कोट्टनकुलंगरा देवी मंदिर: सुंदर पत्नी के लिए औरत बनते हैं पुरुष

चयनिका निगम

31st October 2020

मंदिर में दर्शन के लिए जाना और इच्छापूर्ति की कामना करना नई बात नहीं है लेकिन केरल के कोट्टनकुलंगरा देवी मंदिर में पुरुषों को औरतों की तरह तैयार होना होता है।

कोट्टनकुलंगरा देवी मंदिर: सुंदर पत्नी के लिए औरत बनते हैं पुरुष
श्रद्धा भाव से मंदिर जाना और अपनी भक्ति में लीन हो जाना...देवी के सामने अपनी इच्छा रखने के लिए यही कुछ चाहिए होता है। लेकिन एक मंदिर ऐसा भी है, जहां अपनी इच्छापूर्ति के लिए खासतौर पर पुरुषों को एक अनोखा काम भी करना अड़ता है। ये अनोखा काम है, औरतों की तरह सजना-संवरना। जी हां, केरल के कोट्टनकुलंगरा देवी मंदिर में पुरुषों को कुछ अलग भेष में जाना होता है, मकसद अपनी इच्छापूर्ति होती है। ये अलग भेष औरतों की तरह 16 श्रृंगार होता है। ये एक तरह से पुरुषों की देवी के लिए उपासना है, जो उनकी भक्ति के दर्शन कराती है। इस खास मंदिर में ऐसा क्यों करते हैं पुरुष? क्या है इसके पीछे की वजह आइए जानें-
सुंदर पत्नी और 16 श्रृंगार-
कोल्लम जिले के इस मंदिर में ज्यादातर पुरुष अच्छी पत्नी की इच्छा के साथ ही आते हैं। और इस पत्नी के लिए वो औरतों की तरह ही सारे श्रृंगार भी करते हैं। यहां आने वाले भक्त पुरुषों की एक इच्छा और होती है कि उनको अच्छी नौकरी मिल जाए। बस इन्हीं दो इच्छाओं के चलते पुरुष महिलाओं की तरह सज संवरकर चल देते हैं मंदिर की ओर। माना जाता है ऐसा किए बिना पुरुषों की दोनों मुरादें पूरी नहीं होती हैं। 
मान्यता के पीछे चरवाहा-
मंदिर में ऐसी अनोखी मान्यता के पीछे एक रोचक कहानी है। माना जाता है कि खुद प्रकट हुई इस मंदिर की देवी मूर्ति की पूजा एक चरवाहा किया करता था। पूजा के समय चरवाहे के कपड़े बिलकुल महिलाओं जैसे होते थे। तब से ही इस मंदिर में प्रवेश करने वाले पुरुषों को महिलाओं की तरह ही तैयार होना होता है। हालांकि महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर कोई रोक नहीं है। 
मार्च में उत्सव-
पुरुष इस मंदिर में महिलाओं वाला रूप धर कर 23 और 24 मार्च को खास तौर पर आते हैं। इन दिनों यहां पर चाम्याविलक्कू उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव में पुरुषों को खासतौर पर इस रूप में आना होता है। 
एक कमरा पुरुषों के लिए-
आप ये जरूर सोच रही होंगी कि पुरुष महिलाओं की तरह तैयार होने एक लिए सारी तैयारी कैसे करते होंगे? तो इसका जवाब है मंदिर परिसर में ही बना एक कमरा। इस कमरे में महिलाओं की तरह सजने के लिए सारा सामना रखा रहता है। यहां पुरुषों को सजने के लिए कॉस्मेटिक, कपड़े और नकली बाल तक मौजूद रहते हैं। 
मन्नत पूरी हों एक बाद-
सभी पुरुष अपनी मन्नत पूरी होने के बाद मंदिर में महिलाओं के सजने का सामान भी भेंट करते हैं। इस तरह से वो देवी के लिए अपना आभार प्रकट करते हैं। देवी को धन्यवाद कहने का तरीका भर है। 

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