गणेश भगवान की मूर्ति का आकार बढ़ रहा है इस मंदिर में

चयनिका ni

20th October 2020

गणेश भगवान के भक्तों की संख्या गिनी नहीं जा सकती है। इन्हीं भक्तों की एक मंजिल सुप्तेश्वर गणेश मंदिर, जबलपुर भी है।

गणेश भगवान की मूर्ति का आकार बढ़ रहा है इस मंदिर में
भगवान गणेश को शारीरिक रूप से कभी किसी ने नहीं देखा होगा लेकिन उनका कद सबके दिलों में बहुत बड़ा है। उनके भक्त गणेश जी के सामने जब अपनी मनोकामना रखते हैं तो समझ जाते हैं कि भगवान उनकी दिक्कत का हल जरूर निकालेंगे। आस्था का आकार बड़ा है लेकिन क्या कभी भगवान गणेश की मूर्ति का आकार बढ़ते देखा है। अगर नहीं तो आपको जबलपुर जाना होगा। मध्य प्रदेश के इस शहर में एक ऐसा मंदिर है, जिसकी गणेश प्रतिमा का आकार लगातार बढ़ रहा है। भक्तों और यहां आने वाले ही नहीं बल्कि जो भी सुनता है, वो इस बात से हैरान ही होता है। शहर के रतननगर में बने इसे मंदिर को सुप्तेश्वर भी कहा जाता है। इस मंदिर से जुड़ी अनोखी बातें, आइए जानें-  
सपने में दिखा था  मंदिर-
ये एक ऐसा मंदिर है, जिसके होने के बारे में किसी को तब तक पता ही नहीं था, जब तक इसका सपना शहर की ही एक महिला को नहीं आया था। जबलपुर में ही रहने वाली सुधा राजे को 1985 से चार साल तक भगवान के सपने आते रहे। भगवान ने प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी कहा। पर समझ नहीं आ रहा था कि कहां करें ये। फिर एक दिन रास्ते का सपना भी दिया भगवान ने। लेकिन जब सुधा वहां पहुंचीं तो कीचड़ के सिवा कुछ नहीं था। किसी तरह ऊंचे स्थान पर पहुंची तो उन्हें एक पत्थर पर उभार दिखा। इसी पत्थर पर 1989 में 4 अगस्त को सिंदूर चढ़ाया गया। 
 25 फुट ऊंची-
ये प्रतिमा 25 फुट ऊंची है और 100 वर्गफिट में फैली हुई है। खास बात ये है कि यहां आपको खूब सारे चूहे मिलेंगे, जो गणेश भगवान की सवारी भी है। मंदिर विशाल पहाड़ी पर बना है और इसका दृश्य विहंगम नजर आता है। 
बढ़ रही है प्रतिमा-
स्थानीय लोगों की मानें तो गणेश भगवान की ये प्रतिमा लगातार बढ़ रही है। 35 सालों में ये 5 फिट बढ़ चुकी है। जब इसका प्रथम पूजन हुआ तब ये 20 फिट की ही थी, जो अब बढ़ कर 25 फिट हो चुकी है। 
गुफा से प्रकट हुई प्रतिमा-
इस प्रतिमा को क्योंकि खुद किसी ने स्थापित नहीं किया है इसलिए खुद प्रकट हुई प्रतिमा ही माना जाता है। इसको एक गुफा से प्रकट हुआ माना जाता है। भक्त मानते हैं कि इस प्रतिमा में खुद ही आंख, सूंड और कान की आकृति उभर रही है। 
हर माह की चतुर्थी-
वैसे तो हर दिन ही यहां भक्तों की भीड़ सजती है। लेकिन हर महीने की चतुर्थी को सुप्तेश्वर गणेश मंदिर में खासतौर पर लोग दर्शन के लिए आते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने के बाद माना जाता है कि मनोकामना पूर्ण होती ही है। 

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