चिकमगलूर...प्रकृति का ऐसा नजारा आपने नहीं देखा होगा

चयनिका निगम

7th January 2021

प्रकृति के करीब जाने की सोच रही हैं तो आपको चिक्मंग्लुरू जरूर जाना चाहिए। कर्नाटक का ये हिल स्टेशन आपका दिल जरूर जीत लेगा।

चिकमगलूर...प्रकृति का ऐसा नजारा आपने नहीं देखा होगा
चिक्मंग्लुरू...कर्नाटक राज्य का एक ऐसा हिल स्टेशन है, जो अपने कॉफी स्टेट के लिए जाना जाता है। लेकिन इस हिल स्टेशन में सिर्फ कॉफी स्टेट नहीं हैं बल्कि यहां पर नेशनल पार्क है तो वॉटर फॉल भी। चिक्मंग्लुरू का मौसम सबसे पहले किसी का भी दिल जीत लेता है। इतना ही नहीं ये जगह इको फ्रेंडली भी है। मतलब यहां पर आपको सबसे शुद्ध हवा महसूस होगी। आप यहां से स्वस्थ्य होकर ही जाएंगी साथ में ढेर सारे मजे और यात्रा की यादें तो होंगी ही। चिक्मंग्लुरू को भारत में कॉफी की ईजाद के लिए भी जाना जाता है। पहाड़ों की गोद में बसी इस सुंदर जगह को घूल लीजिए-
कुंदरमुख नेशनल पार्क-
ये नेशनल पार्क चिक्मंग्लुरू की एक पहाड़ी कुंदरमुख पर बना है। इस नाम का मतलब है घोड़े का मुख। दरअसल इस पहाड़ी का लुक एक तरफ से घोड़े जैसा दिखता है। ये पहाड़ कर्नाटक का दूसरा सबसे ऊंचा पहाड़ है। पहला सबसे ऊंचा पहाड़ मुल्लायनगिरि है। कुंदरमुख नेशनल पार्क वेस्टर्न घाट का दूसरा सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ प्रोटेक्टेड क्षेत्र है। यहां आने के लिए निकटतम हवाई अड्डा मैंगलोर है। 
मुल्लायनगिरि पर ट्रेक-
चिक्मंग्लुरू के इस सबसे ऊंचे ट्रेक को इसका नाम संत मूलप्पा स्वामी के मकबरे से मिला है। जो यहीं पर बना है। माना जाता है कि संत ने इसी पहाड़ियों से घिरी गुफा में तपस्या की थी। ट्रेक की चोटी पर एक शिव मंदिर भी है। इस ऊंचाई से पूरा वेस्टर्न घाट देखा जा सकता है। 
बाबा बुदानगिरि-
इस पहाड़ को चन्द्र द्रोणा पर्वत या दत्ता पीट भी कहते हैं। इसका बुदानगिरि नाम एक मुस्लिम संत के नाम पर रखा गया है। चिक्मंग्लुरू की ये बहुत ही पसंद की जाने वाली जगह है। यात्रियों को बहुत पसंद आने वाली ये जगह 1900 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां पर तीन गुफाएं हैं, जिनको देखने भी यात्री जरूर आते हैं। यहां पर दत्तात्रेय बाबाबुदानस्वामी दरगाह भी देखने जाया जा सकता है। यहां सितंबर से मार्च के बीच आना अच्छा रहेगा। 
हेब्बे फॉल्स की सुंदरता-
चिक्मंग्लुरू की हेब्बे फॉल्स की सुंदरता भी देखते ही बनती है। ये फॉल्स केम्मनगुंडी हिल स्टेशन से निकलती है। फॉल्स के आसपास खूब हरियाली है। 168 मीटर की ऊंचाई से गिरने वाले इस झरने के आसपास बड़े और छोटे झरने भी हैं। बड़े झरने का नाम डोबबा हेब्बे है तो बड़े झरने का नाम चिक्का हेब्बे है। यहां आने के लिए 8 किलोमीटर की चढ़ाई चढ़नी होगी। लेकिन इसको देखने के बाद आपकी मेहनत रंग जरूर लाएगी। ऑक्टूबर से जनवरी के बीच यहां आना अच्छा रहता है। चिक्मंग्लुरू बस अड्डे से यहां की दूसरी करीब 70 किलोमीटर है। 
भद्रा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी-
इस सेंचुरी को बाघों को लिए प्रोटेक्टेड बनाया गया है। ये जगह चिक्मंग्लुरू और शिमोगा जिले के बीच बनी है। चिक्मंग्लुरू से 35 किलोमीटर की दूरी पर बनी इस जगह में बाघों की संख्या खूब है। यहां अंदर आने के बाद आप कल्लाहाथीगिरि पहाड़ पर भी जा सकती हैं। ये चोटी 1800 मीटर की ऊंचाई पर बनी है। हरियाली का इतना सुंदर रूप आपने शायद ही देखा हो। प्रकृति का ये रूप आपका दिल जरूर जीत लेगा। बाघों के साथ यहां आपको पक्षियों की 250 प्रजातियां भी देखने को मिलेंगी। यहां आने का सही समय ऑक्टूबर से मार्च के बीच होता है। 
भद्रा डैम-
ये बांध भद्रा नदी पर बना है। इस बांध का पानी आसपास के किसान सिंचाई में भी इस्तेमाल करते हैं। इससे बिजली उत्पादन भी हो रहा है। डैम ने 1965 में काम करना शुरू किया था। इस बांध के सिर्फ इतने फायदे बिलकुल नहीं हैं। बल्कि इसको देखने आने वाले लोग अक्सर ही इसकी सुंदरता में खो जाते हैं। चिक्मंग्लुरू बस अड्डे से ये जगह 70 किलोमीटर की दूरी पर बनी है। यहां आने के लिए आपको सुबह 10 से शाम 4 के बीच में आना पड़ेगा। मॉनसून का मौसम इस जगह को देखने के लिए बेस्ट है। 
कॉफी स्टेट-
चिक्मंग्लुरू आकर किसी पुराने कॉफी स्टेट में रुकना भी मजेदार अनुभव हो सकता है। यहां आपको कोलोनियल आर्किटेक्चर देखने को मिलेगा। पुरानी बिल्डिंग में रहना और कॉफी की महक जरूर आपका दिल जीत लेंगी। 
शारदाम्बा मंदिर -
ये चिक्मंग्लुरू के शृंगेरी में बना है। तुंगभद्र नदी के किनारे पर बना ये मंदिर कई भक्तों की आस्था का केंद्र है। इसको 8वीं शताब्दी में बनाया गया था। माना जाता है, यहां सिर झुकाने वाले भक्तों की सीखने की क्षमता बढ़ जाती है। 20वीं शताब्दी की शुरुआत में ये मंदिर पूरी तरह से लकड़ी से भी बनाया गया था। लेकिन ये आग में भस्म हो गया था। अब इसका लुक पूरी तरह से साउथ इंडियन है। 
कॉफी म्यूजियम-
कॉफी का इससे अच्छा एरोमा आपने कभी महसूस नहीं किया होगा। यहां आप कॉफी को पेड़ से तोड़ने और पीने लाइक बनाने की पूरी प्रक्रिया समझ सकती हैं। कॉफी बनाने के अब बनाए गए सभी साधनों को यहां देखने के लिए रखा गया है। 

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