जब पति हों खर्चीले

चयनिका निगम

4th September 2020

पति के खर्चे बढ़ते ही जा रहे हैं? उनका जेब पर कोई कंट्रोल नहीं है? तो यही समय है जब इस मसले को सुलझा लिया जाए।

जब पति हों खर्चीले
‘कमाई इतनी नहीं है, जितना आप खर्च करते रहते हैं' श्रुति अपने पति से अक्सर यही कह देती हैं। दरअसल उनके पति खर्चा करने का कोई भी मौका हाथ से जाने नहीं देते हैं। कभी बिस्कुट लेने जाएंगे तो पेस्ट्री, नमकीन और न जाने क्या-क्या ले आएंगे। फिर कभी शर्ट लेने निकले तो पूरे परिवार के लिए कुछ न कुछ तो खरीद ही लेते हैं। कितना भी समझाओ पर उनके समझ में नहीं आता है कि जितनी चादर हो पैर भी उतने ही फैलाने चाहिए। पर बेहतर भविष्य के लिए उनको ये समझना ही होगा। वरना उनकी इस लापरवाही का खामियाजा पूरा परिवार ही भुगतेगा। पिछले कुछ दिनों से तो श्रुति इस चिंता में ही रहती हैं कि उनके पति को पैसों की अहमियत कैसे समझाएं? मगर श्रुति को भी एक बात समझनी होगी कि ये काम इतना भी कठिन नहीं है। इसके लिए शांत मन से कुछ बातों को खुद समझना और दूसरों को समझाना होगा। फिर देखिएगा कैसे बजट की नाव सटीक लहर के साथ आगे बढ़ती रहती है। चलिए जान लेते हैं वो बातें, जो आपके पार्टनर को ज्यादा खर्चा न करने के लिए करेंगे प्रेरित-
लग सकता है बुरा-
सोचिए अगर आपके पति आपके हर खर्चे के बाद आपको खर्चा कम करने की सलाह दें तो...अच्छा नहीं लगेगा न। ऐसा ही आपके पति के साथ भी हो सकता है। उन्हें आपका बार-बार खर्चा कम करने के लिए बोलना खराब लग सकता है। वो इस बात का बुरा मान सकते हैं कि आप हमेशा पैसों की ही बातें करती रहती हैं। इसलिए इन बातों को करने का सही समय होता है। इन्हें कभी भी न शुरू कर दें बल्कि इसके लिए समय निश्चित करें और निर्णय पर आएं। 
एक बात पर हों सहमत-
पैसों पर बात करनी शुरू करनी हो तो इसके लिए आप दोनों को एक बात पर सहमत होना होगा। मतलब आप दोनों को मानना होगा कि हां, पैसे जोड़ने की जरूरत है। पैसों को यूंहीं खर्च करते जाने के कोई फायदे नहीं हैं। बल्कि संयम से खर्च करने के फायदे जरूर होंगे। आपका भविष्य सुरक्षित होगा और साथ में बच्चों का भी। आप दोनों को ही इस एक बात पर सहमत होना ही होगा तब कहीं जाकर खर्चे की गाड़ी रुकेगी और बचत की गाड़ी आगे बढ़ेगी। देखिए जब दोनों लोग एक ही तरह से सोचेंगे तो समझ लीजिए कि रिजल्ट बिना किसी बहस या नाराजगी के ही अच्छा आ जाएगा। जैसे आप दोनों जरूरत के हिसाब से हफ्ते का बजट पक्का कर लें और उससे ज्यादा न खर्चा करने की पूरी कोशिश करें। 
क्यों करते हैं ज्यादा खर्चा-
पति के खर्चे लगातार बढ़ते ही जाते हैं तो उनको कोसने से ज्यादा जरूरी है कि आप उन पर गुस्सा करने से पहले उनके ऐसा करने के कारण को पहचान लें। ये कारण सही होना चाहिए। हो सकता है कि अगर पति समय से पहले ही नए गद्दे खरीद लाए हैं तो उन्हें पूरे परिवार की अच्छी नींद और अच्छी हेल्थ की चिंता हो। 
उनको समझाएं-
कुछ बचे ही न इससे पहले आपको अपने पति को समझाना होगा कि जब भी वो खर्चे के बारे में सोचें तो एक दफा खुद से एक सवाल जरूर पूछें। वो खुद से पूछें कि ‘क्या ये सच में जरूरी है?', ‘क्या इस खरीदारी के बिना काम नहीं चलेगा?' अगर जवाब में सच में हां आए तो ही शॉपिंग करें। 

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