनुसरण बने जिंदगी का...

साईं बाबा के...

साईं बाबा के ये 11 वचन करते हैं हर समस्या...

साईं बाबा की...

साईं बाबा की समाधि से जुड़ी विशेष बातें, दशहरे...

भक्त को नहीं...

भक्त को नहीं भूलते भगवान, पढ़िए साईं बाबा...

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

समृद्धिदायक ...

समृद्धिदायक लक्ष्मी...

यू तो लक्ष्मी साधना के हजारों स्वरूपों की व्याख्या...

कैसे करें लक...

कैसे करें लक्ष्मी...

चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें...

संपादक की पसंद

कैसे दें घर ...

कैसे दें घर को फेस्टिव...

कैसे दें घर को फेस्टिव लुक

घर पर भी सबक...

घर पर भी सबकुछ और...

‘जब से शादी हुई है सिर्फ लाइफ मैनेज करने में ही सारी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription