टच किया क्या ?

Poonam Mehta

18th September 2020

एक कोमल दबाव बहुत कुछ कह देता है। सही व्यक्ति का सही संदर्भो में स्पर्श हो तो शब्दों की जरूरत ही नहीं पडती। हम तुरंत समझ जाते हैं। स्पर्श मानवीय अनुभव के लिए मौलिक है। स्पर्श एक भाषा है। हमें स्पर्श की आवश्यकता है।

टच किया क्या ?

दुःख मंे वो दोस्त का कंधे पे हाथ, आर्शीवाद देते वो बुजुर्ग का माथे पर स्पर्श, वो बच्चे का ऊंगली पकड के मचलना, वो हमसफर का आपका हाथ अपने हाथों में लेना। शब्दों से कहीं गहरे असर करती है स्पर्श की भाषा। मनुष्य सामाजिक प्राणी है। भावनाएं व्यक्त करने के लिए, छूना भी रिश्ते निभाने के लिए महत्वपूर्ण है। मर्द औरत के स्पर्श से ही दुनिया बनी और सवंरी है।
स्पर्श पांच इंद्रियों में से पहला है। बच्चे को अपनी माँ की उंगली को छूने या पकड़ना नहीं सिखाया गया है फिर भी बच्चा स्वाभाविक रूप से अपने माता-पिता की उंगली पकड़ता है।

स्पर्श क्यों जरूरी
स्पर्श की आवश्यकता व्यक्तियों, परिवारों संस्कृतियों में भिन्न हो सकती हैं पर त्वचा से स्पर्श के कारण जो आक्सीटोसिन हार्मोन निकलते हैं वे फील गुड सेन्सेशन को बढावा देते हैं। इससे डोपामाइन और सरोटोनिन के स्तर में वृद्धि होती है। यह आपके रिश्तों को मजबूत आधार देते हैं और जीवन को गति।

स्पर्श के प्रकार
स्पर्श जब भावनाओं से ओत प्रोत हो, सकारात्मक हो तो गुड टच कहलाता है पर क्रोध उद्धेग, ग्लानि, हताशा, वासना से किया स्पर्श बैड टच कहलाता है। रिश्तों की, संस्कृति की मयार्दा को निभाते हुए जो स्पर्श किए जाएँ वो रिलेशन बढाते हैं।

विभिन्न रिश्तों में स्पर्श
पति पत्नी में स्पर्श प्रेम, वासना, विश्वास का उद्दीपक है, वहीं माॅ और बच्चे में अटूट स्नेह का, एक बाप का बेटी को वात्सल्य भरा स्पर्श हिम्मत बांधता है। वहीं दो बहिनो या भाईयों में स्पर्श उनकी एकता को बढाएगा।
टीम में साथियों का स्पर्श हौसले बुलंद करता है वहीं दुःख में स्पर्श सान्तव्ना देता है। बडे बूढों को किया चरण स्पर्श आर्शीवाद दिलवाता है। वहीं सहकर्मी को किया स्पर्श टीम भावना को बढाता है। 
बच्चा भोलेपन और विश्वास से स्पर्श करता है, प्रेमी संकोच से। बिना कहे रिश्ते प्रगाढ करने की कला है स्पर्श। स्पर्श करने से सही वक्त पर बिगडे रिश्ते सुधर सकते हैं। आत्मीयता गहरी होती है और मानसिक शारीरिक स्वास्थ्य सुधरता है।

शब्दों के बिना संचार
हम स्पर्श के माध्यम से भावना का संचार कर सकते हैं , न केवल उन लोगों के साथ जो हम परिचित हैं, बल्कि अजनबियों के साथ भी।

