रोगों का इलाज करें पत्तियों से

डॉ. विभा खरे

9th February 2021

आयुर्वेद का प्रकृति से गहरा नाता है। हर पेड़-पौधा अपने अंदर कुछ-न-कुछ ऐसे गुण लिए हुए है, जो हमारी सेहत से जुड़ा है। कैसे, जानें इस लेख से।

रोगों का इलाज करें पत्तियों से
प्रकृति ने विभिन्न प्रकार के पेड़-पौधों की पत्तियों में अनोखा गुण भी भर दिया है। यहां कुछ खास पत्तियों के बारे में जानकारी दी जा रही है, जिनके द्वारा कुछ रोगों का इलाज घर बैठे किया जा सकता है-

नीम की पत्तियां

नीम की पत्तियों को पीसकर फोड़े-फुंसी पर लगाने से आराम मिलता है। त्वचा रोग और खुजली में भी नीम की पत्तियां औषधि का कार्य करती हैं। इसे पानी में उबालकर नहाने से त्वचा संबंधी बीमारियां दूर हो जाती हैं।

अमरूद की पत्तियां

अमरूद की पत्तियों को पानी में उबालकर कुल्ला करने से मुंह के छाले एवं मसूढ़ों का दर्द दूर होता है और मुंह की दुर्गन्ध भी। अमरूद की पत्तियों को थोड़े से पानी में उबालकर इसकी लुगदी बनाकर फोड़े पर लगाने से फोड़़ा शीघ्र फूटकर बैठ जाता है।

चमेली की पत्तियां

मुंह के छाले यदि ठीक न हो रहे हों तो थोड़े से पत्ते चमेली के चबा लें। छालों से शीघ्र छुटकारा मिल जाएगा। बच्चों को टांसिल का दर्द होने पर चमेली के पत्तों में चुटकी भर नमक डालकर उबाल लें और इसके भाप का सेवन बच्चे को करवाएं। दिन में तीन-चार बार भाप लेने से टांसिल का दर्द ठीक हो जाता है।

आडू की पत्तियां

आडू की पत्तियां पेट के अनावश्यक कीड़ों का नाश करने की अचूक औषधि है। बड़े और बच्चे दोनों ही इसका सेवन कर सकते हैं। थोड़े से आडू के नरम पत्तों को चबाऌने से पेट के कीड़े मर जाएंगे।

मूली की पत्तियां

पीलिया के रोगी को कच्ची मूली के पत्ते अधिक से अधिक मात्रा में खाने चाहिए, इससे रोगी को आराम मिलता है।

सुदर्शन की पत्तियां

ये एक प्रकार के फूल का पौधा होता है। इसकी पत्तियां लम्बी-लम्बी होती हैं। कान के दर्द में इसकी पत्ती का रस डालने से कान दर्द ठीक हो जाता है।

सेंदुर की पत्तियां 

ये एक प्रकार के कैक्टस का पौधा है, जिसकी पत्तियां रसयुक्त होती हैं। इसकी पत्ती में काजल बनाकर छोटे बच्चों के आंख में लगाने से आंखों से गिरना पानी बंद हो जाता है।

पुदीने की पत्तियां

तुलसी और पोदीने की पांच-पांच पत्तियां अजवायन, लौंग और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर उल्टी, दांत या पेट दर्द के रोगी को खिलाने से तुरंत राहत मिलती है। पुदीने की पत्तियों को दही के साथ लेने से अपच की शिकायत भी दूर होती है।

एलोवेरा की पत्तियां

इसकी पत्तियों को छीलकर अन्दर के लसलसे पदार्थ को सिर में लगाने से सिर दर्द दूर हो जाता है। जले हुए स्थान पर इसकी पत्तियों का लेप लगाने से ठंडक पहुंचती है और फफोले भी नहीं पड़ते।

चने की पत्तियां

चने के पौधे की कच्ची पत्तियों का रस पीने से पेट साफ  रहता है।

अनार की पत्तियां

अनार की पत्तियों को जलाकर इसके भस्म में थोड़ा सा नारियल का तेल मिला दें। फिर इसे फोड़े-फुंसी पर लगाएं। तुरंत आराम मिलेगा।

हरसिंगार की पत्तियां

हरसिंगार की पत्तियों का रस प्रतिदिन सीमित मात्रा में लेने से काला ज्वर ठीक हो जाता है।

ब्राह्मी की पत्तियां

ब्राह्मी की पत्तियों का साग बनाकर भोजन के साथ लेने पर बुद्धि तीक्ष्ण होती है। ये मंदबुद्धि वालों के लिए अति उपयोगी होती है।

जामुन की पत्तियां

जामुन की नरम पत्तियों को धोकर कूट लें और इसका रस छानकर इसे बकरी के कच्चे दूध में मिला दें। दूध ऌफट जाएगा। इसके सेवन से खूनी दस्त बन्द हो जाते हैं।

यह भी पढ़ें -त्वचा की प्राकृतिक औषधि-मुल्तानी मिट्टी

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