बरसात में हेल्थ एंड सेफ्टी टिप्स

मोनिका अग्रवाल

7th August 2020

मानसून ने दस्तक दे दी है .अब आप सब खुश होंगे कि चलो गर्मी से निजात मिलेगी और शायद आपकी खुशी इसलिए भी होगी कि बरसात के साथ गर्मागर्म पकोड़े का आनंद भी उठाने को मिलेगा. पकवानों का मजा जरूर लें, लेकिन स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखें. क्या आप जानते हैं कि यह मानसून का मौसम अपने साथ बीमारी भी लेकर आता है.

बरसात में हेल्थ एंड सेफ्टी टिप्स

मानसून ने दस्तक दे दी है .अब आप सब खुश होंगे कि चलो गर्मी से निजात मिलेगी और शायद आपकी खुशी इसलिए भी होगी कि बरसात के साथ गर्मागर्म पकोड़े का आनंद भी उठाने को मिलेगा. पकवानों का मजा जरूर लें, लेकिन स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखें. क्या आप जानते हैं कि यह मानसून का मौसम अपने साथ बीमारी भी लेकर आता है. दरअसल इस मौसम को बीमारियों का मौसम भी कहा जाता है. अधिकांश बीमारियां अनजाने में खाने पीने की लापरवाही की वजह से ही होती है. 

आइए जानते हैं कि ऐसा  किस खान पान का सेवन किया जाए ,जो स्वाद भी दे और  स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभदायक हो. 

आदिवा हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन अनिका बग्गा कहती हैं कि "मानसून में अधिकांश  पेट संबंधी बीमारी होने की संभावना  बढ़ जाती  है .असल में इस उमस भरे वातावरण में नमी का स्तर बहुत बढ़ जाता है .जिस वजह से  हवा में कई तरह के वायरस और बैक्टीरिया पैदा हो जाते हैं. जो कि आसानी से हमारे पानी और खाने की चीजों में मिल कर उन्हें विषाक्त कर देते हैं. और जब इन खाद्य पदार्थों का सेवन  हम करते हैं तब ये वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और कई संक्रामक बीमारियों को न्यौता देते हैं.  इसलिए खाने-पीने की आदतों में बस थोड़ा सा सुधार, आपको बहुत सी बीमारियों और  पेट संबंधी संक्रमण से बचा सकता है". आइए जानते हैं कैसे.

हरे पत्तेदार सब्जियां न खाएं

मानसून में हमारा पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और शरीर का मेटाबॉलिक रेट धीमा . जिस कारण हमारे शरीर में ऊर्जा का स्तर नीचे चला जाता है, व पूरे का पूरा पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है.  इन सब कारणों से रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. इसलिए पेट जल्दी संक्रमित होता है.  जब हम हरी पत्तेदार सब्जियां  जैसे पालक, अरबी के पत्ते, मशरूम, गोभी ,पत्ता गोभी आदि सब्जियों का सेवन इस मौसम में करते हैं तो  कुछ सब्जियों में तो इतने बारीक कीड़े या उनके अंडे होते हैं ,जिन्हें नंगी आंखों से भी नहीं देखा जा सकता . इसलिए इनके सेवन से बचना श्रेयस्कर है. अगर आप इन्हें भोजन में शामिल करना भी चाहते हैं तो गुनगुने पानी से धोकर खाएं.वरना आप अपच, दस्त, पेचिश, खांसी-जुकाम, टायफाइड, वायरल जैसी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. इसलिए इस मौसम में संतुलित आहार और सावधानियों की खास जरूरत होती है.

कच्ची सब्जियां ना खाएं

मानसून के मौसम में कच्ची सब्जियां कच्चा सलाद या फलों के जूस पीने से बचे क्योंकि यह आसानी से नहीं पचते. साथ ही यदि भोजन में सलाद को शामिल भी करना चाहते हैं तो किसी भी तरह के वायरस या कीड़ों के इन्फेक्शन से बचने के लिए उसे स्टीम्ड करके खाएं. इससे सलाद के कीटाणु तो  नष्ट होंगे ही ,  स्वास्थ्यवर्धक भी रहेंगी. इस मौसम में कटा हुआ फल भी ज्यादा देर तक नहीं रखना चाहिए ,उसे भी फ़ौरन खा लेना चाहिए .

रोड साइड फूड न खाएं

इन दिनों कोशिश करें कि बाहर का खाना या जंक फूड का सेवन ना करें. क्योंकि जरूरी नहीं बाहर का खाना उतनी ही सफाई का ध्यान रख उन्हीं मापदंडों पर  पकाया गया हो जितना जरूरी है. ऐसे में  अधपका या तला भुना भोजन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं,संक्रमण ,एलर्जी कुछ भी हो सकती हैं ‌. मानसून में फ्राइड फूड के बजाय ग्रिल्ड और तंदूरी फूड का ही सेवन करें. ज्यादा ऑयली फूड अपच की समस्याओं बढ़ायेगा.  

सी फूड न खाएं

 मानसून में किसी भी प्रकार का सी फूड खाना शरीर के लिए हानिकारक है क्योंकि ये मछलियों और झीगों का ब्रीडिंग टाइम होता है.  जिन तालाबों में ये मछलियां या प्राॅन्स पाले जाते हैं, उनका पानी भी इन दिनों साफ नहीं होता. इन  को खाने से फूड प्‍वाइजनिंग हो सकती है.तो साल के इन दिनों में सी-फूड से पूरी तरह मुंह मोड़ लें.  

सूखा अनाज खायें
मानसून के मौसम में, सूूूखा और साबुत अनाज जैसे- मक्का ,जौ ,गेहूं  ,बेसन और दालों और साथ ही आसानी से मिलने वाले भुने भुट्टे को अपने भोजन में शामिल करें. क्योंकिि साबुत अनाज    में विटामिन ई, विटामिन बी और अन्य तत्व जैसे जस्ता, सेलेनियम, तांबा, लौह, मैगनीज एवं मैग्नीशियम आदि प्राप्त होते हैं. व फाइबर भी प्रचुर मात्र में होता  है. जो कि पाचन तंत्र के लिए बेहतर माना जाता हैं. इन दिनों इनके सेवन से रक्त में वांछित कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ता  हैं और रोग- प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है. 

मौसमी  सब्जी खायें

इस मौसम में मौसमी सब्जियों और फलों को अपने आहार में शामिल करना श्रेयस्कर होगा. घीया,  बींस टिंडा ,परवल और तुरई आदि सब्जियों का सेवन पत्तेदार सब्जियों की जगह किया जा सकता है , क्योंकि इनमें भी  उतने ही पौष्टिक गुण होते हैं जितने पत्तेदार सब्जियों में. इनका सेवन करने से बरसात के मौसम में पेट संबंधी बीमारियों के खतरे से बचा जा सकता है.

रक्तशोधक सब्जियां

 करेला, मूली, मेथी , अदरक, लहसुन, पुदीना, धनिया जैसी रक्तशोधक सब्जियां व काली मिर्च, हल्दी, हींग, मेथी  का उपयोग पाचनशक्ति तो बढ़ाता ही है साथ ही त्वचा व पेट के किसी भी तरह के संक्रमण से  भी रक्षा करने में मदद करता हैं. 

मौसमी फल

इन दिनों मौसमी फलों का सेवन जरूर करना चाहिए .जैसे मौसम्बी, सेब, केला,अमरूद, नाशपाती,आंवला, पपीता, स्ट्रॉबेरी, आम, अनार  जो कि विटामिन सी से भरपूर होते हैं. शोध के अनुसार हमें प्रतिदिन  तीन तरह के फलों का सेवन करना चाहिए. उदाहरण के लिए   हरे फल   में लूटिन नामक फायटोकेमिकल  ,लाल रंग में एंथोसायनिन और पीले रंग के फल में कैरोटिनायड और विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होते है .तीनों ही शरीर के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत जरूरी है.ये पौष्टिक  तत्व न केवल शरीर में ऊर्जा संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि ये शरीर से विषाक्त पदार्थो को बाहर निकालते हैं और संक्रमण से बचाव कर रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक हैं.

ऊर्जावर्धक पेय

हर्बल टी , ग्रीन टी,ग्रीन कॉफी, या फिर वेजिटेबल सूप जैसे गर्म ऊर्जावर्धक पेय का सेवन भी इन दिनों में लाभदायक है. क्योंकि इनके सेवन से शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैैैै और बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया और वायरस से बचाव होता हैं. 

उबले पानी का सेवन

मानसूनी मौसम में दूषित पानी पीने से बैक्टीरिया  शरीर में पहुंच कर पाचन तंत्र को प्रभावित करता है. इसलिए पानी उबालकर पीना श्रेयस्कर है. इसके अलावा आप पानी को शुद्ध करने के लिए किसी भी स्वास्‍थ्‍य केंद्र से क्‍लोरीन की गोलियां लेकर उसे पानी में डाल सकते हैं. उबला पानी पीने से  डिहाइड्रेशन और डायरिया जैसी बीमारियों से तो बचाव होता ही है साथ ही शरीर में उत्पन्न हुए विषाक्त पदार्थ भी  शरीर से बाहर निकल जाते हैं.

स्वच्छता का ध्यान रखें

बरसाती मौसम में, साफ सफाई और  स्वच्छता बेहद जरूरी है क्योंकि इस चिप चिपचिपे और अति नमी व आर्द्रता वाले मौसम में किटाणु जल्दी आक्रमण करते हैं. इसलिए किसी अच्छे मेडिकेटेड साबुन का प्रयोग करें. जब भी कहीं बाहर से आए, खाना खाने से पहले, खाना खाने के बाद और टॉयलेट से आने के बाद हाथ को अच्छी तरह से धोएं. कोशिश करें कि सब्जियों को भी गरम पानी से साफ करें. पकाने के लिए हल्के ऑयल का जैसे कि ऑलिव ऑयल या मेज़  ऑयल का प्रयोग करें. बरसाती मौसम में अपच की समस्या बढ़ जाती है इसलिए एक साथ खाना ना खा कर थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर कुछ थोड़ा थोड़ा खाएं.

शहद का सेवन

मानसून में शहद का सेवन किसी न किसी रूप में जरूर करना चाहिए क्योंकि यह  पाचन विकार से लड़ने , और  विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है . एक चम्मच सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है.सबसे जरूरी बात यह है कि बरसाती मौसम में ताजा खाना खाए बासी खाना संक्रमित हो जाता है. जिस दिन परिस्थिति वश गरम खाना नहीं खा सकते हैं ,तो ठंडा भी ना खाएं. बल्कि ठंडे खाने को खाना खाने से आधा घंटा पहले, बाहर निकाल कर रखें. सामान्य ताप पर आने पर खाएं.

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