मैं एक वर्किंग गृहलक्ष्मी हूं!! - उर्वशी ढोलकिया

Richa Mishra Tiwari

8th September 2020

मेरा मानना है कि मैं एक मल्टीडाइमेंशनल और मल्टीटास्कर हूं। मैं एक साथ चार चीजें कर सकती हूं। लेकिन कभी-कभी एक ऐसा फेस आता है जिसमें हम इरिटेट हो जाते हैं लेकिन वह भी कुछ समय में निकल जाता है। जैसा की मेने कहा ताली एक हाथ से नहीं बजती है ठीक वैसे ही घर में भी सबको बराबर होकर काम करना पड़ता है। वैसे ही मेरे लिए मेरी फैमिली ने भी एफर्ट किए है। हम सब लोग एक जैसे बनकर रहते हैं जिससे घर का काम भी चलता रहे, घर भी चलता रहे, कभी कभी हो जाता है इधर उधर लेकिन सब ठीक हो जाता है।

मैं एक वर्किंग गृहलक्ष्मी हूं!! - उर्वशी ढोलकिया

टीवी जगत की फेमस वैम्प का किरदार निभाने के बाद भी लोगो के प्यार और दुलार से भरपूर उर्वशी ढोलकिया को तो आप जानते ही होंगे, वो टीवी सीरियल 'कसौटी जिंदगी की' में कोमोलिका बसु का रोल निभाकर काफी फेमस हुई थीं । उर्वशी ढोलकिया बिग बॉस के सीजन 6 में भी नजर आ चुकी हैं, उर्वशी की जिंदगी काफी उतार चढ़ावों से भरी रही है। और  इन्हीं सभी बातों को लेकर उनसे खास बातचीत हमारी प्रतिनिधि ऋचा मिश्रा तिवारी से हुई जिसके कुछ अंश ।


आप वास्तविक जीवन में किस प्रकार की गृह लक्ष्मी है?
मैं बहुत वर्किंग गृहलक्ष्मी हूं।

 आप वर्किंग गृहलक्ष्मी कैसे और क्यों है?
मैं वर्किंग गृहलक्ष्मी इसलिए हूं क्योंकि मैं दिनभर शूटिंग और सभी काम में बिजी रहती हूं। इसलिए मैं अपने आप को बहुत ज्यादा वर्किंग गृहलक्ष्मी मानती हूं।


आप अपने काम और घर को कैसे मैनेज करती है?
मेरा मानना है कि मैं एक मल्टीडाइमेंशनल और मल्टीटास्कर हूं। मैं एक साथ चार चीजें कर सकती हूं। लेकिन कभी-कभी एक ऐसा फेस आता है जिसमें हम इरिटेट हो जाते हैं लेकिन वह भी कुछ समय में निकल जाता है। जैसा की मेने कहा ताली एक हाथ से नहीं बजती है ठीक वैसे ही घर में भी सबको बराबर होकर काम करना पड़ता है। वैसे ही मेरे लिए मेरी फैमिली ने भी एफर्ट किए है। हम सब लोग एक जैसे बनकर रहते हैं जिससे घर का काम भी चलता रहे, घर भी चलता रहे, कभी कभी हो जाता है इधर उधर लेकिन सब ठीक हो जाता है।

आप अपने काम और बच्चों को कैसे मैनेज करती है?
मेरे बच्चों को तो उनकी नानी ने पूरी तरह संभाला है। उन्होंने ही मेरे बच्चों की सारी भागदौड़ की है। क्योंकि मुझे बिल्कुल भी शूटिंग से टाइम नहीं मिल पाता था। मेरे बच्चों का स्कूल भी घर के बगल में ही था। तो मेरी मम्मी ही उन्हें लाना ले जाना कर लेती थी। लेकिन उसके बाद फिर मुझे 8 साल की उम्र में मेरे बच्चों को बोर्डिंग स्कूल भेजना पड़ा, क्योंकि मैं उन्हें बिल्कुल भी टाइम नहीं दे पाती थी। तब मेरी मम्मी ने मुझे एक सजेशन दिया था जिसे मैं कभी नहीं भूल पाऊंगी। उन्होंने मुझे कहा था कि बिजी रहकर अपने बच्चों को एक इन डिसिप्लिन लाइफ देने से अच्छा है, उन्हें बोर्डिंग में भेजकर एक डिसिप्लिन लाइफ दो क्योंकि तुम भी बिजी रहती हो और उन्हें टाइम भी नहीं दे पाती हो तो। इसलिए मैंने उन्हें बोर्डिंग भेजने का फैसला किया।
जब मैंने मेरे बच्चों को बोर्डिंग भेजा था तब वह 8 साल के थे। उन्हें बोर्डिंग भेजते समय मुझे बहुत बुरा लगा और बहुत तकलीफ हुई। क्योंकि तब मेरे पास बिल्कुल भी समय नहीं था। यहां तक की मैंने मेरे बच्चों के बोर्डिंग स्कूल को जाकर भी नहीं देखा था। बोर्डिंग स्कूल देखने के लिए भी मेरी मम्मी और मेरी नेबर गई थी। उन्होंने घर आकर मुझे स्कूल की डिटेल बताइए तब जाकर मैंने स्कूल डिसाइड किया। मैं उस समय बहुत ज्यादा रोइ थी।


बच्चे बोर्डिंग से वापस आपके पास रहने कब आए?
मैंने मेरे बच्चों को 2009 में अपने पास वापस बुला लिया था। क्योंकि उस टाइम मेरे फादर की तबीयत थोड़ी खराब हो गई थी। तो उन्होंने मुझे कहा कि तुम बच्चों को बुला लो। इसलिए मैंने उन्हें बुला लिया था। उस समय वह 14 साल के थे। मैंने उन्हें बोर्डिंग स्कूल भेजा उसका मुझे बिल्कुल भी रिग्रेट नहीं है क्योंकि वो दोनों अब बहुत इंडिपेंडेंट बन चुके हैं। मैं इससे बहुत हैप्पी हूं क्योंकि मुझे एक पैकेज डील मिला है। लेकिन जब मेरे बच्चे घर वापस आए तब उसके बाद मैंने 3 साल के लिए काम छोड़ दिया था। क्योंकि मैंने उन्हें छोटी उम्र में बड़ा होते हुए नहीं देखा तो मुझे उन्हें बड़ी उम्र में बड़ा होते हुए देखना था। इसलिए मैंने काम भी छोड़ दिया था।

आप किचन में कैसी गृहलक्ष्मी है ?
मेरा मानना है कि किचन के लिए मैं ज्यादा अच्छी गृहलक्ष्मी नहीं हूँ । क्योंकि मुझे खाना बनाने में कोई इंटरेस्ट नहीं है। मेरे बच्चे मेरे लिए खाना बनाते हैं। अगर उनसे पूछेंगे कि मम्मी क्या बनाती है, तो वह सीधा बोलेंगे की मम्मी सिर्फ पैकेट वाला सूप बनाती है। मेरे बच्चे पूरा खाना बना लेते हैं। उन्हें आमलेट बनाना भी आता है, चिकन बनाना भी आता है। घर में सब लोग मेरा बहुत ज्यादा ध्यान रखते हैं और बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। मैं अपने आप को बहुत ज्यादा खुशनसीब मानती हूं।  मेरे फादर के जाने के बाद मैंने एक रूल बनाया था जो अब तक कायम है। वो था कि एक टाइम सब लोग साथ मिलकर खाना खाएंगे जो आज तक चलता आ रहा है बस मुझे छोड़ कर क्योंकि मैं उस टाइम अपने काम पर रहती हूं। लेकिन मेरे घर के लोग साथ मिलकर खाना खाते हैं।


लॉकडाउन में क्या स्पेशल आपने खाने के लिए बनाया?
लॉकडाउन में वैसे तो मैंने बच्चों के लिए खाना बनाया है और मैं बना सब कुछ सकती हूं लेकिन मुझे खाना बनाने में बिल्कुल भी इंटरेस्ट नहीं है। खाना बनाने का जितना लोगों को शौक होता है उतना मुझे बिल्कुल भी नहीं है। लेकिन फिर भी मैं सब कुछ बना लेती हूं मुझे पूरा खाना बनाना आता है। बिग बॉस में मैंने है किचन संभाला था, क्योंकि वहां पर किसी को तो कुछ बनाना था भूखा तो रह नहीं सकते थे।

बिग बॉस के किचन में कैसी गृहलक्ष्मी थी?
ये तो आपको बाकि सबसे ही पूछना पड़ेगा। वहां पर सबको अपना-अपना काम डिस्ट्रीब्यूट था। अगर किसी को कुछ चीज नहीं आती थी तो सब उसमें अपना अपना दिमाग लगा देते हैं। लेकिन मुझसे बहुत बार खाना ठीक नहीं बना मैं बहुत रोती थी। दो तीन बार अगर खाना जल गया हो तब भी मैं बहुत रोई हूं।

दोस्तों के लिए किसी गृहलक्ष्मी  है?
मेरा मानना है कि मेरे दोस्त मुझसे ज्यादा मेरे बच्चों के दोस्त हैं। मुझसे पहले वह सब मेरे बच्चों से बात करते हैं। उसके बाद मुझसे बात करते हैं। ये दोनों भी कुछ कम नहीं इनको अगर कुछ काम निकला ना होता था तो यह मुझसे पहले मेरे दोस्तों के पास जाकर बोलते थे। उसके बाद वाया वाया होकर मेरे पास बात आती थी। खैर मैं भी बचपन में ऐसा ही करती थी जब मम्मी की फ्रेंड घर पर आती थी। तब ही मैं मम्मी से कुछ मांगती थी ताकि वह मना नहीं कर पाए।

आप दोस्तों के साथ कैसे टाइम स्पेंड करती है?
मुझे घर में रहना काफी ज्यादा पसंद है। मेरे लिए ये लॉकडाउन आम दिनों जैसा ही था। क्योंकि मैं अपने आम दिनों में भी ऐसे ही रहती हूं। मेरी जब शूटिंग नहीं होती है तब मैं घर पर ही रहती हूं और उस समय मुझे कोई भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकाल सकता। इससे घर वालों को काफी प्रॉब्लम होती है। वही मेरे दोस्तों को भी इतनी तकलीफ होती है कि उन्हें मुझे घर पर आकर मेरे कमरे से खींच कर बाहर निकालना पड़ता है। उसके बाद हम कही जा पाते हैं।


आप क्या फिटनेस फंडा देंगी?
मेरा मानना है कि हमें सेल्फ कॉन्फिडेंस रहना चाहिए क्योंकि हमारा लुक ही सब कुछ नहीं होता जब आप कॉन्फिडेंस रहेंगे तब आपके ऊपर वह खुशी चमकेगी और आपके चेहरे पर भी आपका कॉन्फिडेंस दिखेगा। हमें खुश रहना चाहिए चाहे कुछ भी हो जाए। मैं एक ही फिटनेस फंडा देती हूं की सभी को हंसते रहना चाहिए साथ ही कंफर्टेबल रहना चाहिए। अगर आप खुश रहेंगे और कंफर्टेबल रहेंगे तो आप अपने आप ही खुद को फिट समझेंगे। अच्छा खाओ और ज्यादा से ज्यादा पानी पियो और बिना मतलब के खुश रहो और इस टाइम में अपनी इम्यूनिटी को बड़ा कर रखो। तो आप अपने आप फिट रहेंगी। मेरा फिटनेस फंडा हंसना है क्योंकि मैं जिम नहीं जाती मैं आज तक जिम नहीं गई। क्योंकि मुझे समझ ही नहीं आता है जिम क्या है। मैंने एक बार ट्राई किया था लेकिन मैं भूखी जाती थी तो मुझे वहां पर जाकर भूख लगती थी तो फिर मैं वहां की ट्रेनर मेरी फ्रेंड हुआ करती थी तो में उसको भी चटपटा चार्ट या कुछ ऐसा खिलवा देते थे तो वह मुझे कहती थी कि तुम्हारे लिए जिम नहीं है तुम इसके लिए नहीं बनी हो, तुम जिम मत आया करो।


आप क्या  ब्यूटी टिप देना चाहेंगी ?
आजकल जो क्रीम मार्केट में चल रहे हैं उसका इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। मैं भी नहीं करती हूं क्योंकि क्रीम्स में बहुत सारे केमिकल्स होते हैं जो हमारी स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। आप रोज सिर्फ रोज़ वॉटर से अपना फेस वॉश करें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिए। इससे आपकी बॉडी हाइड्रेटेड रहेगी। पानी हमारी बॉडी के लिए सबसे ज्यादा मेन चीज होती है। मेरे पास सिर्फ एक ही नुस्खा है नेचुरल ब्यूटी का वह है खुश रहें और ज्यादा से ज्यादा पानी पीते रहे इससे आपके चेहरे पर अपने आप ग्लो आएगा।

