सत्यनारायण की कथा का है खूब महत्व, इस तरह बनाकर देखिए प्रसाद

Sonal Sharma

1st August 2020

सत्यनारायण की कथा और पूजा विधा-विधान से की जाती है और इस पूजा-पाठ के लिए भगवान का प्रसाद बनाया जाता है। प्रसाद के लिए ये विधि फॉलो करें।

सत्यनारायण की कथा का है खूब महत्व, इस तरह बनाकर देखिए प्रसाद

Satyanarayan Katha

सत्यनारायण भगवान की पूजा और कथा का हिन्दू धर्म में बहुत महत्व हैं। सत्यनारायण भगवान, विष्णु भगवान को ही कहा जाता हैं। मान्यता है कि विष्णु भगवान का व्रत और कथा करने से सारे दूख दूर हो जाते हैं और कथा सुनने पर ही सारे दुखों से छुटकारा मिल जाता हैं। यह कथा वैसे तो किसी भी दिन कर सकते है, लेकिन कहा जाता है कि पूर्णिमा या मास की संक्रांति के दिन करने पर इस कथा का सबसे ज्यादा फल मिलता हैं। मौका कोई भी हो इस कथा के लिए विशेष रूप से प्रसाद तैयार किया जाता है। सत्यनारायण कथा में प्रसाद एक अलग ही तरीके से बनाया जाता हैं और उसका स्वाद भी अलग ही होता है।

इस पूजा में 5 तरह के फल चढ़ाए जाते है, और पंचामृत, आटे का कसार चढ़ाया जाता हैं। यह प्रसाद बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट भी लगता है। सत्यनारायण भगवान को जो प्रसाद चढ़ता है, वह सवाया चढ़ता हैं। इस कथा, पूजा के बाद मान्यता है कि ब्राह्मण को भोजन कराना व दान करने का भी बहुत महत्व है। सत्यनारायण भगवान की पूजा में केले के पत्ते का भी खूब महत्व है, जो इस पूजा को पूरी विधि-विधान से करते है तो मनचाहा फल मिलता हैं। ये दो प्रसाद सत्यनारायण कथा की पूजा का प्रतीक है।

आटे का कसार

आटे का कसार के प्रसाद के रूप में ही काम का नहीं है बल्कि सेहत के लिए भी पौष्टिक है।

सामग्री 

1 टेबल स्पून घी

2 टेबल स्पून गेहूं का आटा

2-3 टी स्पून शक्कर

विधि

  • सबसे पहले एक कढ़ाई को गैस पर रखें। अब गैस चालू कर दें। कढ़ाई में अब एक बड़ा चम्मच घी डाल दें।
  • घी गर्म हो जाने पर इसमें 2 बड़ा चम्मच गेहूं का आटा डालें।
  • एक चम्मच की मदद से इसे चलाते रहें। चम्मच से आटे और घी को मिलाएं और आटे को हल्का ब्राउन होने तक सेंकते रहे।
  • हल्का ब्राउन हो जाना यानी आटा अच्छे से सेंक लिया गया है। अब इसके बाद गैस को बंद कर दें और इसे ठंडा होने के लिए अलग रख दें।
  • इसी बीच जब तक आटा ठंडा हो रहा है तब तक मिक्सर में शक्कर पीस लें।
  • पीसी हुई शक्कर को ठंडे हो गए आटे में मिला दें। इन्हें अच्छे से मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। तैयार सत्यनारायण भगवान का प्रसाद।

पंचामृत

शास्त्रों के अनुसरा पांच प्रकार के अमृत माने जाने वाले पदार्थों से मिलकर बने द्रव्य को पंचामृत कहा जाता है। खास बात यह है कि इसके सेवन से सेहत को लाभ भी मिलता है।

सामग्री

3 टी स्पून कच्चा दूध

1 टी स्पून दही

2 टी स्पून गंगाजल

1 टी स्पून शहद 

¼ टी स्पून घी

2 तुलसी पत्ते 

1 टी स्पून शक्कर

विधि

  • सबसे पहले एक बोल में कच्चा दूध लें। दूध में दही, गंगा जल, शहद, घी और शक्कर डालें।
  • सब डालकर एक मिश्रण तैयार कर लें। एक चम्मच की मदद से अच्छे हिलाएं। तैयार किए मिश्रण में तुलसी के पत्ते डालें। लीजिए तैयार है पंचामृत का प्रसाद।

राखी पर मेहंदी का रंग गहरा करने के लिए अपनाएं 7 टिप्स

Happy Friendship Day 2020: अपने दोस्तों को गिफ्ट करें 5 होममेड चॉकलेट्स, जानिए रेसिपी

 

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

Janmashtami ...

Janmashtami 2020: लड्डू गोपाल के लिए तैयार...

त्योहारों पर...

त्योहारों पर बनाइए प्रोटीन से भरपूर ये 5...

Ganesh Chatu...

Ganesh Chaturthi 2020: गणेशजी को चढ़ाएं 6...

छत्तीसगढ़ मे...

छत्तीसगढ़ में मशहूर हैं ये 5 डिशेज़, आप भी...

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

समृद्धिदायक ...

समृद्धिदायक लक्ष्मी...

यू तो लक्ष्मी साधना के हजारों स्वरूपों की व्याख्या...

कैसे करें लक...

कैसे करें लक्ष्मी...

चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखें...

संपादक की पसंद

कैसे दें घर ...

कैसे दें घर को फेस्टिव...

कैसे दें घर को फेस्टिव लुक

घर पर भी सबक...

घर पर भी सबकुछ और...

‘जब से शादी हुई है सिर्फ लाइफ मैनेज करने में ही सारी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription