सास को क्यों करती है बहू इग्नोर

Jyoti Sohi

22nd April 2021

इसमें कोई दोराय नहीं कि, सास के पास बहू से दोगुना तजुर्बा है, लेकिन अगर सास हर वक्त बहू की हर चीज़ पर नज़र रखेगी और उसके लिए उलझन पैदा करेगी, तो ये बड़प्पन नहीं कहलाता हैं। नतीजन बहू भी धीरे धीरे सास को इग्नोर करने लगेगी।

सास को क्यों करती है बहू इग्नोर

घर में सभी लोग अपने पुश्तैनी गांव जाने के लिए अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हुए थे। कोई कपड़े पैक करने में व्यस्त था, तो कोई खाने का सामान गाड़ी में रख रहा था। हर तरफ व्यस्तता नज़र आ रही थी। तभी पिताजी की आवाज़ आई कि बहू बच्चों के लिए रात में पहनने के लिए नाईट सूट ज़रूर रख लेना। वहां पर हर कमरे में एसी की व्यवस्था नहीं हो पाएगी। ठीक है पापा, अब ये कहकर शिल्पा दोबारा पैकिंग में जुट गई। तभी सासूमां की आवाज़ आई, बहू उपर से आती हुई ओढ़ने के लिए दो शीटस लेती आना। तभी शिल्पा ने पूछा कौन सी वाली मां। वहीं, जो शादी के वक्त रमा तुम्हें तोहफे में देकर गई थी। मां मुझे वो ढूढंनी होगी आप कोई और चादर अभी के लिए निकाल लीजिए। सासूं मां ने कड़ी आवाज़ में कहा, नहीं तुम वही ले आओ। फिर मन में ख्याल आया कि एक बार निकाल कर देंखू कैसी हैं वो। सभी कामों को बीच में छोड़कर पहले शीटस को ढूंढा और फिर निकालकर देखा, तो वो बिल्कुल सामान्य चादर ही थी, जो हम लोग अक्सर गर्मियों में ओढ़ने के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। पैकेट को दोबारा से पैक करके सासूमां को थमा दीं। अब उन्होंने उन शीटस को बैग में रख लिया। अब मन ही मन शिल्पा यही साचे रही थी कि ऐसे न जाने कितने दोहर घर में पहले से ही इस्तेमाल किए जा रहे हैं, फिर वही क्यों। मगर बहू के तोहफों में मिले सामान को इस्तेमाल करना और खुद को बड़ा और समझदार साबित करना हर सास की आदत होती है। इसमें कोई दोराय नहीं कि, सास के पास बहू से दोगुना तजुर्बा है, लेकिन अगर सास हर वक्त बहू की हर चीज़ पर नज़र रखेगी और उसके लिए उलझन पैदा करेगी, तो ये बड़प्पन नहीं कहलाता हैं। नतीजन बहू भी धीरे धीरे सास को इग्नोर करने लगेगी। अगर आप भी अपनी बहू के साथ रिश्ते सुधारना चाहती हैं, तो पढ़िए ये आसान उपाय 

 

बहू का हर काम में हाथ बंटा

अक्सर घरों में देखा जाता है कि सास और बहू में झगड़े और मनमुटाव का अहम कारण काफी हद तक घर के काम काज ही होते है। ऐसे में अगर सास आगे बढ़कर बहू को हर काम सिखाए और रसोई के काम में उसकी मदद करे और हाथ बंटाए, तो बहू के मन में उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा और वो खुद ब खुद सास के प्रति निष्ठा व सम्मान को जाहिर करेगी। 

 

रिश्तेदारों के सामने बहू की बुराई करे

हर इंसान में कुछ न कुछ बुराई ज़रूर होती है, लेकिन अगर सास हर वक्त बहू को नीचा दिखाएगीं, तो बहू कभी भी मन से उनके करीब नहीं जा पाएगी। देखा जाता है कि घर में कोई रिश्तेदार के आते ही सास      अपनी बहू की बुराईयांे का पिटारा खोल कर बैठ जाती है, जो गलत है। अगर सास को लगता है कि बहू को इस बात की भनक नहीं होगी, तो आप गलतफहमी में है। बाकी रिश्तेदारांे की बजाय आपको अपनी बहू से मधुर संबध कायम करने चाहिए, ताकि बुरे वक्त में वो आपकी सुख दुख की सांझी बन सकें।

 

बहू को बेटी के समान दर्जा दे

अगर आप बाज़ार से खरीददारी करके लौटी है और अपनी बेटी के लिए कपड़े यां जे़वर खरीदें है, तो कोशिश करें कि आप बहू के लिए भी कुछ खरीददारी ज़रूर करें। अक्सर हम लोग भूल जाते हैं कि बहुएं हमारे घर की लक्ष्मी होती हैं और अगर हम उन्हें खुश रखेंगे, तो घर में खुशहाली खुद ब खुद दौड़ी चली आएगी। बहू को बेटी के समान दर्जा दें अन्यथा वो धीरे धीरे आपको इम्नोर करने लगेगी। 

 

बहू की ज़रूरतों को समझे

घर में कोई भी चीज़ आती है, तो सासू मां की जुबां पर एक ही बात होती है कि बहू तुम क्या करोगी इसका, लाओ मैं सभांल कर रख दूं। फिर उसके बाद सासू मां उसे इस्तेमाल करने की बजाय अपनी बहन, ननंद, भाभी यां किसी अन्य रिश्तेदार को दे दती हैं। दूसरी तरफ, बहू नए ज़माने की महिला है, जो हर काम को बेहतर और अच्छे ढ़ग से करने की काबिलियत रखती है। ऐसे में बहू की ज़रूरतों को प्राथमिकता दें और कुछ वक्त उसके हिसाब से भी जीकर देखें। 

 

गैरों की बातों में आए

हो सकता है कि आपकी सहेली की बहू का रवैया अपनी सास के साथ ठीक न हो। मगर आप अपने घर में इस बात पर चर्चा न करें और अपनी बहू की तुलना सहेली की बहू से न करें। अन्यथा आपकी बहू आपसे दूर होने लगेगी और आपके मध्य मनमुटाव बढ़ने लगेंगे।

 

बहू की परेशानियों को जाने

बहुत बार हमें लगता है कि बहू का रैवया हमारी तरफ ठीक नहीं है। लेकिन कामकाजी लोगों का तनाव में रहना आज के दौर में एक आम बात हो चुकी है। ऐसे में अगर आपकी बहू किसी बात से परेशान है, तो आप उसे कोसने की बजाय उससे खुलकर बात करें और उसे सही मार्ग बताएं, ताकि आपके संबध मधुर बन सकें। 

 

बेटे को कोसेे

कई बार देखा जाता है कि सास अपनी बहू से सीधे तौर पर कुछ कह नहीं पाती है। ऐसे में वो बात बात पर बेटे का दोष निकालना शुरू कर देती है। इससे बेटा और बहू दोनों ही परेशान रहते हैं। ऐसे में हालात को देखते हुए बहू आपसे दूरी बनाने लगेगी।  

 

अलग करने की धमकी दे

बात बात पर परिवारों में बहू को अलग करने की धमकियां दी जाती है। ऐसा करने से बहू के अंदर अपनी सास के प्रति आदर भाव दिनों दिन कम होता चला जाता है।  

 

रोक टोक करे

हर वक्त सवालों के जवाब देना किसी को भी पसंद नहीं होता है। ऐसे में अगर आप बात बात पर बहू से जवाब तलब करेंगी और हर बात में आपका हस्तक्षेप होगा, तो वो किसी को भी पसंद नहीं आएगा। ऐसे में आप अपनी सीमाएं न लांघे

 

बहू से तुलना करे

आपका ज़माना और था, उस वक्त रहना सहना, उठना बैठना सब कुछ अलग तरीके से होता था। मगर अब वक्त बदल चुका है। ऐसे में बहू पर पुराने रीति रिवाज़ न थोपें और उससे अपनी बेवजह तुलना न करें।  

  

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