शादी के इस मौसम में वैवाहिक खर्चों में कटौती करने के स्‍मार्ट तरीके

संदीप लोढा

4th February 2021

नवंबर का मौसम, मतलब त्योहारों के साथ शादी-विवाह का भी मौसम। और बजट बिगड़ने के पूरे-पूरे आसार। लेकिन यह मत भूलिए कि यह मौसम वैश्विक महामारी का भी है, जिसमें भारी भीड़ और दिखावा रंग में भंग डाल सकते हैं। तो समय के साथ बदलिए और कम बजट में अपनी शादी को यादगार बनाने के हमारे सुझावों पर गौर फरमाइए।

शादी के इस मौसम में वैवाहिक खर्चों में कटौती करने के स्‍मार्ट तरीके

भारत में शादियां महज समारोह भर नहीं होतीं। यह दो संस्कृतियों और परम्पराओं के मिलन का अवसर होता है। दोस्त, परिवार और सगे-संबंधी इक_ा होकर इसे एक यादगार अवसर बनाते हैं। भारतीय वैवाहिक पद्धतियां प्राय: तड़क-भड़क वाली और महंगी होती हैं और यह हर किसी को अच्‍छा लगता है। यह एक ऐसा आयोजन है जो जीवन में एक ही बार होता है मगर इसमें पैसे काफी खर्च हो ​सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में विश्वव्यापी महामारी के कारण इस प्रकार के भव्य समारोह बंद हो गए थे। लेकिन शादी से जुड़े व्‍यवसायी लगातार वापसी की कोशिश में लगे रहे हैं। इसने स्वास्थ्य और स्वच्छता के उच्‍चतम मानदंडों पर ज्यादा जोर देने के साथ ही न्यू नॉर्म के अनुसार शादी के हर पहलू को समय के अनुसार बदलने का प्रयास किया है। इसके अलावा, इसने बृहत पैमाने की भारतीय शादी के लिए नए आयाम गढ़े हैं और दर्शाया है कि सही योजाना हो तो कम बजट में भी शादियां शानदार तरीके से आयोजित हो सकती हैं।

यहां भारी-भरकम खर्च के बगैर अपनी मनपसंद व्यवस्था के साथ शादी करने के कुछ आसान नुस्खे दिया जा रहे हैं-


बड़ी भीड़ से हमेशा बचें 

अतिथियों की संख्या अपने बेहद करीबी लोगों तक सीमित रखें। आयोजन के दौरान सामाजिक दूरी और स्वच्छता की प्रमुख जरूरत को देखते हुए महत्त्वपूर्ण लोगों के साथ समारोह को सार्थक बनाने के लिए बड़ी भीड़ जमा करने से बचना जरूरी है। अतिथियों की संख्या कम करने से शादी के खर्च में भारी कटौती हो जाती है।


वर्चुअल की ​ओर ​बढ़ें 

यात्राओं पर रोक लगने के कारण परिवार के अनेक सदस्य और दोस्त, जो दूर रह रहे हैं, भारत में अपने प्रियजनों की शादी में शामिल नहीं होने से दुखी होंगे। लेकिन वर्चुअल माध्यम से वे हर रस्म का हिस्सा बन सकते हैं। शादी की पूरी रस्म के दौरान अपने प्रियजनों से जुड़े रहने के लिए लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एक आसान और सस्ता साधन है। इसलिए अथितियों की संख्या सीमित रखें और बाकी लोगों को वर्चुअल माध्यम से शामिल करें। weddingz.in शादी के समारोहों और अन्य आयोजनों की लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा प्रदान करता है ताकि दुल्हा-दुल्हन के प्रिय लोग दूर से ही उनकी शादी में शामिल होकर जश्न मना सकें।


ई-आमंत्रण ज्यादा सुविधाजनक है 

अब वह समय नहीं रहा जब माता-पिता या परिवार के बड़े-बुजुर्ग कुटुंब और दोस्तों के घर जाकर शादी का आमंत्रण दिया करते थे। नए जमाने के लड़के-लड़कियां अपनी पसंद के ई-निमंत्रण बनाना पसंद करते हैं, जो उनके व्यक्तित्व को अभिव्यक्त करते हैं। इनमें रोमांचक एनीमेशन, कस्टमाइज्ड थीम, वीडियो नैरेशंस, प्रासंगिक कैरीकेचर एवं अन्य अभिनव बातें होती हैं। साथ ही, छपे हुए कार्ड की तुलना में डिजिटल निमंत्रण कम खर्चीले होते हैं और व्यक्तिपरक सन्देश के माध्यम से इन्हें डिजिटल रूप में शेयर भी किया जा सकता है।


शादी की तारीख समझदारी से तय करें 

शादी के बजट पर आपकी शादी की तारीख का बहुत गहरा असर होता है। शादी के व्यस्त समय मुहूर्त की तारीख निकालने का मतलब है कि आपको जगह के साथ-साथ अन्य सभी चीजों पर ज्यादा खर्च करना पड़ेगा, क्योंकि उस समय में वेंडरों की मांग बहुत ज्यादा रहती है। बिना मुहूर्त वाली तारीख पर शादी करने से आपको मनपसंद स्थान चुनने में आसानी होती है, क्योंकि विवाह-स्थल वाले दरों को कम रखते हैं और सहायक सेवा प्रदाता भारी छूट देते हैं।


परम्परागत पोशाक और खानदानी जेवरों का मेल 

अपनी मां या दादी की अलमारी के परम्परागत खानदानी परिधानों और जेवरों से खुद को सजायें। उन महंगी वैवाहिक पोशाकों से किनारा करें जिन्हें आप दोबारा कभी नहीं पहनेंगी। बल्कि इसके बदले कुछ परम्परागत पोशाक/साड़ी का प्रयोग करें, जिन्हें आप अपने अगली पीढ़ी को विरासत के रूप में सौंप सकते हैं। दूसरा बढ़िया विकल्प है अपनी मां की शादी की पोशाक और जेवरों को अपनी पसंद और ताजा प्रचलन के अनुसार नया रूप देकर प्रयोग करें।


छोटा विवाह-स्थल चुनें 

अगर आप अपेक्षाकृत कम अतिथियों को आमंत्रित कर रहे हैं तो किसी होटल बैंक्वेट जैसे छोटे वेन्यू लें जहां एक ही जगह सभी सुविधायें उपलब्ध हों। इससे आपका सजावट का खर्च भी काफी कम हो जाएगा। इसके अलावा, हल्दी, मेहंदी और संगीत जैसी छोटी-मोटी रस्म घर पर ही छत पर या पीछे के आंगन में आयोजित किये जा सकते हैं, इससे काफी हद तक वेन्यू के खर्च की बचत हो सकती है।

अपने देश में ही हनीमून मनाएं

भारत में खूबसूरत समुद्री तटों, बर्फ से ढके पर्वतों, पहाड़ी स्थानों और रेगिस्तानों की कमी नहीं है। विदेशों में लम्बी यात्रा के बदले कपल नजदीक की किसी सम्मोहक जगह का पता करके आरामदेह होटलों में बढ़िया समय बिता सकते हैं। इस प्रकार आप अपनी जेब ढीली किये बगैर ज्यादा दिनों तक हनीमून मना सकते हैं।


मेनू का ध्यान रखें 

महामारी के दौरान बेहतर है कि समारोह स्थल पर स्पर्श रहित सेवाओं की व्यवस्था की जाए। बुफे में प्रत्यक्ष काउंटरों की सख्या में कमी, व्यंजनों की विविधता में कमी, ठंडी आइसक्रीम के बदले पहले से तैयार और गर्म मिठाइयां आदि परोसने वालों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क को कम करने के कुछ तरीके हैं। आमंत्रण की पुष्टि प्राप्त कर लेने से अतिथियों की वास्तविक संख्या पता चल जायेगी और उसके अनुसार कैटरर को सूचित किया जा सकता है। इससे भोजन की व्यर्थ बर्बादी से बचा जा सकता है। भोजन बचाएं, धन बचाएं।

वैश्विक महामारी ने इतना तो पुनर्स्थापित कर दिया है कि शादी की भव्यता भीड़ से तय नहीं होती और बजट को बेमतलब खर्चीला करने की कोई जरूरत नहीं है। शानदार शादी व्यक्तिपरकता, आवभगत और कुशल योजना के साथ अंतरंग समारोह के माध्यम से भी की जा सकती है। सभी व्यवस्थाओं में खुशी और प्रेम की छवि बिखरने दें और हमें पक्का भरोसा है कि आपकी शादी यादगार बनेगी। साथ ही, किसी पावन अवसर पर दान करना एक शानदार विचार होता है, जैसा कि इससे खुशिया दोगुनी हो जाती हैं और आप बचे हुए पैसों को अपनी पसंद के किसी परमार्थ में लगा सकते हैं।

यह भी पढ़ें -सर्दी बीतेगी मजेदार, जब अपनाएंगी ये 7 विंटर टिप्स

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

ब्राइडल ग्लो...

ब्राइडल ग्लो के लिए जरूरी है पौष्टिक भोजन...

कुछ तुम सोचो...

कुछ तुम सोचो कुछ हम सोचें...

जानें हैंड स...

जानें हैंड सैनिटाइजर से होने वाले नुकसान,...

महीनों और मौ...

महीनों और मौसम के साथ बदलता मिज़ाज

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

रम जाइए 'कच्...

रम जाइए 'कच्छ के...

गुजरात का कच्छ इन दिनों फिर चर्चा में है और यह चर्चा...

घट-कुम्भ से ...

घट-कुम्भ से कलश...

वैसे तो 'कुम्भ पर्व' का समूचा रूपक ज्योतिष शास्त्र...

संपादक की पसंद

मां सरस्वती ...

मां सरस्वती के प्रसिद्ध...

ज्ञान की देवी के रूप में प्राय: हर भारतीय मां सरस्वती...

लोकगीतों में...

लोकगीतों में बसंत...

लोकगीतों में बसंत का अत्यधिक माहात्म्य है। एक तो बसंत...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription