चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारम्भ होता है हिंदू नव वर्ष, जानें क्या है इसका महत्त्व

संविदा मिश्रा

13th April 2021

हिन्दुओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है नवरात्रि। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है नौ रातें। कहा जाता है कि इन नौ रातों के दौरान, शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है।

चैत्र नवरात्रि के साथ प्रारम्भ होता है हिंदू नव वर्ष, जानें क्या है इसका महत्त्व

वैसे तो  नवरात्रि वर्ष में चार बार आती  है- पौष, चैत्र, आषाढ और अश्विन मास में , परन्तु इनमें से दो नवरात्रों का अलग ही महत्त्व है  । नवरात्रि के नौ रातों में तीन देवियों - महालक्ष्मी, सरस्वती और दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा होती है जिनको क्रमशः नंदा देवी, रक्ततदंतिका,शाकम्भरी, दुर्गा,भीमा और भ्रामरी नवदुर्गा कहते हैं। नवरात्रि हिन्दुओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार  है जिसे पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जाता है। ख़ासतौर पर चैत्र मास में आने वाली नवरात्रि का अपना विशेष महत्त्व है क्योंकि इसी से हिन्दू नव वर्ष का आरम्भ होता है। 

क्या है हिंदू नव वर्ष 

भारतीय कैलेंडर के अनुसार हिंदू नव वर्ष चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा के साथ प्रारंभ होता है और पूरे देश में  इसे अलग -अलग रूपों में जैसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा और संपूर्ण देश में नवरात्रि या नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है।  इसे नवसंवत्सर कहते हैं और मान्यताओं के अनुसार भगवान द्वारा विश्व को बनाने में सात दिन लगे थे इसलिए इस सात दिन के संधान के बाद नया वर्ष मनाया जाता है। इसके अलावा यह भी कहा जाता है कि चैत्र के महीने के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि या प्रतिपदा को सृष्टि का आरंभ हुआ था इसीलिए हिन्दुओं का नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शरू होता है और  हिन्दी महीने की शुरूआत इसी दिन से होती है |

चैत्र नवरात्रि का महत्त्व 

इस वर्ष 13 अप्रैल से नया संवत्सर 2077 आरंभ हो गया है। प्रति वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नया हिंदू वर्ष शुरू हो जाता है। साथ ही इसी तिथि पर नवरात्रि का पहला दिन होता है। हिंदू परंपरा में नव संवत्सर को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू मान्यतानुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की तिथि को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण तिथि माना गया है। ब्रह्मपुराण में उल्लेख है कि चैत्र प्रतिपदा को ही ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। जिस दिन दुनिया अस्तित्व में आई, उसी दिन प्रतिपदा मानी गई। इसीलिए चैत्र नवरात्रि को अति विशिष्ट तरीके से मनाया जाता है और इसका महत्त्व निश्चय ही विशेष है। 

 

ये भी पढ़ें-

नवरात्रि में 9 तरीके अपनाएं और रहें फिट

व्रत के दौरान रखें सेहत का ध्यान

आप हमें फेसबुकट्विटर और यू ट्यूब चैनल पर भी फॉलो कर सकते हैं।

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

विविधताओं से...

विविधताओं से भरा भारतीय  नववर्ष 

भारतीय नववर्...

भारतीय नववर्ष के शुभारंभ का दिन गुड़ी पाड़वा...

हिन्दू नववर्...

हिन्दू नववर्ष प्रतिपदा विक्रम संवत्

भारतीय संस्क...

भारतीय संस्कृति के कई रंग दिखाती मकर संक्रांति...

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

चित्त की महत...

चित्त की महत्ता...

श्री गुरुदेव की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं। अध्यात्म...

तुम अपना भाग...

तुम अपना भाग्य फिर...

एक बार ऐसा हुआ कि पोप अमेरिका गए, वहां पर उनकी कई वचनबद्घताएं...

संपादक की पसंद

शांति के क्ष...

शांति के क्षण -...

मानसिक शांति के अत्यन्त सशक्त क्षण केवल दुर्बल खालीपन...

सुख खोजने की...

सुख खोजने की कला...

एक महिला बोली : मुनिश्री! मैं बड़ी दु:खी हूं। यों तो...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription