स्वयं की ओर ध्यान देना जरूरी है

मोनिका अग्रवाल

12th October 2020

स्वयं की ओर ध्यान देना जरूरी है, विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस।

स्वयं की ओर ध्यान देना जरूरी है

स्वयं की ओर ध्यान देना जरूरी है

यदि आप के साथ कुछ ग़लत घटना घटी है और आप का मानसिक स्वास्थ्य उसके बारे में सोच सोच कर बहुत ज्यादा खराब रहता है तो आप उसे जितना भूलने की कोशिश करेंगे वह आप को उतना ही और अधिक याद आएगा। अतः किसी चीज से भागना उस चीज का हल नहीं होता है। यदि आप चाहते हैं कि आप का मानसिक स्वास्थ्य भी एक बेहतर स्थिति में रहे तो विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आज का यह आर्टिकल पढ़ना बिल्कुल भी न पढ़ना भूलें।

यदि आप को अपने मन में शांति चाहिए है तो यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप को दूसरों द्वारा कितना प्यार, सपोर्ट व केयर मिलती है। एक रेप पीड़िता लड़की बताती है कि वह जितना भी उस हादसे के बारे में भूलने का प्रयास करती थीं उसे वह बार बार उतना ही अधिक याद आता था। 

एक रेप पीड़िता जिस के शरीर को बहुत यातनाएं दी गई थी, जो बहुत मुश्किल से जिंदा रहने में सफल तो हो गई लेकिन अब वह उन बातों को झेल कैसे पाएगी? चाहे वह समाज के ताने हों या फिर स्वयं के बारे में ही वह बाते याद करके जीना उसके लिए बहुत मुश्किल हो गया था। परंतु यही समय था जब उसने अपने आप को खोजा। वह यह सब चीजें भूलने कि बजाए अपनी नई आदतों को खोजने लगी, उसने किताबें पढ़ना, फिल्में देखना, मेडिटेशन करना व अपनी नई हॉबी बना ली। इन चीजों के साथ उसे एक जीने का मकसद मिला और इस प्रकार पुराने हादसे भूल कर वह अपनी नई जिंदगी को खुशी खुशी जीने लगी। 

यदि आप के साथ भी कुछ ऐसी घटना घटी है जिसे आप भुला नहीं पा रहे हैं, तो यह समय आप को अपने आप को खोजने में लगाना चाहिए। आप को अपनी नई नई आदतें बना लेनी चाहिए जिनके सहारे आप स्वयं को पहले से एक अच्छा इंसान बना पाएं। यदि बात गरीबों की आती है तो वह मानसिक स्वास्थ्य जैसी किसी चीजें को मानते ही नहीं है। वह केवल शारीरिक रूप से बीमार होने पर ही अपनी थोड़ी बहुत फिक्र करते हैं। तो इसलिए हमें अपने आस पास के लोगों में भी जो वित्तीय थोड़े कमजोर हैं, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना चाहिए। 

एक चिकित्सक को दिखाना व दवाइयां लेने से आप को थोड़े समय के लिए तो आराम मिलेगा परंतु ऐसा आप कब तक करेंगे? एक न एक दिन तो आप को अपने मन के डर से लड़ना ही पड़ेगा। क्योंकि दवाइयां केवल तब तक असर करेंगी जब तक आप उन्हें नियमित रूप से लेते रहेंगे। जिस दिन आप उन्हें लेना छोड़ देंगे दवाइयां असर करना भी छोड़ देंगी। इसलिए आप को केवल दवाइयों पर निर्भर नहीं रहना है। जिन चीजों को करने में आप को मज़ा आता है उन चीज़ों में अपना समय व्यतीत कीजिए। यह एक बहुत ही गंभीर विषय है। आप को अपने मानसिक स्वास्थ्य को हल्के में नहीं लेना चाहिए। 

आप को हर रोज मेडिटेशन, योगा करना चाहिए। इसके अलावा जैसे आप को फिल्में देखना पसंद है तो फिल्में देखिए। यदि आप को डांस या सिंगिंग पसंद है तो अपना दिल खोल कर डांस कीजिए व गाना गाइए। और सबसे आवश्यक होता है आप किसी एक ऐसे इंसान को अपनी जिंदगी में लाइए जो आप को मानसिक रूप से सपोर्ट करे। जिसे आप अपनी सारी बातें बता सके और जो आप का मूड खराब रहने पर भी उसे चुटकियों में ठीक कर दे। ऐसा इंसान यदि आप की जिंदगी में होगा तो आप की आदि समस्याएं तो वैसे ही कम हो जाएंगी। 

यह भी पढ़ें-ऑनलाइन डॉक्टर से सलाह लेने के क्या क्या फायदे हैं

 

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