पति के दोस्त बनें आपके 'बडी' लेकिन रहे याद

चयनिका निगम

18th October 2020

पति के दोस्तों से दोस्ती होने में कोई खराबी नहीं है लेकिन हर रिश्ते की एक सीमा होती है और इसमें अपने हिस्से की ज़िम्मेदारी तो आपको निभानी ही होगी। वो भी बहुत आसान तरीकों से-

पति के दोस्त बनें आपके 'बडी' लेकिन रहे याद
आपके हसबैंड के बहुत सारे दोस्त हैं। वो अक्सर ही दोस्तों के साथ पार्टी करते हैं। समय बिताते हैं, ऐसा अक्सर घर पर भी होता है। तब आप भी उनके दोस्तों की खातिरदारी करती हैं। और इन सबके बीच आपकी दोस्ती भी पति के इन दोस्तों से हो गई है। अक्सर वो आपके साथ भी दोस्ताना हो जाते हैं। अब तो वो आपको भाभी भी नहीं कहते हैं बल्कि सिर्फ नाम लेकर ही काम चलाते हैं। मगर कहीं ये दोस्ती बहुत ज्यादा तो नहीं हो गई है। कहीं आपके पति को बढ़ती दोस्ती से दिक्कत तो नहीं है। अगर ऐसा होने लगा है या नहीं भी हुआ है तो आपको कुछ बातें ध्यान रखनी होंगी। ताकि पति के दोस्तों के साथ आपकी दोस्ती ऐसी न हो कि आपके अपने पति से रिश्ते खराब हो जाएं। या पति के साथ आपकी दोस्ती पर कोई भी असर पड़े। इसके लिए आपको पति के दोस्तों के साथ अपने दोस्ताना व्यवहार को लेकर कुछ सतर्कता बरतनी होगी। कौन से टिप्स इसमें कारगर होंगे आइए जानें-
बहुत ज्यादा सोचना नहीं-
कई बार ऐसा होता है कि कुछ रिश्तों को लेकर आप कुछ ज्यादा ही सेंसिटिव होते हैं। मन में डर रहता है कि कहीं कुछ गड़बड़ न हो जाए। इसलिए अक्सर ऐसे लोगों की बातों के हम कई माने निकालते हैं। और फिर हर बात को कई दूसरे एंगल से भी देखते हैं। जैसे उसने कहा तो ये है पर मतलब कोई और तो नहीं। अब ये वाली सोच अगर आपकी पति के दोस्तों के लिए भी है तो इसे थोड़ा थाम लीजिए क्योंकि पति के दोस्त कई बार मज़ाकिया हो सकते हैं और बिना किसी डबल मीनिंग के वो आपसे कई तरह के मजाक भी करेंगे तो उनको लेकर ज्यादा सोचने से अच्छा है कि कम सोचा जाए। सोचने की प्रक्रिया को थोड़ा लगाम दिया जाए। आप कई बातों को गहरी सोच से अलग हल्के मन से भी ले सकती हैं। कुल मिलकर हर बात पर गंभीर नहीं होना है। 
पति से बात करें-
पति एक साथ रिश्ते में उनके दोस्तों से आपकी दोस्ती की वजह से कोई दिक्कत न हो इसलिए आपको एक कदम उठाना होगा। आपको अपने पति को बताना होगी कि उनके दोस्तों से आपकी दोस्ती भी हुई है और इस बारे में ज्यादा सोचने से अच्छा है कि वो आप पर विश्वास करें। कभी भी किसी बात को लेकर दिल में गलतफहमी न पालें। उनके दोस्त आपके भी दोस्त हैं वही रहेंगे, इसको कभी किसी दूसरे तरह से न देखें। इस वक्त अगर उनको दिक्कत होगी तो वो आपसे खुल कर अपनी बात कह पाएंगे। या वो आपसे अपने दोस्तों से दोस्ती में रिस्क के बारे में भी बात कर सकते हैं। जिससे हो सकता है कि आप भी दोस्तों की छवि को लेकर क्लियर हो पाएंगी। क्योंकि कई बार पुरुषों के असल चरित्र को पहचान पाना कठिन हो जाता है। इस कुछ देर की बात से आप अपने पति के साथ रिश्ते को और मजबूत कर लेंगी। 
पहले पति हैं दोस्त-
याद रखिए पति के दोस्तों के साथ आपकी कितनी भी दोस्ती हो लेकिन उनके पहले दोस्त आपके पति ही हैं। इसलिए जब ये लगे कि उन्हें अकेला छोड़ देना चाहिए। उन सभी को ‘ब्रो टाइम' चाहिए तो आपका वहां से निकाल जाना ही सही रहेगा। आप अपने कमरे में जा सकती हैं, टीवी देख सकती हैं या कुछ और भी कर सकती हैं। हो सकता है इस वक्त आपके मन में ये ख्याल भी आए कि कहीं उन सबको बुरा न लग जाए। तो इस ख्याल को मन से निकाल दीजिए और याद कीजिए कि उन लोगों के पहले दोस्त पति ही हैं। आप अगर सबकुछ जानते भी वहीं बैठी रहेंगी तो जरूर आपके पति को खराब लग सकता है। इस वक्त आप दोस्तों के साथ अपनी दोस्ती पर मत सोचिए बिलकुल भी। 
आपके दोस्त-
हो सकता है कि आपके पति को उनके दोस्तों एक साथ आपका ज्यादा बातें करना पसंद न हो और इस बात का अंदाजा आपको हो चुका हो। अगर आपको इस बात की भनक लग गई है तो उनके दोस्तों से एक खास तरह की दूरी बना लीजिए। जैसे बातें करें तो बहुत डिटेल में नहीं। या फिर ऑफिशियल बातें ही करें। इसके साथ आप एक काम और कर सकती हैं कि जब आपके पति के दोस्त घर आएं तो आप भी अपने दोस्तों को बुला लें। इससे आप भी अपने में बिजी रहेंगी। पति के दोस्तों के साथ सच में सिर्फ मतलब की बातें ही होंगी। या कहें कि आपको ज्यादा खुल कर बात करने का मौका ही नहीं मिलेगा। खुल कर बात ही नहीं करेंगी तो फिर बुराई कैसे होगी। 
 रिश्ते की सीमा-
याद रखिए कि हर रिश्ते की एक सीमा होती है। भले ही आप पति के दोस्तों की अच्छी दोस्त बन गईं हों लेकिन फिर भी आपको कुछ सीमाओं का ध्यान रखना ही होगा। आपको खुद को ये बात समझानी होगी कि ये कॉलेज वाले दिन नहीं हैं। ये वो दिन नहीं हैं, जब आप जब चाहें किसी से भी दोस्ती कर लें। अप आपको अपनी लिमिट्स ध्यान रखनी होंगी। इसका एक तरीका है। फिर आप भी उनके दोस्तों के साथ दोस्ती निभा पाएंगी। इसके लिए आप हर गेट टुगेदर पति और उनके दोस्तों के साथ न जाएं। 1 बात जाएं फिर अगली बार नहीं। इससे आप पति के दोस्तों एक साथ सामी बिता लेंगी लेकिन दोस्ती में अति वाला फैक्टर नहीं आएगा। आप अपनी दोस्ती भी निभा पाएंगी और पति अपनी। आपको रिश्ते खराब होने की चिंता भी नहीं रहेगी। क्योंकि जब पति दोस्तों से अकेले मिलेंगे तो अपनी दोस्ती का डोज़ पूरा का रही लेंगे। 

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