बुराई करने की आदत बदल लीजिए

चयनिका निगम

28th December 2020

किसी की बुराई करते हुए हम समझ ही नहीं पाते हैं कि आखिर हम कितनी बड़ी गलती कर रही हैं।

बुराई करने की आदत बदल लीजिए

‘उसको देखा है कैसे कपड़े पहनती है'

‘ऑफिस चली जाती है, बच्चे की तो फिक्र ही नहीं है'

‘उसका पति कभी जल्दी घर आता ही नहीं है, जरूर दोनों के बीच कोई तो दिक्कत है।'

‘पति से तलाक ले रही है, अरे थोड़ा तो सहन करना ही पड़ता है न'

‘जींस पहन कर खुद को बड़ा स्मार्ट समझ रही है, इसको साड़ी में तो कभी देखा ही नहीं'

ऐसी न जाने कितनी बातें होती हैं, जो अक्सर किसी न किसी की बुराई का कारण बन जाती है। ज्यादातर बार जिसकी बुराई हो रही होती है, उसे पता भी नहीं होता है। लेकिन लोग उसकी बुराई कर रहे होते हैं। जिसकी बुराई हो रही होती है, उसके पास तो ध्यान न देने का मंत्र होता है लेकिन जो बुराई कर रहा होता है, उसे तो ये पता ही नहीं होता है कि वो कुछ गलत कर रहा है। 

उनका तो बस दूसरों की बुराई करके समय कट जाता है। लेकिन ये बात भी सही है कि कई बार बुराई करने की आदत दिक्कत में भी डाल देती है। कई दफा तो इस आदत के चलते झगड़े भी होते हैं। इस एक आदत के कई और नुकसान भी हैं। इसलिए इसको बदल लेने में ही भलाई है। क्योंकि ऐसा न हो कि आप तो बड़ी मुश्किल में फंसे ही, दूसरों को भी आफत में डाल दें। दूसरों की बुराई करने से क्यों बचना है जरूरी, जान लीजिए-

 

आपकी अपनी ऊर्जा-

इस दुनिया में हर शख्श एक मकसद के साथ आता है। इस दुनिया में करने को बहुत कुछ है, जिसे एक बार अनुभव तो करना ही चाहिए, जैसे आप बहुत सारी पढ़ाई कर सकती हैं, अलग-अलग जगहों को घूमने का अनुभव ले सकती हैं। लेकिन आपने इन सबमें इस्तेमाल हो सकने वाली ऊर्जा बहुत बेकार के काम में लगा दी। आप दूसरों की जब-जब बुराई कर रही थीं, तब-तब आप अपनी ऊर्जा बर्बाद कर रही थीं। इस बात का अहसास जितनी जल्दी कर लेंगी, उतना आप खुद फायदे में रहेंगी। आप अपनी ऊर्जाओं का बेहतर इस्तेमाल कर पाएंगी। बेहतर जीवन जीने के लिए ऊर्जा का सही इस्तेमाल किया जाना बेहद जरूरी है। इसलिए किसी की बुराई में समय खराब करने से अच्छा है कि अपने समय का फ्रूटफुल इस्तेमाल किया जाए। 

 

रिश्ते होते खराब-

कई बार हम ऐसे लोगों की बुराई भी करने बैठ जाते हैं, जो हमारे बेहद करीब होते हैं। हमें लगता है कि उनको बुराई बताने से बात खराब न हो इसलिए हम दूसरों से ये बातें कहने लगते हैं। लेकिन जब आपके करीबी को उनकी बुराई की बात पता चलती है तो परिणाम के तौर पर रिश्ते खराब हो जाते हैं। जबकि जिंदगी में रिश्ते बचा कर रखने से अच्छा कुछ भी नहीं होता है। आपके पास रिश्ते ही नहीं हैं तो फिर आप जिंदगी में खुशियों की अपेक्षा भी मत कीजिएगा। लेकिन इससे बचना है और रिश्तों को खराब होने से बचाना है तो अपनों की बुराई करने से बचें।  

 

कमाल कर पाने की निशानी-

किसी की बुराई करते रहना और खुद को ना देखना, इस बात की ओर इशारा करता है कि आप खुद कुछ कमाल करने की स्थिति में ही नहीं हैं। आप खुद वो सब नहीं कर पाईं, जो दूसरों ने कर लिया। दूसरों ने वो सब हासिल किया जो आप हासिल नहीं कर पाईं। अबसे आप जब भी किसी की बुराई करें तो ये बात खुद से जरूर पूछें। कहीं ऐसा तो नहीं अपनी कमी छुपाने के लिए आप दूसरों की बुराई कर रही हैं। ये सच हो सकता है और इसमें आपका ही नुकसान है। आप अपनी कमियां देखने की बजाए दूसरों की कमियों को निशाना बना रही हैं और इसमें दूसरों को भी शामिल कर रही हैं। ये चार लोगों के सामने बिना कुछ किए खुद को बेस्ट कहने का एक तरीका भर है। 

 

दूसरों की दिक्कत-

कई दफा हम किसी की बुराई करते समय ये भूल जाते हैं कि जिस बात की हम बुराई कर रहे हैं, वो तो उस व्यक्ति की मजबूरी भर है। ये आपके लिए मनोरंजन हो सकता है लेकिन ये किसी का दर्द है। हो सकता है, आप जिसके मोटापे का मजाक बना रही हैं, उसकी ये स्थिति किसी खास बीमारी की वजह से हो। या किसी के पुराने या खराब कपड़ों को लेकर जो आप पंचायत का हिस्सा बन जाती हैं, हो सकता है कि उसकी आर्थिक स्थिति ही ऐसी न हो कि वो नए से नए कपड़े खरीद सकें। कुलमिलाकर बात सिर्फ इतनी सी है कि किसी की बुराई करने से पहले ये देख लें कि कहीं आप उसकी मजबूरी का उपहास तो नहीं उड़ा रही हैं। इस तरीके से भी आप खुद को किसी की बुराई में शामिल करने से रोक पाएंगी। 

 

दूसरों से अपेक्षा-

ज्यादातर वो लोग, जो दूसरों की बुराई करते हैं, वो अक्सर ऐसे लोग होते हैं, जो दूसरों से बड़ी अपेक्षा रखते हैं। उनको लगता है कि दुनिया उनके हिसाब से चले और जब ऐसा नहीं होता है तो वो उन लोगों की बुराई बाकि सभी के सामने करते हैं। जबकि दूसरों से अपेक्षाएं रखना किसी भी तरह से अच्छा नहीं है। आप अगर भावनात्मक नहीं हैं तो दूसरों की बुराई करके अपना दिल हल्का कर लेंगे लेकिन कोई थोड़ा भी भावनात्मक हुआ तो वो इन बातों से सिर्फ दुख ही होगा। आपको नहीं होता तो उन लोगों को होगा, जिनकी बुराई आपने की है। 

 

एक एक दिन मिलेगा अकेलापन-

याद रखिए अगर आप सिर्फ बुराई करने में ही रुचि रखती हैं तो एक दिन ऐसा आएगा जब सबको आपकी इस आदत का पता चलेगा तो सब एक न एक दिन आपसे दूर होने लगेंगे। फिर हो सकता है वो सब आपसे प्यार नहीं बल्कि सिर्फ नफरत ही करें। ये नफरत आपको बिलकुल अकेला कर देगी। आज नहीं तो कल ऐसा होगा ही। इसलिए बुराई चुनिए या अकेलापन। 

 

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