जानिए वो 4 वजहें सास-बहू के रिश्ते में दूरी की

मोनिका अग्रवाल

16th November 2020

इस रिश्ते में तलामेल बिठाना बहु के लिए खासा मुश्किल होता है। कई बार सास बहु से तमाम चीजें बेवजह करवाती है क्यूंकि उसकी सास ने उससे वह काम कराए होते हैं

जानिए वो 4 वजहें सास-बहू के रिश्ते में दूरी की

ससुराल को गेंदा फूल यूं ही नहीं कहा जाता। नया घर बहु के लिए उस फूल की तरह ही होता है जिसकी हर पंखुरी अलग होती है। वैसा ही कुछ महौल दुल्हन को नए घर में जाकर मिलता है। यानी घर के हर सदस्य का मिजाज अलग होते हैं। जिसमें से सबसे पहला नाम आता सास का। इस रिश्ते में तलामेल बिठाना बहु के लिए खासा मुश्किल होता है।  

रीत-रिवाज से नहीं होती परिचित

घर के रीत-रिवाज की नींव सास होती है। और बहु का सबसे पहला साबका उनसे ही पड़ता है। कई बार बहु के लिए वह रिवाज नए होंते। और कई बार मायके से अलग भी। लिहाजा, उसे वहां के तमाम रीत-रिवाजों को जानने और समझने में वक्त लगता है। साथ ही उसके सामने एक समस्या तब और आती है जब ससुराल के रिवाज मायके से जुदा हो जाते हैं। जबकि सास की सोच कुछ यूं होती है कि बहू को सब पहले से ही मालूम होना ही उसे आदर्श बहू बनाता है। जिसके चलते बहु अक्सर खुद को तर्क-कुर्तक के फेर में फंसा पाती है।

होती हैं अतिरिक्त उम्मीदें

लडक़ी के बेटी से बहु बनते ही उस पर जिस चीज का सबसे ज्यादा बोझ होता है वह है लोगों की उम्मीदों का। बहु, भाभी, चाची, मामी बोलने वाला हर शख्स उससे इस बात की उम्मीद पाल लेता है कि उससे कोई गलती नहीं होनी चाहिए या वह सब कुछ सीख के आई है। कई बार लोगों की यह सोच रिश्तों में फांस की तरह चुभने लग जाती है। और लडक़ी के लिए दुष्वारी खड़ी कर जाती है।

बहु कभी बेटी नहीं होती

बेटी को पैदाइश से बताया जाता है कि मायका उसका घर नहीं है पति का घर ही उसका है। पर अक्सर जब वह पति के घर पहुंचती है तो वहां उसे घर के सदस्य के तौर पर दिल से स्वीकारा नहीं जाता। उसके लिए कुछ अजीबों-गरीब नियम होते हैं। जिसके निभाने के लिए उस पर अनकहा सा दबाव होता है क्यों कि बहु कभी बेटी नहीं हो सकती। कई बार सास बहु से तमाम चीजें बेवजह करवाती है क्यूंकि उसकी सास ने उससे वह काम कराए होते हैं।

तुलना की होती हैं शिकार

बहु, जब हम इस घर में आए तो ऐसा होता था, वैसा होता था। अब तो कुछ भी नहीं होता। गुप्ता जी की बहु को देखो वह कितना काम करती है वह भी मुंह बंद करके। हम तुम्हारी उम्र के थे तो देखो कितना काम करते थे। ऐसे कई मुद्दे हैं जिसको लेकर बहू को तरजू में तौला जाता है।

यह भी पढ़ें-

साझा कदमों से निभेगी परवरिश की जिम्मेदारी

बेटी और बहू में फर्क क्यों

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

सास को रास आ...

सास को रास आता है महिमा मंडन

रिश्ते के कं...

रिश्ते के कंधों पर है मर्यादा का बोझ - PROJECT...

सास करे नजरअ...

सास करे नजरअंदाज तो अपनायें ये समाधान

मौके की तलाश...

मौके की तलाश में रहती है सास

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

बरसाती संक्र...

बरसाती संक्रमण और...

बारिश में भीगना जहां अच्छा लगता है वहीं इस मौसम में...

खाओ लाल और ह...

खाओ लाल और हो जाओ...

 इसी तरह 'जिनसेंग' जिसके मूल का आकार शिश्न जैसा होता...

संपादक की पसंद

ककड़ी एक गुण ...

ककड़ी एक गुण अनेक...

हममें से ज्यादातर लोग गर्मियों में अक्सर सलाद या सब्जी...

विटामिनों की...

विटामिनों की आवश्यकता...

स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बहुत आवश्यक होता है। इनकी...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription