बेटियों में बचपन से ही आत्मविश्वास भरना बेहद जरूरी है

मोनिका अग्रवाल

31st January 2021

आज के समय में बेटियों का पालन पोषण और उनका सही तरीके से मार्गदर्शन करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। इस बदलते दौर में बेटियों में बचपन से ही आत्मविश्वास भरना बेहद जरूरी है। ताकि जैसे-जैसे वो बड़ी होती जाए समाज में अपनी अलग पहचान के साथ छाप भी छोड़े।

बेटियों में बचपन से ही आत्मविश्वास भरना बेहद जरूरी है

बेटियों में आत्मविश्वास बेहद जरूरी है

कहते हैं कि बेटियां अपने माता-पिता के लिए बेहद ख़ास होती हैं। जितनी वो खास होती हैं उतनी ही ख़ास उनकी देखभाल भी होती है। जैसे-जैसे बेटियां बड़ी होती जाती हैं, वैसे-वैसे उनके प्रति माता-पिता की जिम्मेदारी भी बढ़ती जाती है। बात अगर पुराने जमाने की करें तो पहले घर-परिवार में बेटियों के पैदा होने पर उन्हें शगुन और साक्षात देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता था। लेकिन आज के समय में भी बेटियां अपने आत्मविश्वास से ऊंचे से ऊंचा आसमान छूने की प्रतिभा रखती हैं। आज के समय में उनका दर्जा लड़कों से कम नहीं है। ये सब कुछ उनके माता-पिता की परवरिश का  नतीजा होता है, जिससे उनका सिर गर्व से ऊपर उठता है। बहुत से माता-पिता होते हैं जो अपने बच्चों की तरक्की देखना चाहते हैं। वो चाहते हैं कि उनकी बेटी हर दिशा में आगे बढ़े, चाहे वो कोई भी काम क्यों ना हो। यदि आप के घर में भी बेटी है तो आज का ये लेख खास आपके लिए है, जिसके जरिये हम आपको बताएंगे कि कैसे आप उसकी सही तरीके से परवरिश करें जिससे वो आत्मविश्वास से भरी रहे। तो चलिए फिर शुरू करते हैं।

1. बेटी को करें प्रोत्साहित-जब बेटी बड़ी होती है, तो उसकी जरूरतें भी अल्फ होती चली जाती हैं। आप उसे जमीन से जुड़े रहना सिखाएं। अगर वो आगे बढ़ाने के लिए अपने भविष्य को लेकर कुछ चुनाव करती है तो उसे हताश ना करें। उसका साथ दें। एक बच्चे के लिए उसके माता-पिता का साथ बेहद जरूरी होता है। आप उसे प्रोत्साहित करें। ताकि उसके अंदर का आत्मविश्वास कम ना हो।

2. बेटी की करें तारीफ- आप अपनी बेटी को बताएं की वो दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की है। उसके अंदर कोई भी कमी नहीं है। उकसे अंदर ऐसी बात है जो उसे बाकियों से जुदा बनाती है। इससे बिटिया का आत्मविश्वास और भी बढ़ेगा।

3. सीखने का दें अवसर-अगर बेटी को संगीत या किसी भी तरह की एक्टिविटी में इन्ट्रेस्ट हैं लेकिन वो इन में फिट नहीं बैठते। ऐसे में अगर आप उसका साथ नहीं देंगे तो उसका मनोबल टूटता चला जाएगा। उसे सीखने का अवसर जरुर दें। उसे अपनी असल प्रतिभा धीरे-धीरे खुद समझ आएगी और वो आगे बढ़ेगी।

4. बेटी को सिखाएं समाजिकता-बेटी को समाज और उससे जुड़ी बातों के बारे में सिखाएं। उसे सिखाएं कि अगर उससे कोई दोस्ती नहीं करता तो उसका क्या कारण हो सकता है। समाज के प्रति उसके अंदर नकारात्मकता ना भरें। वरना एक समय के बाद वो समाज को नकारात्मक नजरिये से देखने लगेगी। उसे सभी पहलुओं के बारे में जरुर सिखाएं।

5. बढाएं बेटी की क्षमता-अगर आपकी बेटी अपना होमवर्क कर रही है तो यूं ही उसकी मदद ना करें। वो जब तक आपसे मदद नहीं मांगती तब तक उसकी मदद मत करें। उसे उसकी क्षमता के अनुसार काम करने दें। उसे अपने दम में हमेशा आगे बढ़ने के लिए ही प्रोत्साहित करें।

6.ना थोपें अपनी मर्जी- आज के समय में बेटियां स्पोर्ट्स को ज्यादा पसंद कर रही हैं, और उसी में अपना भविष्य भी तय कर रही हैं। अगर वो एक जिमनास्टिक बनना चाहती है या फुटबॉल खेलना चाहती है तो उसे आगे बढ़ने दें, ना की अपना फैसला या अपनी चाह उसपर थोपें। आप ये जरुर पता लगा सकते हैं, कि वो किस खेल को खेलने के लिए ज्यादा सक्षम है। आप खुद उसके लिए कोई खेल तय ना करें।

7. मत बनाइए कमजोर-आप आप एक बेटी के माता-पिता हैं तो ये बिलकुल भी ना सोचें कि वो एक बेटी होने के नाते जीवनभर संघर्ष करेगी। आप उसकी किसी ताकत या कमजोरी की धारणा बिलकुल ना बनाएं। उसकी खूबियों को प्रोत्साहित करने के साथ उसकी कमजोरियों को भी समय पर पहचानें और उसे सुधारने की कोशिश करें।

8. सेक्सिज्म के लिए करें तैयार-बहुत लोगों की सोच है कि बेटियां वो काम नहीं कर सकती जो बेटे कर सकते हैं। अगर आप अपनी बेटी को वो टीवी शो या फ़िल्में देखते हुए नोटिस करते हैं जो पूरी गर्ल्स पर आधारित होती है तो उसे समझिये और उसे सेक्सिज्म के लिए तैयार करें।

9. बेटी को दिखाएं रोल मॉडल- अक्सर ऐसा होता है जब भी आप कोई न्यूज़ देखते या पढ़ते हैं तो उसमें आपको कई महिलाएं सीनेटरी, खिलाड़ी, चिकित्सक या एथलीट दिखेंगी। ये अच्छा तरीका होता है अपनी बेटी को इन महिलाओं के बारे में दिखाना और समझाना। आप इम्नें से कोई भी अपनी बेटी के लिए रोल मॉडल चुनने में उसकी मदद कर सकते हैं।

तो ये कुछ ऐसी खास टिप्स हैं, जिनकी मदद से आप अपनी बिटिया को अच्छी परवरिश देने के साथ उसमें आत्मविश्वास भर सकते हैं। अगर आपकी भी बेटी है तो आप हमारी बताई हुई टिप्स को जरुर आजमाएं। आपको इससे बेहतर परिणाम मिलेगा।

 

 

यह भी पढ़ें-

महिलाओं में चिंता, तनाव या स्ट्रेस 

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यानि की  यूटीआई 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

शिशु के लिए ...

शिशु के लिए मालिश क्यों है जरूरी और मालिश...

9 पर्सनल हाइ...

9 पर्सनल हाइजीन की आदतें जो हर बच्चे के लिए...

क्या आपकी बच...

क्या आपकी बच्ची स्पेशल चाइल्ड है, बच्ची की...

रिवाज या लाल...

रिवाज या लालच - गृहलक्ष्मी कहानियां

पोल

आपको कैसी लिपस्टिक पसंद है

वोट करने क लिए धन्यवाद

मैट

जैल

गृहलक्ष्मी गपशप

रम जाइए 'कच्...

रम जाइए 'कच्छ के...

गुजरात का कच्छ इन दिनों फिर चर्चा में है और यह चर्चा...

घट-कुम्भ से ...

घट-कुम्भ से कलश...

वैसे तो 'कुम्भ पर्व' का समूचा रूपक ज्योतिष शास्त्र...

संपादक की पसंद

मां सरस्वती ...

मां सरस्वती के प्रसिद्ध...

ज्ञान की देवी के रूप में प्राय: हर भारतीय मां सरस्वती...

लोकगीतों में...

लोकगीतों में बसंत...

लोकगीतों में बसंत का अत्यधिक माहात्म्य है। एक तो बसंत...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription