प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स आप के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है?

मोनिका अग्रवाल

9th October 2020

प्रोबायोटिक बैक्टीरिया हमारी आंतों और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के साथ पाचन क्रिया को बेहतर करने में कारगर है। ये हमारे इम्यून सिस्टम को भी अच्छा करने में सक्षम है। आज हम आपको प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स के बारे में बताने जा रहे हैं।

प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स आप के स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है?

क्या आप जानते हैं कि आप के शरीर में कुछ बैक्टीरिया ऐसे होते हैं जो आप के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। जी हां हम प्री व प्रो बितोटिक्स के बारे में ही बात कर रहे हैं। इनका आप के शरीर में होना बहुत ही आवश्यक है। इसके लिए आप या तो आप के शरीर के अंदर पहले से ही जो प्रेबायोटिक्स हैं उन्हें उनके अनुकूल भोजन देकर और अधिक बढ़ा लें या फिर अपने शरीर में डायरेक्ट रूप से सप्लीमेंट आदि के माध्यम से प्रोबायोटिक्स शामिल कर लें। तो आइए आज हम जानेंगे यह बैक्टीरिया आप के शरीर के लिए क्यों जरूरी होते हैं।यदि आप के पेट के अंदर अच्छे बैक्टीरिया होंगे तो आप का पेट स्वस्थ रहेगा और अच्छे प्रकार से काम करेगा। इससे आप की इम्यूनिटी बढ़ेगी और आप को इन्फ्लेमेशन जैसी तकलीफ नहीं होगी। इससे आप की स्किन की गुणवत्ता भी बढ़ेगी और आप को वजन कम करने में भी मदद मिलेगी। आप को गैस, उल्टियों व अपाचन जैसी समस्या भी नहीं परेशान करेगी। 

प्रीबायोटिक्स क्या होते हैं?

यह आप के शरीर में प्लांट फाइबर होते हैं जोकि एक फर्टिलाइजर की तरह काम करते हैं और आप के पेट के अंदर स्वास्थ्य के लिए लाभदायक बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह बहुत से फलों व सब्जियों में भी पाए जाते हैं। खास कर जिनमें कार्बोहाइड्रेट व फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इस प्रकार के फाइबर आप का शरीर आसानी से नहीं पचा सकता है इसलिए यह आप के पाचन तंत्र से होकर गुजरते हैं और बाद में अच्छे बैक्टीरिया इन्हे खा लेते हैं। अतः हम कह सकते हैं कि यह आप के शरीर के लिए अच्छे बैक्टीरिया नहीं होते हैं परंतु आप के शरीर में बुरे बैक्टीरिया का होना भी बहुत जरूरी है। लेकिन वह अच्छे बैक्टीरिया के मुकाबले मात्रा में कम होने चाहिए। 

 प्रोबायोटिक्स क्या होते हैं

यह जीव बैक्टीरिया होते हैं जो आप के पेट के अंदर हैल्थी माइक्रोब्स की मात्रा को बढ़ा देते हैं। इन्हे आप खाने के द्वारा भी ले सकते हैं और विभिन्न सप्लीमेंट्स के द्वारा भी। इडली, डोसा आदि चीजों में प्रोबायोटिक्स पाए जाते है। इसके अलावा भी कई प्रकार के भोजन जैसे केफिर व अचार आदि में यह पाए जाते हैं। सबसे अधिक प्रोबायोटिक दही व डेयरी उत्पादों में मिलता है। यदि आप सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं तो उनकी शेल्फ लाइफ बहुत ज्यादा दिनों की होती है। अतः आप बड़ा पैकेज खरीद सकते हैं। प्रीबायोटिक्स व प्रोबायोटिक्स साथ में काम करते हैं। यदि आप के शरीर में प्रेबायोटिक्स नहीं होगा तो प्रोबायोटिक्स भी काम नहीं करेगा। 

यदि आप घर में ही प्रोबायोटिक्स बनाना चाहते हैं तो आप इडली डोसा की रेसिपी ट्राई कर सकते हैं। इसके अलावा आप कांंजी भी बना सकते हैं जो केवल 3 चीजों - नमक, क्रश किए गए सरसो के बीज व चुकंदर से बना सकते हैं। यदि आप सप्लीमेंट्स या घरेलू खाद्य पदार्थों में से एक चुनना चाहते हैं तो घरेलू पदार्थ बेहतर रहेंगे। यदि आप नियमित रूप से प्रोबायोटिक्स से युक्त चीजें खाएंगे तो आप स्वस्थ रहेंगे।

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