घुटनों के दर्द के बारे में आप को कौन सी बातें पता होनी चाहिए

मोनिका अग्रवाल

14th October 2020

ज्यादातर लोग जिन की उम्र 60 से ऊपर हो जाती है, को यह तकलीफ स्वयं ही परेशान करने लगती है परन्तु आज कल यह 20 से 30 साल के लोगों में भी सामान्य हो गया है।

घुटनों के दर्द के बारे में आप को कौन सी बातें पता होनी चाहिए

घुटनों के दर्द के बारे में आप को कौन सी बातें पता होनी चाहिए

जब आप के घुटनों में दर्द होता रहता है और आप के घुटने ठीक से काम नहीं करते हैं जैसे आप को चलने में या अपने जोड़ों का प्रयोग करने में तकलीफ महसूस होगी। इस अवस्था को जोड़ों का गठिया कहा जाता है। ज्यादातर लोग जिन की उम्र 60 से ऊपर हो जाती है, को यह तकलीफ स्वयं ही परेशान करने लगती है परन्तु आज कल यह 20 से 30 साल के लोगों में भी सामान्य हो गया है। आइए जानते हैं इस प्रकार के गठिया के बारे में कुछ बातें जो आप को पता होनी चाहिए। 

लक्षण 

यदि आप ज्यादा समय के लिए सक्रिय नहीं रहते हैं और अपने घुटनों से ज्यादा काम नहीं लेते हैं तो आप के घुटने कम करना बंद कर देते हैं जिस वजह से उनमें गठिया हो जाता है। इसके लक्षण आप को धीरे धीरे देखने को मिलते हैं। सबसे पहले आप को अपने घुटनों में दर्द होना शुरू होता है और फिर आप के घुटने अकड़ने भी लगते हैं। 

कहां दर्द होता है?

इस प्रकार के गठिया का ज्यादा प्रभाव आप के जोड़ों पर पड़ता है। यदि आप ज्यादा भार उठाते हैं तो वह भी आप के दर्द का एक कारण हो सकता है। यह घुटनों, हिप्स व कोहनियों में सामान्य है। इसका प्रभाव आप को उंगलियों व आप की रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ सकता है। 

कारण

आप के शरीर का हर जोड़ एक प्राकृतिक अब्सर्बर के साथ आता है। इस सख्त व रबर जैसे पदार्थ के कारण आप के जोड़ों में फ्रिक्शन कम हो जाता है। आसान शब्दों में जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती है वैसे वैसे हमारे जोड़ अधिक अकड़ने लगते हैं। इससे उनमें फ्रिक्शन कम होने लगता है और उन में दर्द होने की सम्भावना बढ़ने लगती है। 

रिस्क फैक्टर जो आप नियंत्रित नहीं कर सकते हैं

आप की उम्र व आप का जेंडर आप के गठिया होने या ना होने में एक अहम भूमिका निभाता है और आप की उम्र बढ़ने पर आप का कोई बस नहीं चलता है। यह आप के नियंत्रण से बाहर है। अतः जैसे जैसे आप अधिक बूढ़े होते जाएंगे वैसे वैसे आप को ऐसी समस्याएं होती रहेंगी। यह समस्या पुरुषों से अधिक महिलाओं में होती हैं। अतः यदि आप महिला है तो यह भी आप के नियंत्रण से बाहर है। 

रिस्क फैक्टर जो आप के नियंत्रण में हैं 

यदि आप को पहले से ही कहीं पर चोट लगी हुई है तो आप को गठिया होने की सम्भावना अधिक होती है। अतः चोट लगने पर ठीक होने तक किसी प्रकार की ऐसी गतिविधियों न करें जिनसे आप के जोड़ों पर असर अधिक पड़े। अतः यदि आप के काम कुछ ऐसे हैं जिनमें आप को घुटनों को मोड़ना पड़ता है तो उन्हें कुछ समय के लिए करना छोड़ दें। 

रोजाना की जिंदगी पर प्रभाव

गठिया का हर इंसान के जीवन पर अलग अलग प्रभाव पड़ता है। किसी किसी को केवल हल्का फुल्का दर्द होता है तो किसी को हर रोज के काम करने में भी दिक्कत महसूस होती हैं। यदि आप को उंगलियों में गठिया हो जाता है तो आप के लिए शर्ट का बटन बंद करना भी मुश्किल हो जाता है।

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