इन 6 टिप्स के साथ लैंडलॉर्ड से सुधार लीजिए अपने रिश्ते

चयनिका निगम

28th November 2020

मकान मालिक और किराएदार का रिश्ता बहुत नाजुक होता है। इतना नाजुक कि छोटी सी बात पर किराएदर का घर उनसे छिन जाता है तो मकान मालिक की भी बंधी हुई कमाई बंद हो जाती है। मगर ये रिश्ता सिर्फ इतना ऊपरी नहीं होता है।

इन 6 टिप्स के साथ लैंडलॉर्ड से सुधार लीजिए अपने रिश्ते
मकान मालिक और किराएदार का रिश्ता बहुत नाजुक होता है। इतना नाजुक कि छोटी सी बात पर किराएदर का घर उनसे छिन जाता है तो मकान मालिक की भी बंधी हुई कमाई बंद हो जाती है। मगर ये रिश्ता सिर्फ इतना ऊपरी नहीं होता है। इसमें भावनाएं भी बराबरी से घुली होती हैं। लैंडलॉर्ड पक्ष ने अपने जीवन भर की कमाई से बनाया घर किसी को सौंपा होता है तो एक पक्ष दूसरे के घर को भी अपना मान कर उसको सहेज रहा होता है।
ऐसे भी कई लोग हैं, जिन्होंने किराएदार के तौर पर मकान मालिक के लिए परिवार वाली भूमिका अदा की है। मकान मालिक की ओर से भी ऐसे काम कई बार किए गए हैं। मगर हर बार ऐसा नहीं होता है। हर बार लैंडलॉर्ड और किराएदार का रिश्ता पक्का वाला और पारिवारिक हो, ये संभव नहीं। इसके लिए तो दोनों तरफ से हाथ बराबरी से आगे बढ़ते हैं, तब ही बात बनती है। 
अगर आप भी मकानमालिक के साथ अपने बिगड़े हुए रिश्ते को लेकर चिंता में हैं तो कुछ खास टिप्स आपके लिए ही हैं। ये टिप्स आपको मकान मालिक के साथ भी अनमोल समय बिताने का मौका दे देंगे-
मरम्मत आपने कराई या उन्होंने-
घर किराए का हो तो अक्सर लोग सोचते हैं कि इसकी मरम्मत मकान मालिक ही कराएं क्योंकि ये आपकी जिम्मेदारी बिलकुल नहीं है। ये घर आपका नहीं है इसलिए आप मरम्मत भी नहीं कराएंगे। मगर ये सोच गलत है। जहां आप रह रहें हैं और जब तक रह रहे हैं, तब तक उसके रखरखाव को अपनी जिम्मेदारी मानिए। खर्चा बहुत बड़ा हो तो जरूर आप मकान मालिक से पूछ सकते हैं कि इसे कैसे कराया जाए। 
अब यहीं पर एक स्थिति ये भी सकती है कि घर में जब भी रखरखाव की जरूरत हो तब उसे मकान मालिक ही सही करा दे। अब इस वक्त उस काम में कमी निकालते रहने या ‘कैसी फिटिंग लगवाई है' जैसी बातें करने से अच्छा होगा कि आप इस बात की प्रशंसा करें। इस बात को मामूली न मानें कि जो चीज इस्तेमाल आप कर रहे हैं, उसे ठीक लैंडलॉर्ड करा रहा है। इस बात को लेकर थोड़ा खुश होइए न कि निगेटिव तरीके से इस पर सोचें। 
किराया है सबसे जरूरी-
याद रखिए किराएदार और लैंडलॉर्ड के बीच रिश्ता खराब होने की सबसे बड़ी वजह किराया ही होता है। सबसे पहले तो आप उतने किराए का घर ही लें, जिसका किराया आप आसानी से दे पाएं। फिर किराया देने की बारी आए तो समय से पूरा किराया जरूर दें। किसी ने जीवनभर की कमाई से बना घर आपके हवाले किया है तो उसकी एक वजह भी है। वजह है कमाई का जरिया। अब अगर आप वो ही बात पूरी नहीं कर रहे हैं तो समझिए कि आप सबसे बड़ी गलती कर रहे हैं। इसलिए हमेशा तारीख याद करके किराया जरूर दे दें। इसके बिना रिश्ते अच्छे होना तो दूर रिश्ते बन भी नहीं पाएंगे। 
