बच्चों के मन की बात कैसे समझें? जाने 5 जरूरी टिप्स

मोनिका अग्रवाल

28th December 2020

बच्चों के बारे में जानकारी रखना बेहद जरूरी है। आपका बच्चा क्या सोचता है, उमें क्या बदलाव हो रहा है और वो क्या करता है आप बाल मनोविज्ञान की मदद से इस बात को आसान बना सकते हैं।

बच्चों के मन की बात कैसे समझें? जाने 5 जरूरी टिप्स

बच्चों का मन पढ़ें

जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होने लगता है, वैसे-वैसे वो कई तरह के बदलाव से गुजरता है। इसमें पर्यावरण, आनुवांशिक और सांस्कृतिक सभी बच्चों को नजदीक से प्रभावित करते हैं। और उसी हिसाब से बच्चे का विकास भी होता है। बच्चों को यह समझाना मुश्किल है कि वो क्या कर रहे हैं, उनकी भावनाओं को कैसे समझा जाए। आप बाल मनोविज्ञान की मदद से इन सब सवालों का जवाब हासिल कर सकते हैं। इसी विषय पर आधारित है हमारा ये लेख आपको बाल मनोविज्ञान के बारे में सभी जानकारी देगा।

1. क्या है बाल मनोविज्ञान?-

बाल मनोविज्ञान के जरिये आप हर तरह के बच्चे के बारे में शोध कर सकते हैं। बाल मनोविज्ञान की मदद से बच्चे की मानसिक स्थिति को पता लगाया जा सकता है। इसके अलावा  भी पैरेंट्स को ये भी पता करने में आसानी होती है कि, उनका बच्चा कैसे बातचीत करता है।

2. क्यों है जरूरी?- हर किसी की ये चाहत होती है कि उनका बच्चा हेल्थी रहे। लेकिन समय और उम्र में बदलाव के साथ-साथ बच्चों के व्यवहार में भी बदलाव आता है। बाल मनोविज्ञान की मदद से आप इन दोनों के बीच के अंतर को आसानी से समझ पाते हैं। इससे पैरेंट्स को भी समझने में आसानी मिलती है कि वो बच्चों से कैसे बात करें और उनकी भावनाओं को कैसे समझें। बाल मनोवैज्ञानिक बच्चों के असामान्य व्यवहारों को जल्दी पहचान सकते हैं। बच्चों की चिंता और तनाव का कारण भी वो आच्छे से समझते हैं।

बच्चों का मन पढ़ें

3. शारीरिक विकास- बच्चों में बच्चों में शारीरिक विकास बहुत जल्दी-जल्दी होता है। बच्चे जब छोटे होते हैं तो घुटनों के बल चलते हैं। जैसे जैसे बड़े होते हैं वो दौड़ने लगते हैं। बाल मनोवैज्ञानिक बच्चे के शारीरिक विकास का निरीक्षण करने में आपकी मदद करता है। वो इस बात को भी सुनिश्चित करता है कि आपके बच्चे में सामान्य विकास हो रहा है या नहीं?

4. भावात्मक और सामाजिक विकास- बच्चे का इमोशनल और सामाजिक से घर सम्बन्ध होता है। भावात्मक विकास में बच्चे कैसा महसूस करते हैं, क्या समझते हैं और कैसे वो अपनी भावनाओं की व्यक्त करता है। जैसे-जैसे बच्चा विकसित होता है उसमें कई तरह की भावनाएं उभरती जाती हैं। बाल मनोविज्ञान से बच्चों को उनकी भावनाओं को जल्दी समझने में मदद मिलती है। वहीं सामाजिक विकास इस बारे में है कि बच्चा अपने आस-पास के लोगों से संबंधित होने के लिए आवश्यक मूल्यों, जागरूकता और सामाजिक कौशल को कैसे विकसित करता है।  एक बच्चे का शुरुवाती रिश्ता उसके माता-पिता के साथ होता है। बाल मनोविज्ञान की मदद से आप बच्चे का सामाजिक स्तर भी जान पाएंगे।

5. बात करने में विकास- जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते जाते हैं, वैसे-वैसे उन्हें अपने आस-पास की चीजों के बारे में समझ बढती जाती है। वो इसे व्यक्त करने मं भी इन्ट्रेस्ट दिखाते हैं। इसमें बच्चों के बातचीत के विकास के साथ सीखने और प्रतिक्रियाओं को दर्शाता है। बाल मनोविज्ञान की मदद से बक्स के मूल तर्क के बारे में पता लगा सकते हैं।

कभी कभी बच्चों के मन में क्या चल रहा है, उनके साथ कैसा व्यवहार हो रहा है या वो किसी उअर के साथ कैसे बात करते हैं और व्यवहार करते हैं इस बारे में पैरेंट्स को पता नहीं होता। बच्चों के बारे में जानकारी हो इसका ख्याल भी पैरेंट्स को रखना होगा। ऐसे में बाल मनोविज्ञान की मदद लेना बेहतरीन विकल्प है। आप इनकी मदद से बच्चों के बारे में जान पाएंगे और उन्हें उनके विकास के साथ अच्छी दिशा दे पाएंगे।

यह भी पढ़ें-

बच्चों में होने वाला,कान का संक्रमण

ऑनलाइन शिक्षा- कुछ फायदे, कुछ नुकसान

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

बेबी फीडिंग ...

बेबी फीडिंग शेड्यूल के बारे में जानना बेहद...

9 पर्सनल हाइ...

9 पर्सनल हाइजीन की आदतें जो हर बच्चे के लिए...

बच्चों में स...

बच्चों में सबसे आम 5 बीमारियां क्या हैं

शिशु के लिए ...

शिशु के लिए मालिश क्यों है जरूरी और मालिश...

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

घर पर वाइट ह...

घर पर वाइट हैड्स...

वाइट हैड्स से छुटकारा पाने के लिए 7 टिप्स

बच्चे पर मात...

बच्चे पर माता-पिता...

आपकी यह कुछ आदतें बच्चों में भी आ सकती हैं

संपादक की पसंद

तोहफा - गृहल...

तोहफा - गृहलक्ष्मी...

'डार्लिंग, शुरुआत तुम करो, पता तो चले कि तुमने मुझसे...

समझौता - गृह...

समझौता - गृहलक्ष्मी...

लेकिन मौत के सिकंजे में उसका एकलौता बेटा आ गया था और...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription