मन और तन कीजिए स्वस्थ साउंड हीलिंग थेरेपी से

मोनिका अग्रवाल

20th October 2020

इन दिनों, ध्वनि उपचार कई अलग-अलग तरीकों में उपलब्ध है उसका एक कारण इस थेरेपी की सहजता हैं, जबकि संगीत और आवाज अभी भी बहुत लोकप्रिय हैं। हालांकि, कई चिकित्सक ट्यूनिंग फोर्क्स और गोंग जैसे उपकरणों का उपयोग करना पसंद करते हैं

मन और तन कीजिए स्वस्थ साउंड हीलिंग थेरेपी से

इसे नए युग का कल्याण माना जा सकता है लेकिन ध्वनि चिकित्सा शायद ही चिकित्सा का नया रूप है। प्राचीन यूनानियों ने संगीत का उपयोग मानसिक विकारों को ठीक करने के लिए किया था और पूरे इतिहास में, ध्वनि का उपयोग लोगों को तेजी से काम करने, प्रभावित करने और मनोबल बढ़ाने में मदद करने के लिए किया गया है। कई लोग यह भी मानते हैं कि ध्वनि शरीर को ठीक कर सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि मनुष्य के पास ध्वनि चिकित्सा के लिए एक स्वाभाविक प्रवृत्ति है। जरा सोचिए कि कोई पसंदीदा गाना आपका मूड कैसे ठीक कर देता है।

असल में, इन दिनों, ध्वनि उपचार कई अलग-अलग तरीकों में उपलब्ध है उसका एक कारण इस थेरेपी की सहजता हैं, जबकि संगीत और आवाज अभी भी बहुत लोकप्रिय हैं। हालांकि, कई चिकित्सक ट्यूनिंग फोर्क्स और गोंग जैसे उपकरणों का उपयोग करना पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ये शीघ्र चिकित्सा प्रभाव प्राप्त करने के लिए तेजी से काम कर सकते हैं। यहाँ ध्वनि उपचार के विषय में जानिए विस्तार से।

ध्वनि उपचार मस्तिष्क तरंगों को गहराई से आराम देता है।  जिससे हमारे शरीर में कोशिकाओं की सामान्य कंपन आवृत्तियों को बहाल करने में मदद मिलती है।साउंड हीलिंग थेरेपी में संगीत की मदद से फ़िज़िकल और इमोशनल हेल्थ को ठीक किया जाता है। संगीत सुनकर,गाने के साथ ख़ुद भी गुगुनाकर,झूमकर,मेडिटेशन या म्यूज़िक इंस्ट्रुमेंट बजाकर,किया जा सकता है.यह एक ऐसी क्रिया है जिसे सदियों से आवाज़ या ध्यान के ज़रिए इन यंत्रो की सहायता से,आत्मिक शांति का अनुभव प्राप्त करने के लिए अपनाया जा रहा है।

साउंड हीलिंग थेरेपी से मिलने वाले लाभ

साउंड हीलिंग थेरेपी  आपको ऊर्जावान रुकावटों को दूर करने में मदद कर सकती है और इस प्रकार शारीरिक और मानसिक स्तर पर चिकित्सा की सुविधा प्रदान करती है। साउंड थेरेपी के कुछ लाभों में शामिल हैं:

लाभ-

1-इस थेरपी से तनाव कम होता है

2-मिज़ाज या मूड अच्छा रहता है

3-ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है,कौलेस्ट्रोल के स्तर को कम करता है

4-अच्छी नींद आती है

5-कोरोनरी आर्टरीज़ डिजीज और स्ट्रोक़ का ख़तरा कम होता है

इन वर्षों में, चिंता, अवसाद, अभिघातजन्य तनाव विकार, आत्मकेंद्रित और मनोभ्रंश सहित कई स्थितियों के उपचार के लिए ध्वनि उपचार का उपयोग किया गया है।

1-ॐकी ध्वनि-ॐ की ध्वनि ना सिर्फ़ एकाग्रता को बढ़ाकर ध्यान की अवस्था में पहुँचने में मदद करती है बल्कि यदि आप आत्मिक सुकून के लिए प्रयासरत हैं तो ये यंत्र आपके लिए कारगर सिद्ध हो सकता है।

2-सिंगिंग बाउल-हिमालय और उसके आसपास के इलाक़ों पर बड़ीआसानी से उपलब्ध सिंगिंग बाउल का उपयोग योगा,ध्यान और साउंड हीलिंग के लिए किया जाता है।

3-तिंगशा-बौद्ध धर्म के अंतर्गत दिन की शुरुआत और समापन तिगशा की आवाज़ के साथ की जाती है। चीनी मंदिरों में यह घंटा 108 बार बजाया जाता है.चीनी मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति इस घंटे की आवाज़ सुनता है,जिस जिस के कानों में इसकी आवाज़ पहुँचती है,उसके समस्त दुःख-तकलीफें समाप्त हो जाती हैं और उसके जीवन में शांति का वास होता है,उसकी चेतना जागृत होती है। प्राचीन समय में तिंगशा की सहायता से बुरी आत्माओं को दूर किया जाता था,परंतु आज इसका प्रयोग मस्तिष्क और सम्पूर्ण देह को शांत करने के लिए किया जाता है।

4-डोर्ज़े मेडिटेशन बेल-इस बेल का मुख्य उद्देश्य आपके वर्तमान को सजीव बनाना है.तिब्बती भाषा में डोर्ज़े का अर्थ होता है बिजली का गिरना।अगर इस बेल की व्याख्या की जाय तो ,इसे बजाते ही आपकी चेतना जागृत हो उठती है और आपके अंदर बिजली की लहर दौड़ने लगती है.इसे लकड़ी की डंडी से बजाया जा सकता है।

5-विंड चाइम-बौद्ध धर्म में विंड चाइम का प्रयोग विभिन्न संस्कारों के दौरान किया जाता है।मान्यतानुसार विंड चाइम की आवाज़ ,घर के माहौल को शुद्ध करके नक़ारात्मक ऊर्जा को दूर भगाकर वातावरण को स्वच्छ करती है।

साउंड हीलिंग कैसे किया जाता है

ध्वनि उपचार का उपयोग कई स्थितियों के लिए किया जाता है जैसे-

A-घबराहट की बीमारी- अगर किसी व्यक्ति को घबराहट की समस्या रहती है तो ऐसे में साउंड थेरेपी दी जा सकती है।

B-डिप्रेशन-इसे मेजर डिप्रेसिव डिसॉर्डर और क्लिनिकल डिप्रेशन के नाम से भी जाना जाता है ।डिप्रेशन के कारण व्यक्ति,लगातार उदास रहने लगता है,बाक़ी चीज़ों से दिल हटने लगता है यहाँ तक सोसाइडल टेंडेंसी भी बढ़ने लगती है।

C-पोस्ट ट्रॉमैटिक डिसॉर्डर- इस स्तिथी में व्यक्ति अपने जीवन में घटी किसी अप्रिय घटना को बार बार याद करता रहता है,और उसका ध्यान किसी भी काम पर केंद्रित नहीं रह पता।साउंड थेरेपी इस समस्या से बाहर लाने में पीड़ित व्यक्ति की मदद करती है।

D-मन मस्तिष्क और परिवार के वातावरण में नकारतमक़्ता को दूर करके सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है।

इन के अतिरिक्त साउंड थेरपी इन स्तिथियों में भी लाभकर सिद्ध होती है-पागलपन,व्यवहार विकार,कैंसर,बिहेवीयरल और साइकेट्रिक डिसॉर्डर,सीखने में परेशानी महसूस करना आदि।

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