अवसरवाद की महिमा - गृहलक्ष्मी कहानियां

गृहलक्ष्मी टीम

1st December 2020

समाजवादी कहते हैं कि वे समाजवाद के समर्थक हैं। पूंजीवादी कहते हैं कि वे पूंजीवाद के समर्थक हैं। यदि अवसरवाद के कोई संस्थापक होंगे तो उन्हें जान कर अफसोस होगा कि अवसरवाद के कट्टर समर्थक भी यह मानने के लिए तैयार नहीं होते कि वे अवसरवादी हैं।

अवसरवाद की महिमा - गृहलक्ष्मी कहानियां

अवसरवाद पर पुस्तक छपी है। पुस्तक छापने के झमेले में पड़ें तो अनेक सही-गलत अवसर हाथ से नहीं निकल जाएंगे। अवसरवादी बनने के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की जरूरत नहीं पड़ती है। राजा से लेकर रंक, बच्चे से लेकर बूढ़े तक सभी बिना सदस्यता का फॉर्म भरे अवसरवाद के मेंबर बन सकते हैं। अजी फॉर्म छपे ही नहीं होंगे, जो छपवाने जाएगा उसके हाथ से अवसर निकल जाएंगे।


राजनीति में अवसरवाद का बोलबाला है, एक पार्टी के टिकट पर जीता हुआ उम्मीदवार बेहतर मंत्रालय का अवसर मिलते ही दूसरी पार्टी में शामिल हो जाता है। पार्टी के हाईकमान द्वारा अपने विधायकों को काला टीका लगा कर छुपाना पड़ता है ताकि दूसरी पार्टी के हाईकमान की नजर नहीं लग जाए। मतदान के लिए सदन में ले जाते समय कब छुपा कर रखा गया छुपा रुस्तम बन कर सामने आ जाए और क्रॉस वोटिंग करने का अवसर न छोड़े, नहीं कहा जा सकता।


मलाई खाने का अवसर लुभाता है और मलाईदार मंत्रालय पाने का अवसर तो ज्यादा ललचाता है। हाईकमान बनना टेंशन का काम है। पार्टी के विधायक नाराज हो जाएं तो हाईपर टेंशन हो जाता है। पांच वर्ष में आधा समय तो रूठे को मनाने और चुने हुओं को एकजुट रखने में गुजर जाता है। अवसरवाद का सिद्धांत है कि पार्टी बदलो तो कह दो कि जनता नाराज है।


अवसर मिलते ही फिल्म में एक हीरो दूसरे हीरो को रिप्लेस कर देता है। आप घर से बाहर गए और अवसर पा कर चोर लुटेरे आपके घर आए। अवसर पाकर आप लॉकडाउन में बाहर गए और सजा देकर आपसे उठक बैठक लगवाने पुलिस वाले आए, लॉकडाउन में बाइक से हवाखोरी की और पुलिस से आपकी बाइक की हवा निकलवाई। वादों का महावाद है अवसरवाद।
मुझे तो कोई क्षेत्र अवसरवाद से अछूता नजर नहीं आता। साहित्य, सिनेमा, परिवार, राजनीति ऐसा कोई क्षेत्र नजर नहीं आता, जिसमें अवसरवाद की घुसपैठ नहीं होती। अवसरवाद का मेम्बर बनने की कोई फीस नहीं है। अवसर का लाभ उठा लो तो तगड़ी फीस मिलती है।


अवसरवाद की आलोचना कर रहा हूं क्योंकि तीस वर्ष की नौकरी में प्रमोशन का अवसर नहीं मिला। जनता को धोखा दिया इसलिए पहली दूसरी पार्टी छोड़ी। यह तय नहीं है कि जनता को धोखा दिया या जनता ने अवसरवादी से धोखा खाया।


जनता के पास तो अपनी बदहाली को खुशहाली में बदलने का कोई अवसर ही नहीं है, जो वह असवरवादी बन सके। अच्छे अवसर का लाभ उठाने वाले को अवसरवादी नहीं कहते।
गलत अवसर का फायदा उठाने वाले को अवसरवादी कहते हैं। तीस वर्ष की नौकरी में मेरे पास गलत अवसर आए पर मैं लाभ न उठा सका। मुझे लोगों ने बेबस कहा।
मैं अवसरवादी नहीं बन सका। लोगों ने कहा कि इसके बस का कुछ नहीं है। रिटायर होकर शांति से जीवन व्यतीत कर रहा हूं। अवसरवादी रिटायर होने के बाद भी जेल जा सकता है। अवसरवाद घातक है, यह रचना अब यहीं समाप्त करता हूं। बच्चे बाहर खेल रहे हैं, अवसर पाकर एक झपकी ले लूं।

 

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