सुपर फूड्स फाॅर माइग्रेन

Poonam Mehta

15th September 2020

माइग्रेन एक चिकित्सकीय स्थिति है। यह दैनिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, जिससे काम करना या नियमित गतिविधियां करना मुश्किल हो जाता है। ट्रिगर को पहचानना माइग्रेन की गंभीरता को कम करने में मदद कर सकता है, हालांकि उन्हें रोकना हमेशा संभव नहीं होता है। दवा और अन्य उपचार माइग्रेन और इसके लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं। जिस किसी को भी माइग्रेन है, उसे डॉक्टर को देखना चाहिए। कहते भी हैं ‘प्रिवेन्शन इज बैटर देन क्योर।’

सुपर फूड्स फाॅर माइग्रेन

माइग्रेन का सिरदर्द अक्सर सुस्त दर्द के रूप में शुरू होता है और धड़कते हुए दर्द में बढ़ता है। दर्द आपके सिर के एक तरफ से दूसरे तरफ जा सकता है। लगभग 80 प्रतिशत लोगों को सिरदर्द के साथ मतली होती है, आप बेहोश हो सकते हैं। अधिकांश माइग्रेन का सिरदर्द लगभग 4 घंटे तक रहता है, लेकिन 3 दिनों से अधिक समय तक भी रह सकते हैं। प्रति माह दो से चार सिरदर्द होना आम बात है।

माइग्रेन क्या है
एक मजबूत सिर दर्द है जो अक्सर उल्टी के साथ होता है। यह घंटों या दिनों तक चल सकता है।

प्रारम्भिक लक्षण

ये लक्षण आपके तंत्रिका तंत्र से आमतौर पर धीरे-धीरे शुरू होते हैं।

काली डॉट्स, लहराती रेखाएं, प्रकाश की चमक या ऐसी चीजें दिखें जो वहां नहीं हैं।

शरीर में एक तरफ झुनझुनी।

स्पष्ट नहीं बोल पाना।

अपनी बाहों और पैरों में भारीपन महसूस करना।

गंध, स्वाद, या स्पर्श में परिवर्तन

माइग्रेन के कारण

डॉक्टरों को माइग्रेन सिरदर्द का सही कारण नहीं पता है। वर्तमान सोच यह है कि एक माइग्रेन की संभावना तब शुरू होती है जब अति सक्रिय तंत्रिका कोशिकाएं आपके ट्राइजेमिनल तंत्रिका को ट्रिगर करने वाले संकेत भेजती हैं, जो आपके सिर और चेहरे को सनसनी देता है। महिलाओं में पुरुषों की तुलना में तीन गुना अधिक बार माइग्रेन होता है।

माइग्रेन ट्रिगर्स
हार्मोन - कई महिलाएं नोटिस करती हैं कि उनके पीरियड्स के दौरान सिरदर्द होता है।

तनाव - जब आप तनावग्रस्त होते हैं, तो आपका मस्तिष्क उन रसायनों को छोड़ता है जो रक्त वाहिका परिवर्तन का कारण बन सकते हैं जो माइग्रेन का कारण बन सकते हैं।

फूड्स - कुछ खाद्य पदार्थ और पेय, जैसे पनीर , शराब , और मोनोसोडियम ग्लूटामेट (एमएसजी), कुछ लोगों में जिम्मेदार हो सकते हैं।

कैफीन - बहुत अधिक हो रही है या आप जितनी इस्तेमाल करते हैं, उससे कम का प्रयोग सिरदर्द पैदा कर सकता है।
जोर से शोर, उज्ज्वल रोशनी, और मजबूत खुशबू से माइग्रेन हो सकता है।

आपकी नींद में बदलाव - जब आप बहुत अधिक या पर्याप्त नहीं सोते हैं तो आपको सिरदर्द हो सकता है।

सिरदर्द के बाद

थका हुआ महसूस हो रहा है। असामान्य रूप से ताजा या खुश महसूस करना। मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी फूड क्रेविंग या भूख की कमी

माइग्रेन का इलाज और घरेलू उपचार
माइग्रेन के सिरदर्द का कोई इलाज नहीं है। लेकिन घरेलू उपचारों से आप माइग्रेन के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

एक अंधेरे, शांत कमरे में अपनी आँखें बंद करके आराम करें।

अपने माथे पर बर्फ पैक लगाएं।

ट्रिगर को पहचानें और उससे बचें।

तनाव को प्रबंधित करें । ध्यान , योग और माइंडफुल ब्रीदिंग जैसी रिलैक्सेशन तकनीक मदद कर सकती है।

एक नियमित समय पर खाएं।

बहुत सारे तरल पदार्थ पिएं।

खूब आराम करें।

नियमित व्यायाम करें।

अगर आपको अपने पीरियड के आसपास माइग्रेन हो या जीवनशैली में बदलाव न आए तो निवारक दवाओं के बारे में अपने डॉक्टर से पूछें।

कई ऐसे सुपर फूड्स है जो माईग्रेन के अटैक को न केवल रोकते है बल्कि उसे जल्दी खत्म करने मे मददगार भी होते है।

अदरक:- अदरक एक ऐसी औषधि है जो हर घर में उपलब्ध होती है। दर्द निवारक और सूजन कम करने वाली यह जड़ सिरदर्द में भी फायदा करती है। पानी में उबाल के या रस निकाल के पेस्ट बना के खाली पेट लेने से, भून के खाने से फायदा होता है।

सेलेरी:- सेलेरी माईग्रेन के लिए प्राकृतिक चिकित्सको द्वारा रामबाण औषधि मानी गई है। इसमें उपस्थित ल्यूटेयोनिल प्लान्ट फ्लेवेनाईड़ मस्तिष्क की कोशिकाओं की सूजन कम करता है। ध्यान रहे कि सेलेरी खरीदते वक्त आॅर्गेनिक ही खरीदे क्योंकि इसे काफी मात्रा में पेस्टीसाइड़्स ड़ाल के उगाया जाता है।

पानी:- ड़िहाईड्रेशन कई लोगो में माइग्रेन का कारक होता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना आवश्यक है। रोज छः से आठ गिलास पानी पीए। अगर आप शारीरिक श्रम ज्यादा करते है तो पानी ज्यादा पीए। आर्टिफिशियल स्वीटनर वाले ड्रिंक माइग्रेन को बढ़ाते है।

मिर्च:- मिर्ची में एक फाइटोकेमिकल होता है जिसे कैपसैकिन कहते है जो माइग्रेन के दर्द को कम करता है। कैपसैकिन उस तत्व को रोकता है जो नसो में सूजन बढ़ाता है। मिर्ची में विटामिन बी 2 और मैगनीशियम होता है जो माइग्रेन में कमी करता है।

शकरकंद:- शकरकंद में एण्टीआॅक्सिडेन्ट प्रापर्टीज होती है जो माइग्रेन भगाती है। यह अत्यधिक न्यूट्रिशियस होते है।

क्वीनोवा:- पालक की प्रजाती का यह खाद्य पदार्थ ग्लटन फ्री होता है। माइग्रेन ग्लटन से बढ़ता है। क्वीनोआ में मैग्निशियम अच्छी मात्रा में होता है। मैग्निशियम मे ब्लड़ वैस्ल वाल्स को सामान्य रखने की क्षमता होती है। शरीर में मैग्निशियम की मात्रा से न्यूरो ट्रांसमीटर प्रभावित होते है। मैग्निशियम की कमी से माइग्रेन में बढ़ोतरी सम्भव है।

सीसल सीड्स:- सीसल के बीज ब्लड वैसल्स के झपकने को कम करते है जिससे माइग्रेन के अटैक में कमी आती है। सीसल बीज भारतीय व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने में भी कारगर भूमिका निभाते है।

चैरी:- चैरी नाश्ते मे या स्नैक के रुप में खाते रहिए। चैरी में क्वरसेटिन नाम का पदार्थ होता है जिससे एन्टी एलर्जी, एन्टी इन्फ्लमेटरी, एन्टीआॅक्सिडेन्ट प्रापर्टीज होती है।

पालक:- सिरदर्द में सर्वाधिक असरकारी पालक हर तरह के दर्द निवारण की क्षमता रखता है। विटामिन बी 2 इसमें बहुतायत में पाया जाता है। कोशिकाओं का एनर्जी लेवल मेन्टेन रखने में राइवोफ्लेविन मदद करता है। पालक का सेवन करने से अच्छी त्वचा, सुन्दर बाल व सिरदर्द में राहत मिलती है।
फल, सब्जियां जो फाईबर से परिपूर्ण होते है यह शरीर से फालतू एस्ट्रीजन निकाल के फेंक देते है। एस्ट्रोजन लेवल शरीर में ड्राॅप होने की वजह से माइग्रेन होता है।

फैटी फिश:- सालमन, ट्राउट, मैकरेल, हैरिंग जैसी मछली के सेवन से न केवल माइग्रेन दूर होता है बल्कि ओमेगा 3 फैटी एसिड ई.पी.ए. डी.एच.ए. भी मिलता है।

काॅफी:- माइग्रेन के अटैक आने पे काॅफी का सेवन मदद करता है। मस्तिष्क की सूजी हुई ब्लड वैसल्स को कम करने मे काफी मदद मिलती है।

मैग्निशियम:- होल ग्रेन, बीन, डार्क ग्रीन लीफी वेजीटेबल सभी माइग्रेन दूर रखने में मदद करती है। मैग्निशियम की कम मात्रा माइग्रेन को आमंत्रित करती है। भुने हुए कद्दू के बीज मैग्निशियम का अच्छा स्त्रोत है। ब्राजील नट, बादाम इत्यादि

कैल्शियम:- खाद्य पदार्थ जो कैल्शियम युक्त होते है जैसे दही, हरी पत्तेदार सब्जियांवगैरह भी माइग्रेन हटाने में मदद करते है।

ओमेगा 3:- अलसी, अखरोट, जैतून आदि मे ओमेगा 3 होते है माइग्रेन रोकने मे मदद करते है।

विटामिन ई:- विटामिन ई युक्त पदार्थ जैसे बादाम, पपीता, किवी, ब्राकोली माइग्रेन रोकने तें सहायक होते है।

पानी से परिपूर्ण पदार्थ:- तरबूज, खरबूज, खीरा बैर आदि में अत्यधिक मात्रा में पानी होता है। यह हर प्रकार का सिरदर्द रोकते है।

माइग्रेन एक चिकित्सकीय स्थिति है। यह दैनिक जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती है, जिससे काम करना या नियमित गतिविधियां करना मुश्किल हो जाता है। ट्रिगर को पहचानना माइग्रेन की गंभीरता को कम करने में मदद कर सकता है, हालांकि उन्हें रोकना हमेशा संभव नहीं होता है। दवा और अन्य उपचार माइग्रेन और इसके लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद कर सकते हैं। जिस किसी को भी माइग्रेन है, उसे डॉक्टर को देखना चाहिए। कहते भी हैं ‘प्रिवेन्शन इज बैटर देन क्योर।'

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