घर चमके-दमके-
आप जिस घर में रहा रहे हैं, उसके कागज जरूर आपके नाम पर नहीं हैं लेकिन फिलहाल आप उस घर में रह रहे हैं तो उसे अपना घर समझ कर ही ख्याल रखें। ख्याल रखने की पहली शुरुआत साफ-सफाई से होगी। घर को साफ करके आप अपने घर को साफ रखेगी न कि किसी और के। साफ और देखभाल किया हुआ घर मकान मालिक को जरूर अच्छा लगेगा। ये बात पक्की है। इसलिए लैंडलॉर्ड से रिश्ते सुधारने हैं तो उसके घर को बिलकुल ऐसे ही साफ रखें, जैसे अपना घर आप रखतीं। लगना चाहिए कि ये घर आपके लिए बहुत अहम है। 
शुरुआत हो अच्छी-
किसी काम के खराब होने की जितनी ज्यादा संभावना हो, उसे उतना ही सावधानी से करना चाहिए। घर लेते समय लैंडलॉर्ड के बारे में सोचना समझना भी इसी तरह से जरूरी है। क्योंकि लैंडलॉर्ड के साथ रिश्ता नाजुक होता है, इसलिए घर किराए पर लेने से पहले मकान मालिक के स्वभाव को थोड़ा जज कर लें। समझ लें कि उसका व्यवहार कैसा है? इसके लिए आप एक काम कर सकती हैं। मकान मालिक के स्वभाव को समझने के लिए आप घर से जुड़ी कोई दिक्कत बताइए। उसका स्वभाव अगर अच्छा होगा तो वो इस समस्या को खत्म करने और समझने का विश्वास तो जरूर दिलाएगा। इससे इतर उसका स्वभाव अच्छा नहीं हुआ तो वो समस्या को समस्या मानेगा भी नहीं। 
बात करना जरूरी है-
कई बार ऐसा होता है कि हम किसी की कोई बात बुरी लग जाने पर हम उससे बात करना ही बंद कर देते हैं। लैंडलॉर्ड के साथ रिश्ते में भी यही होता है। अगर वो आपके आस-पास ही रहते है तो उनकी कोई बात खराब लगने पर कई लोग मकान मालिक से बात करना ही छोड़ देते हैं। जबकि ये तारिका गलत है। जिस तरह से किसी भी रिश्ते में कॉम्यूनिकेशन बहुत जरूरी होता है ठीक उसी तरह लैंडलॉर्ड के साथ भी हर हाल में कॉम्यूनिकेशन बना कर रखने की कोशिश करें। इससे आप दोनों के बीच रिश्ते खराब बिलकुल नहीं होंगे। ऐसी स्थिति में समस्या को समस्या की तरह नहीं बल्कि सबकुछ अच्छा करने के नजरिए से लोग काम करते हैं। इसलिए कभी किसी नाराजगी में बात करना न छोड़ें। 
छोटी बात को छोटा ही रहने दें-
बात जब छोटी हो तो उसे बड़ा करने की आदत भी आपको छोड़नी होगी अगर आप लैंडलॉर्ड से रिश्ते सुधारना चाहती हैं तो। आपका मकसद हमेशा ही मकान मालिक को खुश रखना और खुद खुश रहना होना चाहिए। इसलिए कोशिश कीजिए की लैंडलॉर्ड की छोटी-छोटी बातों को इगनोर ही कर दें तो अच्छा। 

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