तनाव को कम करता है
सही समय पर सही व्यक्ति से स्पर्श तनाव से बाहर निकाल सकता है। कोई भी स्पर्श, रक्तचाप और कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को कम करके तनाव की शारीरिक प्रतिक्रिया को शांत कर सकता है। ऑक्सीटोसिन मनुष्यों को दूसरों से जुड़ने में मदद करता है और फील-गुड सेंसेशन को बढ़ावा देता है जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में सकारात्मक रूप से प्रकट हो सकते हैं।
ऑक्सीटोसिन सकारात्मक सोच को प्रेरित करने और दुनिया पर एक आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखने में मदद करता है। शारीरिक स्पर्श से डोपामाइन और सेरोटोनिन के स्तर में वृद्धि होती है , दो न्यूरोट्रांसमीटर जो आपके मूड को चलाते हैं और आपके शरीर को तनाव और चिंता से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

लोगों को साथ लाता है
ऑक्सीटोसिन को प्यार के केमिकल के रूप में जाना जाता है। यह विश्वास और जुड़ाव की भावनाओं का पोषण करने में मदद करता है।

करुणा का संचार करता है
जब हमारी मूलभूत मानवीय जरूरतें पूरी नहीं होती हैं, तब हम शारीरिक संपर्क की कमी का अनुभव करते हैं। कभी-कभी शब्द नहीं होते हैं, लेकिन स्पर्श होता है। स्पर्श शरीर की तंत्रिकाओं को सक्रिय करता है जो हमारे करुण प्रतिक्रिया के साथ अंतरंग रूप से जुड़ा हुआ है।

विकास का पोषण करता है
शिशुओं को पनपने के लिए, उन्हें स्पर्श करने की आवश्यकता होती है। समय से पहले जन्मे शिशुओं को लगातार 5-10 दिनों तक टच थैरेपी के तीन 15-मिनट से 47 प्रतिशत अधिक वजन प्राप्त हुआ। जिन शिशुओं की माताएँ उन्हें छूती थीं उनमें अधिक विकास था। शारीरिक स्पर्श आपके प्रतिरक्षा प्रणाली के कार्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ हृदय और रक्त से जुड़ी बीमारियों को कम करने के लिए जाना जाता है।

यह सिर्फ शिशुओं के लिए नहीं है
मालिश चिकित्सा गर्भवती महिलाओं में दर्द को कम करती है। अल्जाइमर के रोगियों के लिए स्पर्श (टच थेरेपी, मालिश चिकित्सा) तनाव और अवसादग्रस्तता के लक्षणों को कम करता है और उन्हें दूसरों के साथ भावनात्मक संबंध बनाने में मदद करता है। एक स्पर्श जो एक सेकंड से कम समय तक रहता है, वह व्यवहार को प्रभावित कर सकता है।

खुश, घनिष्ठ अंतरंग संबंध
जोड़ों के बीच शारीरिक स्नेह रिश्तों में सोना है। उस प्यार भरी भावना को बढ़ाने के अलावा, शारीरिक स्नेह तनाव के अनुभव को कम करता है और संतुष्टि में सुधार करता है। अंतरंग संबंधों में चेहरे का स्पर्श कोमल और प्रेम और अंतरंगता का संचार कर सकता है।

चैम्पियन टीमों का निर्माण करता है
शोध में पाया गया है कि अधिक स्पर्श करने वाली टीमों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। यह सह-संचालन में वृद्धि, आत्मविश्वास में वृद्धि और खिलाड़ियों के बीच घनिष्ठ संबंध होने की संभावना है।

शोक को खत्म करता है
स्पर्श के माध्यम से संचारित होने वाली गर्मजोशी, निकटता, आंख से संपर्क और अन्य संदेश नकारात्मक भावना और शोक को शांत करने में मदद कर सकते हैं।

एक कोमल दबाव बहुत कुछ कह देता है। सही व्यक्ति का सही संदर्भो में स्पर्श हो तो शब्दों की जरूरत ही नहीं पडती। हम तुरंत समझ जाते हैं। स्पर्श मानवीय अनुभव के लिए मौलिक है। स्पर्श एक भाषा है। हमें स्पर्श की आवश्यकता है।

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