मैं बिल्कुल सिंपल सहज घरेलू गृहलक्ष्मी हूं - श्वेता गुलाटी

गृहलक्ष्मी टीम

2nd February 2021

टीवी जगत की पॉपुलर एक्ट्रेस श्वेता गुलाटी ने अपनी एक्टिंग से हर किसी का दिल जीता है। उन्होंने 'शगुन', 'दिल मिल गए', 'रीमिक्स' और 'इश्क की घंटी' जैसे कई हिट शो में काम किया है। और एक बार फिर से अपने नए लुक, नए शो से वो फिर से लोगों का दिल जीतने के लिए आ गई हैं। इसी दौरान हमारी प्रतिनिधि ऋचा मिश्रा तिवारी से हुई उनसे खाश बातचीत के कुछ अंश।

मैं बिल्कुल सिंपल सहज घरेलू गृहलक्ष्मी हूं - श्वेता गुलाटी

आप कैसी गृहलक्ष्मी हैं?

मैं बिल्कुल सिंपल सहज घरेलू गृहलक्ष्मी हूं।

सिंपल घरेलू रिस्पांसिबल गृहलक्ष्मी को डिफाइन कैसे करेंगे?

मेरा मानना है कि मैं एक ऐसी गृहलक्ष्मी हूं, जिसमें फैमिली के व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। जहां पर सब लोग मिलकर कभी-कभी बातें कर लिया करते हैं। पूरी फैमिली बात कर लेती है, मैं उस टाइप की गृहलक्ष्मी हूं, अच्छा खाना बना लेती हूं, मुझे घर साफ रखना बहुत ज्यादा पसंद है, मुझे घर में रहना पसंद है, घर की देखभाल करना पसंद है, घर के लोगों के साथ टाइम बिताना पसंद है।

अपने शो में कैसी गृहलक्ष्मी हैं?  

शो 'तेरा यार हूं मैं' में मेरा नाम जानवी है। जानवी और श्वेता में इस मामले में कोई अंतर नहीं है। दोनों काफी एक जैसी हैं, जैसे जानवी घर संभालती है, वैसे ही श्वेता भी उसी तरह से घर संभालती हैं। जानवी सबकी प्यारी है और सब उसको प्यार करते है, मैं भी ऐसे ही हूं। मुझे भी मेरी फैमिली बहुत प्यार करती है। ब्लू वाइट गर्ल बोलता है ना मैं वह हूं और जानवी बिल्कुल वहीं है, उसकी सास भी उसे बहुत प्यार करती है। उसके ससुर जी, उसकी देवरानी, उसके देवर, घर के बच्चे, उसके जीजा जी, जीजी, सब उससे बहुत प्यार करते हैं और राजीव तो खैर उसका तो रोमांस आज तक खत्म नहीं हुआ है। वो बहुत ही प्यारी सहज गृहलक्ष्मी है, कुछ हद तक श्वेता भी है। क्योंकि मैं पहली बार इतने बड़े बच्चों की मां का रोल प्ले कर रही हूं। मुझे बहुत मजा आ रहा है रियल लाइफ में तो मॉम नहीं हूं, पर मुझे सीरियल में मां का रोल प्ले करने में बहुत अच्छा लग रहा है। स्क्रीन में प्ले करने में एक अलग ही खुशी मिलती है। मैं रियल लाइफ में तो डॉग मॉम हूं, मुझे लगता है हम औरतें ना यह चीज लेकर ही आती हैं। अपनी मॉम की कोख से हमारे अंदर जो मदरबोर्ड होता है, वह पैदाइशी होता है, मम्मी बनने या ना बनने का कोई फर्क नहीं पड़ता। पैदा होते ही मातृत्व की भावना आ जाती है, इसलिए जब मैं मां का रोल प्ले करती हूं, तो मुझे अलग ही खुशी मिलती है। जब मेरे बच्चे ऑन स्क्रीन कुछ अच्छा प्ले करते हैं, डायलॉग अच्छा बोलते हैं या जब मैं देखती हूं की ऑडियंस उन्हें देखकर भी बहुत प्यारा रिस्पांस दे रही है, कोई अच्छा सीन किया है, एपिसोड में उन्होंने जाकर बोलती हूं कि आई एम सो प्राउड ऑफ यू और मैं उन्हें हग कर लेती हूं। रिमोट करना ऑन स्क्रीन थोड़ा सा मुश्किल था, लेकिन मुझे फीलिंग वह अंदर से बहुत नेचुरली आती है। बिना मॉम रियल लाइफ में तो हम औरतें ना मातृत्व की भावना बचपन से लेकर आती हैं।

काम और घर को कैसे मैनेज करती हैं?

कभी-कभी तो ऐसा होता है कि मैं रात को 9:30 10:00 बजे तक पहुंचती हूं और कुछ चीजें बिखरी हुई रहती हैं तो मैं उन्हें सही जगह पर रख देती हूं। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करना वैसे तो लोगों में बहुत टाइम बिताया है। फैमिली के साथ तो जैसे अब मैं बाहर हूं तब मुझे वह खल नहीं रहा है। मुझे इतना बुरा नहीं लग रहा है। मैं बहुत सारा टाइम अपनी फैमिली के साथ बिता चुकी हूं। 

मेरा जो डॉग है, सबसे ज्यादा वही मुझे याद करता है, सबसे ज्यादा टाइम लॉक्डाउन में बिताने के बाद भी क्योंकि मैंने एक डॉग को अगस्त में खो दिया है। तो अब बस वो एक अकेला बच गया है, हम सब काम पर चले जाते हैं, मम्मी भी अभी थोड़ा बिजी रहने लग गई हैं, तो वह मेरे हाउसहेल्प के साथ पूरा दिन रहता है, नहीं तो लवण में सब उसके साथ है। उसको सबसे ज्यादा कमी मेरी खलती है। जब मैं रोज रात को आती हूं सूट पर से तो वह रो-रोकर मुझे बताता है कि वह मुझे बहुत याद करता है। मैं उसके बारे में सोच-सोच कर रो देती हूं। वह भी बैठा और मुझे देख रहा है, मैं क्यों नहीं हूं आपके पास तो उसका मुझे बुरा लगता है। फैमिली के लिए नहीं लगता क्योंकि फैमिली के साथ मैंने बहुत टाइम स्पेंड कर लिया है। 

आप कैसे अपने आप को फिट रखती हैं?

मेरा यह मानना है कि अगर आप दिमाग से फिट हो तो आपकी बॉडी हमेशा फिट रहती है। अगर आप मेंटली फिट नहीं हो तो बॉडी की फिटनेस का कोई मतलब ही नहीं है। हमें अपने आपको पॉजिटिव रखना चाहिए। हम अपने आपको फिजिकली फिट रखने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि हम भूल जाते हैं की सबसे पहले मेंटली फिट होना जरूरी है। अगर आपको हेल्प की जरूरत है तो आपको शर्म नहीं आनी चाहिए, क्योंकि डिप्रेशन सबसे बड़ी कमजोरी है। मैं भी डिप्रेशन में रह चुकी हूं पर मुझे इतनी जरूरत नहीं पड़ी हेल्प की मेरी फैमिली ने मेरी मदद कर दी जो भी ऑडियंस आज मेरी वीडियो देख रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगी कि डिप्रेशन अच्छा नहीं होता है। जब भी ऐसा कुछ फील करो अपने आसपास के लोगों से बात करो, अगर आपको दिल और दिमाग से कुछ अच्छा नहीं लग रहा है, तो पहले उसे फिट करो, बॉडी तो सेकेंडरी फिटनेस है। हमें ज्यादा से ज्यादा फिजिकल वर्कआउट करना चाहिए, जिससे हमारे हारमोंस कंट्रोल में रहेंगे। तो अच्छा खाइए, अच्छा सोचिए, 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है, अपनी बॉडी के अकॉॄडग पानी पीना चाहिए।

आपका फैशन का क्या फंडा है?

मेरा फैशन फंडा है कंफर्ट, आपने जो पहना है उसमें अगर आप कंफर्ट फील करते हैं तो वो कपड़े अच्छे हैं। अगर हम कंफर्टेबल हैं तो कॉन्फिडेंस अपने आप आ जाता है। मैंने स्क्रीन पर इतने साल बहुत शॉर्ट ड्रेस पहनी है, बट मैं उनमें कंफर्टेबल थी। अगर मुझे आज कोई वही ग्लैमरस रोल दे दे और वही छोटे-छोटे कपड़े पहनूं तो मैं कंफर्टेबल नहीं रहूंगी। अभी हाल ही में मैंने एक शो किया था ओल्ड बालाजी के लिए 'तुम सबकी फटेगी' एक वेब सीरीज थी। उसमें कुछ आउटफिट्स थे जिन्हें पहन कर मैं कंफर्टेबल नहीं थी, पर उनको वैसा ही लुक चाहिए था। मैंने कोशिश तो की थी कि मैं चेंज कर दूं पर वह हो नहीं पाया था, क्योंकि वह रोल के हिसाब से वही ड्रेस चाहते थे, वो कपड़े तो बहुत सिंपल थे। शॉर्ट स्कर्ट और टॉप था पर मैं फिर भी उनमें कंफर्टेबल फील नहीं कर रही थी।

आप अपने ब्यूटी के फंडे क्या हैं?

मैं ब्यूटी के मामले में थोड़ी लेजी हूं, मैं अपना ज्यादा ख्याल नहीं रख पाती हूं, थोड़ा तो जेनेटिक्स है थोड़ा ऊपरवाला मेहरबान है। बाकी मैं अपने खाने का ध्यान रखती हूं, पानी बहुत ज्यादा पीती हूं, अच्छी नींद लेती हूं, सबसे पहले अच्छा सोचना जरूरी है। आप अगर दिल से साफ हो तो आपके चेहरे पर अलग झलक जाता है। मैं घर में भी थोड़े नुस्खे करती हूं, जैसे आज ही मैंने कोकोनट ऑयल हल्दी और शहद मिक्स करके अपने फेस पर लगाया। मैं घरेलू नुस्खा पर बहुत ज्यादा विश्वास करती हूं। मुझे हल्दी शहद कोकोनट ऑयल नींबू से तो बहुत ही प्यार है। मैं कॉफी कोको पाउडर बहुत यूज करती हूं।

आप अपना मी टाइम कैसे स्पेंड करती हैं?

अभी शूट नहीं है तो मेरा मी टाइम चल रहा है, जैसे की अभी मेरा मी टाइम आपके साथ चल रहा है, मैं कभी-कभी बुक्स पढ़ लेती हूं। मुझे बुक्स पढ़ना बहुत पसंद है। भले ही वो बुक फिक्शन हो, नॉन फिक्शन हो, बायोग्राफी हो, जिस बुक ने मेरा अटेंशन ले लिया मैं उसे पढ़ लेती हूं। मुझे एक चीज जो सबसे ज्यादा पसंद है वो है- नेटफ्लिक्स, मैं बारह-बारह घंटे कुछ खाते-खाते बीम वॉचिंग कर सकती हूं। वैसे टीवी मोबाइल सब मुझे बहुत पसंद है, जिस पर मैं अपना टाइम बिता सकती हूं, पर सबसे ज्यादा मुझे नेटफ्लिक्स पसंद है। मैं नेटफ्लिक्स पर आधे से ज्यादा शो देख चुकी हूं। मैंने बहुत सारी लैंग्वेज के शो देखें हैं। रसियन हो, ऑस्ट्रेलिया का शो हो, ब्रिटिश हो, सब मैंने देखे हैं। मैं मी टाइम में यह सारी ब्यूटी टिप्स करना, अपने आपको पांपर करना, सर पर पैक लगाना, स्क्रब करना, नेल पैंट चेंज करना, यह सारी चीजें मैं करती हूं अपने मी टाइम में।

आप हमारे दर्शकों को क्या मैसेज देना चाहेंगी?

हमें लोगों ने यह सिखाया है कि हम घर की चहारदिवारी में कम साधनों के साथ अच्छे से रह सकते हैं। बहुत ज्यादा की जरूरत नहीं है। वह होता है ना, भीड़ का कोई अंत ही नहीं है। नीड तो हमारी कभी खत्म ही नहीं होंगी पर जो है उस में खुश रहना यही एक सिंपल फंडा है। खुश रहने का जो है उसके साथ खुश रहो अपनों के साथ व$क्त बिताओ भगवान ने जो मूमेंट दिए हैं, उसे इंजॉय करो। अपनी अचीवमेंट के लिए काम करिए, पर आज को जीना मत भूलिए। ऑडियंस से कहना चाहूंगी कि खुश रहिए और अच्छी सोच रखिए।

यह भी पढ़ें -क्या अनदेखा कर रहीं हैं आप

आप कैसी गृहलक्ष्मी हैं?

मैं बिल्कुल सिंपल सहज घरेलू गृहलक्ष्मी हूं।

 

सिंपल घरेलू रिस्पांसिबल गृहलक्ष्मी को डिफाइन कैसे करेंगे?

मेरा मानना है कि मैं एक ऐसी गृहलक्ष्मी हूं, जिसमें फैमिली के व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे हैं। जहां पर सब लोग मिलकर कभी-कभी बातें कर लिया करते हैं। पूरी फैमिली बात कर लेती है, मैं उस टाइप की गृहलक्ष्मी हूं, अच्छा खाना बना लेती हूं, मुझे घर साफ रखना बहुत ज्यादा पसंद है, मुझे घर में रहना पसंद है, घर की देखभाल करना पसंद है, घर के लोगों के साथ टाइम बिताना पसंद है।

 

अपने शो में कैसी गृहलक्ष्मी हैं?  

शो 'तेरा यार हूं मैंÓ में मेरा नाम जानवी है। जानवी और श्वेता में इस मामले में कोई अंतर नहीं है। दोनों काफी एक जैसी हैं, जैसे जानवी घर संभालती है, वैसे ही श्वेता भी उसी तरह से घर संभालती हैं। जानवी सबकी प्यारी है और सब उसको प्यार करते है, मैं भी ऐसे ही हूं। मुझे भी मेरी फैमिली बहुत प्यार करती है। ब्लू वाइट गर्ल बोलता है ना मैं वह हूं और जानवी बिल्कुल वहीं है, उसकी सास भी उसे बहुत प्यार करती है। उसके ससुर जी, उसकी देवरानी, उसके देवर, घर के बच्चे, उसके जीजा जी, जीजी, सब उससे बहुत प्यार करते हैं और राजीव तो खैर उसका तो रोमांस आज तक खत्म नहीं हुआ है। वो बहुत ही प्यारी सहज गृहलक्ष्मी है, कुछ हद तक श्वेता भी है। क्योंकि मैं पहली बार इतने बड़े बच्चों की मां का रोल प्ले कर रही हूं। मुझे बहुत मजा आ रहा है रियल लाइफ में तो मॉम नहीं हूं, पर मुझे सीरियल में मां का रोल प्ले करने में बहुत अच्छा लग रहा है। स्क्रीन में प्ले करने में एक अलग ही खुशी मिलती है। मैं रियल लाइफ में तो डॉग मॉम हूं, मुझे लगता है हम औरतें ना यह चीज लेकर ही आती हैं। अपनी मॉम की कोख से हमारे अंदर जो मदरबोर्ड होता है, वह पैदाइशी होता है, मम्मी बनने या ना बनने का कोई फर्क नहीं पड़ता। पैदा होते ही मातृत्व की भावना आ जाती है, इसलिए जब मैं मां का रोल प्ले करती हूं, तो मुझे अलग ही खुशी मिलती है। जब मेरे बच्चे ऑन स्क्रीन कुछ अच्छा प्ले करते हैं, डायलॉग अच्छा बोलते हैं या जब मैं देखती हूं की ऑडियंस उन्हें देखकर भी बहुत प्यारा रिस्पांस दे रही है, कोई अच्छा सीन किया है, एपिसोड में उन्होंने जाकर बोलती हूं कि आई एम सो प्राउड ऑफ यू और मैं उन्हें हग कर लेती हूं। रिमोट करना ऑन स्क्रीन थोड़ा सा मुश्किल था, लेकिन मुझे फीलिंग वह अंदर से बहुत नेचुरली आती है। बिना मॉम रियल लाइफ में तो हम औरतें ना मातृत्व की भावना बचपन से लेकर आती हैं।

 

काम और घर को कैसे मैनेज करती हैं?

कभी-कभी तो ऐसा होता है कि मैं रात को 9:30 10:00 बजे तक पहुंचती हूं और कुछ चीजें बिखरी हुई रहती हैं तो मैं उन्हें सही जगह पर रख देती हूं। फैमिली के साथ टाइम स्पेंड करना वैसे तो लोगों में बहुत टाइम बिताया है। फैमिली के साथ तो जैसे अब मैं बाहर हूं तब मुझे वह खल नहीं रहा है। मुझे इतना बुरा नहीं लग रहा है। मैं बहुत सारा टाइम अपनी फैमिली के साथ बिता चुकी हूं। 

मेरा जो डॉग है, सबसे ज्यादा वही मुझे याद करता है, सबसे ज्यादा टाइम लॉक्डाउन में बिताने के बाद भी क्योंकि मैंने एक डॉग को अगस्त में खो दिया है। तो अब बस वो एक अकेला बच गया है, हम सब काम पर चले जाते हैं, मम्मी भी अभी थोड़ा बिजी रहने लग गई हैं, तो वह मेरे हाउसहेल्प के साथ पूरा दिन रहता है, नहीं तो लवण में सब उसके साथ है। उसको सबसे ज्यादा कमी मेरी खलती है। जब मैं रोज रात को आती हूं सूट पर से तो वह रो-रोकर मुझे बताता है कि वह मुझे बहुत याद करता है। मैं उसके बारे में सोच-सोच कर रो देती हूं। वह भी बैठा और मुझे देख रहा है, मैं क्यों नहीं हूं आपके पास तो उसका मुझे बुरा लगता है। फैमिली के लिए नहीं लगता क्योंकि फैमिली के साथ मैंने बहुत टाइम स्पेंड कर लिया है। 

 

आप कैसे अपने आप को फिट रखती हैं?

मेरा यह मानना है कि अगर आप दिमाग से फिट हो तो आपकी बॉडी हमेशा फिट रहती है। अगर आप मेंटली फिट नहीं हो तो बॉडी की फिटनेस का कोई मतलब ही नहीं है। हमें अपने आपको पॉजिटिव रखना चाहिए। हम अपने आपको फिजिकली फिट रखने में इतने मशगूल हो जाते हैं कि हम भूल जाते हैं की सबसे पहले मेंटली फिट होना जरूरी है। अगर आपको हेल्प की जरूरत है तो आपको शर्म नहीं आनी चाहिए, क्योंकि डिप्रेशन सबसे बड़ी कमजोरी है। मैं भी डिप्रेशन में रह चुकी हूं पर मुझे इतनी जरूरत नहीं पड़ी हेल्प की मेरी फैमिली ने मेरी मदद कर दी जो भी ऑडियंस आज मेरी वीडियो देख रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहूंगी कि डिप्रेशन अच्छा नहीं होता है। जब भी ऐसा कुछ फील करो अपने आसपास के लोगों से बात करो, अगर आपको दिल और दिमाग से कुछ अच्छा नहीं लग रहा है, तो पहले उसे फिट करो, बॉडी तो सेकेंडरी फिटनेस है। हमें ज्यादा से ज्यादा फिजिकल वर्कआउट करना चाहिए, जिससे हमारे हारमोंस कंट्रोल में रहेंगे। तो अच्छा खाइए, अच्छा सोचिए, 8 घंटे की नींद बहुत जरूरी है, अपनी बॉडी के अकॉॄडग पानी पीना चाहिए।

 

आपका फैशन का क्या फंडा है?

मेरा फैशन फंडा है कंफर्ट, आपने जो पहना है उसमें अगर आप कंफर्ट फील करते हैं तो वो कपड़े अच्छे हैं। अगर हम कंफर्टेबल हैं तो कॉन्फिडेंस अपने आप आ जाता है। मैंने स्क्रीन पर इतने साल बहुत शॉर्ट ड्रेस पहनी है, बट मैं उनमें कंफर्टेबल थी। अगर मुझे आज कोई वही ग्लैमरस रोल दे दे और वही छोटे-छोटे कपड़े पहनूं तो मैं कंफर्टेबल नहीं रहूंगी। अभी हाल ही में मैंने एक शो किया था ओल्ड बालाजी के लिए 'तुम सबकी फटेगीÓ एक वेब सीरीज थी। उसमें कुछ आउटफिट्स थे जिन्हें पहन कर मैं कंफर्टेबल नहीं थी, पर उनको वैसा ही लुक चाहिए था। मैंने कोशिश तो की थी कि मैं चेंज कर दूं पर वह हो नहीं पाया था, क्योंकि वह रोल के हिसाब से वही ड्रेस चाहते थे, वो कपड़े तो बहुत सिंपल थे। शॉर्ट स्कर्ट और टॉप था पर मैं फिर भी उनमें कंफर्टेबल फील नहीं कर रही थी।

 

आप अपने ब्यूटी के फंडे क्या हैं?

मैं ब्यूटी के मामले में थोड़ी लेजी हूं, मैं अपना ज्यादा ख्याल नहीं रख पाती हूं, थोड़ा तो जेनेटिक्स है थोड़ा ऊपरवाला मेहरबान है। बाकी मैं अपने खाने का ध्यान रखती हूं, पानी बहुत ज्यादा पीती हूं, अच्छी नींद लेती हूं, सबसे पहले अच्छा सोचना जरूरी है। आप अगर दिल से साफ हो तो आपके चेहरे पर अलग झलक जाता है। मैं घर में भी थोड़े नुस्खे करती हूं, जैसे आज ही मैंने कोकोनट ऑयल हल्दी और शहद मिक्स करके अपने फेस पर लगाया। मैं घरेलू नुस्खा पर बहुत ज्यादा विश्वास करती हूं। मुझे हल्दी शहद कोकोनट ऑयल नींबू से तो बहुत ही प्यार है। मैं कॉफी कोको पाउडर बहुत यूज करती हूं।

 

आप अपना मी टाइम कैसे स्पेंड करती हैं?

अभी शूट नहीं है तो मेरा मी टाइम चल रहा है, जैसे की अभी मेरा मी टाइम आपके साथ चल रहा है, मैं कभी-कभी बुक्स पढ़ लेती हूं। मुझे बुक्स पढ़ना बहुत पसंद है। भले ही वो बुक फिक्शन हो, नॉन फिक्शन हो, बायोग्राफी हो, जिस बुक ने मेरा अटेंशन ले लिया मैं उसे पढ़ लेती हूं। मुझे एक चीज जो सबसे ज्यादा पसंद है वो है- नेटफ्लिक्स, मैं बारह-बारह घंटे कुछ खाते-खाते बीम वॉचिंग कर सकती हूं। वैसे टीवी मोबाइल सब मुझे बहुत पसंद है, जिस पर मैं अपना टाइम बिता सकती हूं, पर सबसे ज्यादा मुझे नेटफ्लिक्स पसंद है। मैं नेटफ्लिक्स पर आधे से ज्यादा शो देख चुकी हूं। मैंने बहुत सारी लैंग्वेज के शो देखें हैं। रसियन हो, ऑस्ट्रेलिया का शो हो, ब्रिटिश हो, सब मैंने देखे हैं। मैं मी टाइम में यह सारी ब्यूटी टिप्स करना, अपने आपको पांपर करना, सर पर पैक लगाना, स्क्रब करना, नेल पैंट चेंज करना, यह सारी चीजें मैं करती हूं अपने मी टाइम में।

 

आप हमारे दर्शकों को क्या मैसेज देना चाहेंगी?

हमें लोगों ने यह सिखाया है कि हम घर की चहारदिवारी में कम साधनों के साथ अच्छे से रह सकते हैं। बहुत ज्यादा की जरूरत नहीं है। वह होता है ना, भीड़ का कोई अंत ही नहीं है। नीड तो हमारी कभी खत्म ही नहीं होंगी पर जो है उस में खुश रहना यही एक सिंपल फंडा है। खुश रहने का जो है उसके साथ खुश रहो अपनों के साथ व$क्त बिताओ भगवान ने जो मूमेंट दिए हैं, उसे इंजॉय करो। अपनी अचीवमेंट के लिए काम करिए, पर आज को जीना मत भूलिए। ऑडियंस से कहना चाहूंगी कि खुश रहिए और अच्छी सोच रखिए। ठ्ठ

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