फैशन टिप्स क्या देना चाहेंगी आप
आप जो भी पहने उसमें आप कंफर्टेबल रहे क्योंकि कंफर्टेबल रहना हमारे लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है। अगर आप मजबूरी में खुद को जकड़ लेंगे तो आप उतने ही बेकार लगेंगे। जितना आप मजबूरी में काम करेंगे उतना ही आप अनकंफटेबल फील करेंगे। इसलिए सबसे पहली बात है कि आप खुद में कंफर्टेबल रहें इससे आपकी प्रेजेंटेबिलिटी भी रहेगी और आप अच्छे भी दिखेंगी। हमेशा कंफर्टेबल रहना चाहिए फिर चाहे आप कुछ भी पहने। मैं भी कुछ भी पहन लेती हूं क्योंकि मैं कंफर्टेबल फील करती हूं। मैं सिर्फ एक ही फैशन टिप देना चाहूंगी जो भी आपको कंफर्टेबल लगता है आप वही पहने। क्योंकि फैशन का कोई रूल मैं भी फॉलो नहीं करती ना मेरे पास कोई स्टाइलिश है पर्सनल, मुझे जो अच्छा लगता है मैं वह पहन लेती हूं।मेरा मानना है कि हर कोई खूबसूसरत है अपनी अपनी जगह पर!!

फ्यूचर में आप अपने आप को कैसे देखती है?
मैं जब टीवी में काम कर रही थी तब भी मैं अपना फ्यूचर नहीं देखती थी मैं तो ग्लो विथ फ्लो काइंड ऑफ इंसान हूं। अगर मुझे कोई भी प्रोजेक्ट इंटरेस्टिंग लगता है या मुझे ऐसा फील होता है कि यह मैं कर सकती हूं, तो मैं वह कर लेती हूं, फिर चाहे वह ओटीटी प्लेटफॉर्म हो, या फिर टीवी सीरियल शो मैंने कभी एक स्पेसिफिक जोनार अपने लिए चूस नहीं किया हुआ है।


मेरा मानना है कि जब फैंस के रिएक्शंस कैसे होते थे जब बहार जाती थी      

जब मैं कोमोलिका के किरदार मैं थी तब मैं वैसा ही महसूस करती थी जैसा कि आज करती हूं। लेकिन वो एक अलग ही फीलिंग थी, जिसमें मुझे इतना अप्रिशिएट किया जाता था। मेरा मानना है कि लोग मुझे अप्रिशिएट कर रहे हैं। इसलिए मैं आज भी इस पोजीशन पर हूं। मेरा मानना है कि हार्ड वर्क हर कोई करता है लेकिन कई सक्सेसफुल होते हैं और कई नहीं हो पाते हैं और उन्हें  

 

आपके बच्चे शो देखने के बाद आपको कैसे रिएक्शन देते है ?

मेरे बच्चों की तरफ से मुझे कभी भी गलत रिएक्शंस नहीं मिले है। वो उल्टा बोर्डिंग स्कूल में मेरे नाम की  हुड़कियां देते थे। वो हमेशा दोस्तों को डराने के लिए कहते थे, तुम जानते हो मेरी मम्मी कौन है और मुझे यहां पर पता ही नहीं होता था कि क्या चल रहा है।

नच बलिए का सफर कैसा था आपका?
नच बलिए की जर्नी मेरे लिए बहुत अच्छी रही है लेकिन कई डिफ्रेंसेस भी रहे हैं। लेकिन मैं वहां पर बहुत वोकल रही हूं। नच बलिए में जाने के बाद मैं बहुत ज्यादा प्राउड फील करती हूं। यह मेरे लिए बहुत ज्यादा फिजिकल चैलेंज था।

आप अपने दर्शकों को क्या मैसेज देना चाहेंगी?
मेरा मानना आप लोग मेरे फंडे ना अपनाएं क्योंकि हर किसी की जर्नी अलग-अलग है। आपकी खुद की अपनी एक जर्नी है। मैं सिर्फ ये ही बोलना चाहूंगी कि उतार चढ़ाव हर किसी को लाइफ में आते है लेकिन वो सिर्फ कुछ समय के लिए रहते है और चले जाते हैं लेकिन आप इस बीच निगेटिव कुछ भी दिमाग में ना लाए,  उस नेगेटिविटी को मेहनत करके पॉजिटिव किया जा सकता है। इसलिए कभी भी अपने दिमाग में नेगेटिविटी ना आने दे।

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