अपने बच्चे को उम्र के साथ अनुशासन कैसे सिखाएं

मोनिका अग्रवाल

23rd September 2020

बच्चों की उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे उनके व्यवहार व आचरण में भी बदलाव आ जाता है लेकिन जैसे जैसे वो बड़े होते जाते हैं उन्हें कुछ व्यवहार व अनुशासन में रहना सिखाना भी आवश्यक होता है।

अपने बच्चे को उम्र के साथ अनुशासन कैसे सिखाएं

बच्चों को खेल कूद व भाग दौड़ करना बहुत पसंद होता है परन्तु उन्हें अनुशासन सिखाना भी बहुत आवश्यक होता है। पर जैसे जैसे बच्चों की उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे उनके व्यवहार व आचरण में भी बदलाव आ जाता है लेकिन जैसे जैसे वो बड़े होते जाते हैं उन्हें कुछ व्यवहार व अनुशासन में रहना सिखाना भी आवश्यक होता है। परंतु कैसे हम अपने इतने शरारती बच्चों को कैसे अनुशासन सीखा सकते हैं? आइए जानते हैं। 

उनकी इच्छा को भी सुने :यदि आप के बच्चे छोटे हैं तो आप को उनको तमीज में रखने के लिए उनकी भी कुछ बातें माननी होंगी। आप को उनकी इस उम्र में 2 चॉइस दे देनी चाहिए जैसे उसे पहले ब्रश करनी है या अपने कपड़े पहले पहनने हैं। इस प्रकार की चॉइस आप अपने बच्चों को दे सकते हैं। 

शांत रहें :बच्चों को सकारत्मक  या नकारत्मक किसी भी तरह का काम करते समय आप की अटेंशन चाहिए होती है। यदि उन्होंने कोई गलती करी है तो उन पर ओवर रिएक्ट न करें। उन्हें प्यार से समझाएं व अपने आप को शांत रखें। उन्हें शान्ति से समझाइए की आगे से उन्हें खाते समय मेज गंदा नहीं करना है। 

उन्हें कहीं बाहर लेकर जाएं :आप को अपने बच्चे को कई बार बाहर कही खुली जगह पर ले जाना चाहिए ताकि वह कुछ समय खेल सके व अपने ऊपर नियंत्रण कर सके। उसे अपनी गलतियों से सीखने को भी मिलेगा जिससे उसका मानसिक व शारीरिक रूप से विकास भी होगा। 

अनुशासन के टिप्स 

चिल्लाना :यदि आप के बच्चे बात बात पर चिल्लाने लग जाते हैं तो उन्हें पता भी नहीं चलता कि यह कब उनकी आदत बन जाती है। फिर वह हमेशा आप से ऊंची आवाज में बात करेंगे। अतः आप को इस मामले में अपने बच्चों के साथ थोड़ी बहुत सख्ती तो दिखानी पड़ेगी। 

आप की बातें न सुन ना :हो सकता है टीवी या गेम खेलते समय आप के बच्चे आप की बातें न सुने तो आप को अपने बच्चे पर कभी कभार चिल्ला भी देना चाहिए ताकि वह आप की बातों का जवाब दे सकें। 

दो बार से अधिक न कहें :यदि आप के बच्चे आप की बातों का रेस्पॉन्स नहीं दे रहे हैं तो आप को उन्हें दो बार से अधिक नहीं टोकना चाहिए अन्यथा वह नकारत्मक रूप से जवाब देने लग जाएंगे या फिर आप से चिड़ने लग जाएंगे जो कि एक अच्छी बात नहीं है। 

उनके साथ अच्छा व्यवहार करें :यदि आप अपने बच्चों के साथ अच्छा बर्ताव करते हैं और उनके अच्छे व्यवहार के लिए भी उनकी सराहना करते हैं तो इसकी पूरी सम्भावना है कि वह आप के साथ कभी गलत बरताव नहीं करेंगे क्योंकि बच्चों को भी अपनी सराहना सुनना पसंद होता है। इससे उनके मन में आप के लिए इज्जत और बढ़ जाएगी। 

जो व्यवहार आप उनमें देखना चाहते हैं पहले वह खुद करें :आप अपने बच्चों में जिस प्रकार का व्यवहार देखना चाहते हैं पहले आप को स्वयं वैसा व्यवहार करना होगा तभी आप के बच्चे आप से सीखेंगे। अतः अपने व्यवहार का ध्यान अवश्य रखें। अपने बच्चों पर किसी तरह के नियम लागू करने से पहले यह सुनिश्चित करें की आप उन नियमो का पालन अच्छे से कर रहे हों।

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