जानिए क्यों जरूरी है महिलाओं को जल्द से जल्द डायबिटीज की जांच कराना

Jyoti

5th May 2021

पिछले कुछ दशकों में गर्भकालीन मधुमेह मेलीटस जीडीएम के मामलों में तेजी देखी गई। मधुमेह की जल्द जांच बेहद जरूरी है क्योंकि इससे महिलाएं इस बीमारी को जल्द ठीक कर सकती हैं और इसकी गंभीर जटिलताएं शरू होने से पहले उनकी रोकथाम कर सकती हैं।

जानिए क्यों जरूरी है महिलाओं को जल्द से जल्द डायबिटीज की जांच कराना


वजन बढ़ने के मामलों में इजाफा होना मधुमेह रोगियों की संख्या में वृद्धि के मुख्य कारकों में से एक हैं। इसी तरह से पिछले कुछ दशकों में गर्भकालीन मधुमेह मेलीटस जीडीएम के मामलों में तेजी देखी गई। मधुमेह की जल्द जांच बेहद जरूरी है क्योंकि इससे महिलाएं इस बीमारी को जल्द ठीक कर सकती हैं और इसकी गंभीर जटिलताएं शरू होने से पहले उनकी रोकथाम कर सकती हैं। 

 

दिखने लगे अगर ये लक्षण 

 

टाइप.1 डायबिटीज के लक्षणों में ज्यादा प्यास लगना या पेशाब आना, लगातार भूख लगना, कोशिश किए बगैर वजन घटना, आंखों की रोशनी कम होना, अत्यधिक थकान महसूस होना और टाइप.2 मधुमेह के लक्षणों में टाइप.1 के लक्षणों समेत घाव धीमी गति से भरनाए त्वचा शुष्क रहना, पैरों में जलन या चुभन महसूस होना, संक्रमण आदि मुख्य रूप से शमिल हैं।

 

डायबिटीज की जांच के लिए ये टेस्ट करवाने चाहिए

बढ़ते जोखिम या इन लक्षणों को महसूस करने वाली महिलाओं के लिए, मधुमेह का पता लगाने के लिए निम्नलिखित कई टेस्ट कराने की जरूरत होती है।

फास्टिंग प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट रक्त में ग्लूकोज का स्तर मापता है और इसे कराने से पहले कम से कम 8 घंटे पहले कुछ नहीं खाया जाता है।

 

हीमोग्लोबिन ए1सी या ग्लाइसेटेड हीमोग्लोबिन टेस्ट के नाम से भी चर्चित एचबीए1सी टेस्ट एक ऐसा महत्वपूर्ण ब्लड टेस्ट है जो इसका संकेत देता है कि कितनी जल्द आपकी मधुमेह मीबारी नियंत्रित हो रही है। इसमें तीन महीने के ग्लूकोज स्तर के औसत को मापा जाता है।

 

ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट में ब्लड ग्लूकोज को मापा जाता है और इस टेस्ट से कम से कम 8 घंटे पहले और ग्लूकोज.आधारित पेय पीने के बाद दो घंटे बाद कुछ नहीं खाया जाता है।

 

प्री.डायबिटीज के स्पष्ट लक्षण नहीं

प्री.डायबिटीज के स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं। यह कारण है कि अधिकांश लोगों को इसका पता भी नहीं चलता है। इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर ब्लड शुगर और ब्लडप्रेशर की जांच करता है। वैसे इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं . बार.बार पेशाब आना और प्यास बढ़ना। 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार प्री.डायबिटीज का खतरा बढ़ाने वाले फैक्टर्स में शामिल हैं

. मोटापा, विशेष रूप से पेट का मोटापा

. हाई ब्लड प्रेशर

. हाई ब्लड फेट या ट्राइग्लिसराइड्स

. पर्याप्त व्यायाम नहीं करना

. टाइप 2 मधुमेह का पारिवारिक इतिहास होना

. तनाव का बढ़ा हुआ स्तर

. धूम्रपान या बहुत अधिक शराब पीना

. नियमित रूप से हाई.शुगर ड्रिंक्स का सेवन 

 

प्री.डायबिटीज टेस्ट किन्हें करवाना चाहिए

. 45 वर्ष या उससे अधिक की आयु वालों को

. मोटापा या अधिक वजनए या 25 से अधिक बॉडी मास इंडेक्स ;बीएमआईद्ध होने पर

. कमर की चौड़ाई पुरुषों में 40 इंच या महिलाओं में 35 इंच से अधिक होने पर

. परिवार में किसी को डायबिटीज है या पहले थी

. गर्भावस्था के परिणामस्वरूप गर्भकालीन डायबिटीज

. 9 पाउंड से अधिक वजन के एक शिशु को जन्म देने पर

 

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