बेस्ट कुकिंग ऑयल की लिस्ट में हैं ये 8 तेल, जानिए इसके इस्तेमाल के फायदे

Sonal Sharma

6th January 2021

खाना पकाने में किस तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं, ये बहुत महत्वपूर्ण हैं। आप अभी तक ये जानते होगें कि ऑलिव ऑयल का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है लेकिन और भी तेल हैं जिनका इस्तेमाल सेहतमंद साबित हो सकता है।

बेस्ट कुकिंग ऑयल की लिस्ट में हैं ये 8 तेल, जानिए इसके इस्तेमाल के फायदे

Best Cooking Oils

कुकिंग ऑयल किसी भी भारतीय व्यंजन में एक महत्वपूर्ण और बुनियादी घटक है। तेल का इस्तेमाल खाना पकाने और अपने भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। कुकिंग ऑयल प्राकृतिक संसाधनों, जलवायु, पकवान के प्रकार और स्वाद की उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग होता है। हालांकि, सही कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल करने से दिल से जुड़े संक्रमण, कोलेस्ट्रॉल ब्लॉकेज, अकड़न जैसे मुद्दों से बचा सकते हैं।

कई लोग सोच सकते हैं कि बिना तेल के पकाए गए व्यंजन ज्यादा स्वस्थ होते हैं, लेकिन तेल का इस्तेमाल करने से आपके शरीर की ज़रूरतों को पूरा करने में फायदा हो सकता है। आपको बस सही तेल लेने और मात्रा पर ध्यान देने की ज़रूरत है ताकि इसका सही प्रभाव पड़ा। सही मात्रा में सही तेल आपके शरीर को आवश्यक फैटी एसिड प्राप्त करने में मदद कर सकता है। तेल पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं, जिन्हें गुड फैट्स माना जाता है। जैतून का तेल यानी ऑलिव ऑयल जैसे तेल आपके एलडीएल (खराब कोलेस्ट्रॉल) को कम करने और आपके एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रोल) के स्तर को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। अपने आहार में तेलों की महत्ता को समझते हुए, किसी के भी दिमाग में एक सवाल उठ सकता है कि कौन-सा तेल बेस्ट है? यहां 8 कुकिंग ऑयल के बारे में दिया है जो कि आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और आपके सबसे पसंदीदा भारतीय व्यंजनों के लिए उपयुक्त हैं।

सरसों का तेल

 

यदि आप भारत के उत्तर में रहते हैं, तो जानते होंगे कि सरसों का तेल इस क्षेत्र में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला तेल है। सरसों का तेल तलने के लिए, स्वाद बढ़ाने के लिए और इसके संरक्षक गुणों के कारण, चटनी और अचार बनाने में इस्तेमाल होता है।

यह न केवल बहुत लोकप्रिय है, बल्कि इसका आदर्श फैट कंपोजिशन भी है। इसके अलावा, यह डायजेशन और सर्कुलेशन के लिए एक उत्तेजक के रूप में जाना जाता है। अपने जीवाणुरोधी गुणों के कारण यह तेल त्वचा की रक्षा करने में मदद कर सकता है। सरसों का तेल कीटाणुओं और वायरस से लड़ता है जो कि खांसी, जुकाम और एलर्जी से बचने में मदद कर सकता है। इसमें कम संतृप्त वसा की मात्रा होती है और यह हृदय के लिए अच्छा होता है। यह मानव शरीर को डिटॉक्सीफाई भी करता है और फंगल विकास को रोकता है।

नारियल का तेल

 

यदि आपको दक्षिण-भारतीय व्यंजन पसंद हैं, तो आप जानते होंगे कि नारियल तेल के तेल का इस्तेमाल क्या अंतर पैदा करता है। नारियल का तेल आदर्श रूप से एक पैन में इस्तेमाल किया जाता है। इसे या तो सोते करने के लिए या स्टिर-फ्राय फिश, चिकन, अंडे, या सब्जियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा, जब आप केक या कुकीज़ बेक कर रहे होते हैं, तो आप इसे पैन पर लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं, या आप इसे बटर के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

नारियल तेल शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के साथ सैचुरेटेड फैट्स में उच्च है। यह तेल एक पोषण और हल्का स्वाद प्रदान करता है। विटामिन ई, एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनोल के लाभों से भरा हुआ, नारियल का तेल हार्मोनल असंतुलन के कारण बढ़ने वाले वजन को रोकने में मदद करता है। तेल में मौजूद मीडियम-चैन फैटी एसिड आसानी से पचने योग्य होते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने में मदद करते हैं। नियमित रूप से नारियल तेल खाने का इस्तेमाल करने से रक्त में लिपिड के स्तर में सुधार होता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है। 
 
ऑलिव ऑयल

 

जैतून का तेल यानी ऑलिव ऑयल एक और बढ़िया विकल्प है क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो जोड़ों में दर्द को कम करता है और साथ ही पार्किंसंस और अल्जाइमर के खतरे को कम करता है। ऑलिव ऑयल तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है: एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल, प्योर ऑलिव ऑयल और ऑलिव पॉमेस ऑयल। तीन में से एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल परफेक्ट एरोमा और फ्लेवर वाला ऑलिव ऑयल है। यह तब ज्यादा उपयुक्त है जब आप सलाद, पास्ता, चावल, सब्जियां, मीट और मछली के लिए ड्रेसिंग, फ्लेवरिंग्स या मसाला बना रहे हैं।

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को सबसे अच्छा माना जाता है। यह फ्लेवर, एरोमा, कलर और एसिडिटी लेवल में सही संतुलन के लिए मूल्यवान माना जाता है। इसमें विटामिन और पोषक तत्वों में हाई कंटेंट होता है। प्योर ऑलिव ऑयल में वर्जिन ऑलिव ऑयल के समान एसिडिटी लेवल होता है, और इस कारण से इसमें उच्च तापमान का अच्छा प्रतिरोध होता है। लेकिन यह वर्जिन ऑलिव ऑयल की तुलना में कम पोषक तत्व है। पोमेस ऑलिव ऑयल का सबसे निचला ग्रेड है। पोमेस, ऑलिव का वह हिस्सा है जो तेल और पानी के निकलने के बाद भी बना रहता है। पोमेस ऑयल को स्वादिष्ट बनाने के लिए, इसे एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल के साथ मिश्रित किया जाता है। प्योर ऑलिव ऑयल की तरह, यह केवल उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए उपयुक्त है।

सनफ्लॉवर ऑयल

 

 

सनफ्लॉवर ऑयल यानी सूर्यमुखी का तेल स्वाद में सौम्य या सादा और सुगंद मुक्त होता है जो कि बेकिंग के लिए उपयुक्त होता है। इसका स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होने के कारण यह तेल तलने के लिए अच्छा होता है। इस तेल का इस्तेमाल मेयोनीज़, सलाद ड्रेसिंग बनाने में और सब्जियों को भूनने के लिए किया जाता है।

सूरजमुखी के बीजों से निकाला गया यह तेल विटामिन ई की प्रचुरता के कारण एक अच्छा विकल्प है। यह कैंसर के रोगियों के लिए भी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसके इस्तेमाल से हृदय रोग का खतरा कम होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। समोसे और चिप्स बड़े शानदार होंगे यदि वे इस तेल में तले हुए हैं क्योंकि वे उच्च तापमान पर भी, अपने पोषक तत्वों को बनाए रख सकते हैं।

मूंगफली का तेल

 

रिफाइंड मूंगफली का तेल हल्की खुशबू वाला होता है। इसका इस्तेमाल भूनने, तलने और फ्लेवर के लिए किया जा सकता है। भुना हुआ मूंगफली का तेल सुगंधित होता है और आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में फ्लेवर की तरह किया जाता है। मूंगफली के भुने तेल को सलाद में डालकर खा सकते हैं।

अगर मूंगफली के तेल को संतुलित मात्रा में उपयोग किया जाता है, तो इसके कई फायदे हासिल किए जा सकते हैं। मूंगफली के पोषक तत्व हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। साथ ही कुछ शारीरिक समस्याओं में इसके सेवन से फायदा हो सकता है। मूंगफली के तेल का सेवन एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम किए बिना हानिकारक कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम कर सकता है। मूंगफली के तेल का यह गुण हृदय के लिए सुरक्षात्मक हो सकता है। मूंगफली और मूंगफली का तेल नियासिन व विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। ये दोनों कॉग्निटिव हेल्थ को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में भी मूंगफली का तेल मदद कर सकता है। मूंगफली के तेल में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते है।  पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड रुमेटाइड अर्थराइटिस जैसे जोड़ों के दर्द की समस्या से बचाव कर सकते हैं। 

तिल का तेल

 

तिल का तेल तिल के बीज से निकला हुआ तेल होता है। चायनीज़, कुरीयन और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई कुज़िन में भी इसका अच्छा इस्तेमाल होता है। आंध्र और राजस्थान के व्यंजनों में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला तिल का तेल डायबिटीज और सर्कुलेशन सिस्टम के लिए अच्छा है।

इसके इस्तेमाल से यह फूड में हल्का फ्लेवर भी जोड़ता है। तिल का तिल काफी हद तक बेस्वाद और सुंगध मुक्त होता है इसलिए इसका इस्तेमाल बेकिंग में किया जा सकता है। सलाद के तेल के रूप में और साथ ही मार्जरीन बनाने में यह मुख्य सामग्री होता है। अचार बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। सौम्य तिल का तेल का स्मोकिंग पॉइंट अधिक होने से यह तलने के लिए उपयुक्त होता है। हालांकि भुने हुए तिल से बना गहरे रंग का तिल के तेल का स्मोकिंग पॉइंट कम होता है जो कि तलने के लिए उपयुक्त नहीं है। इसकी जगह इसका इस्तेमाल सब्जियों को भुनने या आमलेट बनाने में किया जाता है।
 तिल के तेल में विटामिन ई, बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शि‍यम, मैग्नीशि‍यम, फॉस्फोरस और प्रोटीन पाया जाता है जो हड्ड‍ियों की मजबूती से लेकर बालों को सुंदर बनाने और तनाव को दूर करने तक फायदेमंद है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण बढ़ती उम्र के असर, वायरस और बैक्टीरिया के इंफेक्‍शन से बचाता है। तिल शरीर को गर्माहट भी देता है, इसलिए ठंड के मौसम में इसका प्रयोग बहुत ज्‍यादा किया जाता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए। यह ब्‍लड में ग्लूकोज का लेवल कम कर देता है और साथ ही ब्लड प्रेशर कम करता है। साथ ही तिल का तेल एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता है जो सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों ब्‍लड प्रेशर कम करता है।

सोयाबिन का तेल

 

 

सोयबीन का तेल काफी लोकप्रिय तेल है। यह पौष्टिक, सस्ता तेल है। इस तेल में हाई स्मोकिंग पॉइंट होता है जिससे इसका तलने में इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल अचार बनाने में किया जाता है। इसका अधिकतर इस्तेमाल सलाद ड्रेसिंग, सैंडविच स्प्रैड, ब्रैड, मायोनीज़, बेकिंग मिक्स और ब्रेकफास्ट बनाने में किया जाता है। बेस्वाद और सुगंध मुक्त होने से इसे बेकिंग के लिए उपयुक्त माना जाता है।

इसमें विटामिन के होता है, जो हड्डियों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए फायदेमंद है। यह स्वस्थ त्वचा देने में मदद करता है और इसमें ओमेगा -3 फैटी एसिड होता है, जो स्वस्थ रक्त स्तर को बनाए रखने के लिए अच्छा है। 

अलसी का तेल

 

 

फ्लैक्स सीड ऑयल यानी अलसी का तेल, अलसी के पौधे के बीजों से निकाला जाता है। प्राचीन समय से ही अलसी के तेल को औषधीय के रूप में उपयोग किया जा रहा है। कुछ लोग अलसी के तेल को खाद्य तेल के रूप में भोजन पकाने के लिए उपयोग करते हैं। हालांकि अलसी बीज के पूरे पोषक तत्‍व अलसी के तेल में मौजूद नहीं रहते हैं। लेकिन फिर अलसी का तेल स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सक्षम होता है। यह ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरा हुआ है। ओमेगा 3 फैटी एसिड हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है और क्रोन व कोलाइटिस के इलाज और रोकथाम में भी महत्वपूर्ण है। यह तेल हृदय से जुड़ी समस्याओं से बचाव में कारगर हो सकता है। अलसी में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा शून्य होती है, जिससे यह कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए सुरक्षित होता है।

अलसी के तेल का इस्तेमाल स्मूदी या शेक बनाने में किया जा सकता है। मफिन या केक बनाते समय भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इस तेल को सलाद ड्रेसिंग में यूज़ कर सकते हैं। वैसे तो इस तेल का प्रयोग खाना बनाने में किया जा सकता है लेकिन अलसी तेल के न्यूट्रीशनल क्वॉलिटीज़ हीट की वजह से खत्म हो जाती हैं। साथ ही याद रखें कि अधिक हीट में इसमें खतरनाक कंपाउंड्स भी बन जाते हैं।

 

बची हुई कढ़ी से बनाए ये 5 स्वादिष्ट स्नैक्स

गृहलक्ष्मी होम शेफ राखी भार्गव ने बताई 5 विंटर रायता रेसिपी

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

भोजन में करे...

भोजन में करें हैल्दी तेलों का उपयोग

10 Beauty ऑयल्स

10 Beauty ऑयल्स

लम्बे बालों ...

लम्बे बालों के लिए मैजिक ऑयल्स

ज़ीरो ऑयल कु...

ज़ीरो ऑयल कुकिंग -दिल की बीमारियों से छुटकारा...

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

रम जाइए 'कच्...

रम जाइए 'कच्छ के...

गुजरात का कच्छ इन दिनों फिर चर्चा में है और यह चर्चा...

घट-कुम्भ से ...

घट-कुम्भ से कलश...

वैसे तो 'कुम्भ पर्व' का समूचा रूपक ज्योतिष शास्त्र...

संपादक की पसंद

मां सरस्वती ...

मां सरस्वती के प्रसिद्ध...

ज्ञान की देवी के रूप में प्राय: हर भारतीय मां सरस्वती...

लोकगीतों में...

लोकगीतों में बसंत...

लोकगीतों में बसंत का अत्यधिक माहात्म्य है। एक तो बसंत...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription