आपके वस्त्र आपका व्यक्तित्व

शशिकांत 'सदैव'

9th February 2021

आपके कपड़े आपके बारे में सब कुछ बताते हैं। आप किस तरह का पहनावा पसंद करते हैं, किस तरह के रंगों का चयन करते हैं, किस तरह आप उन्हें धारण करते हैं? आपके कपड़ों की दशा व स्थिति (नए-पुराने, धुले व मैले) आदि आपके व आपके सामने वाले को जानने एवं समझने में मदद करते हैं। क्या कहते हैं आपके कपड़े? जानिए इस लेख से-

आपके वस्त्र  आपका व्यक्तित्व

कपड़ों का मानव जीवन में बड़ा महत्त्व है। ये कपड़े न केवल शरीर को ढंकने के काम आते हैं। बल्कि बदलते मौसम के प्रभाव से हमारी रक्षा भी करते हैं। यह हमारे व्यक्तित्त्व, व्यवसाय एवं स्तर के साथ हमारे चरित्र व्यवहार, सभ्यता, आत्मविश्वास तथा छिपे गुण-अवगुण को तो दर्शाते ही हैं साथ ही हमें परिभाषित कर अलग पहचान भी देते हैं। परंतु, दैनिक जीवन में जिस रफ्तार से फैशन व ट्रेंड बदल रहा है ऐसे में आम इंसान को उसके कपड़ों के अनुसार पहचानना मुश्किल हो गया है।

ढीले कपड़े

ढीले कपड़े पहनना जातक के शांत एवं कोमल स्वभाव को दर्शाता है। ऐसे जातक स्वयं को परिस्थिति एवं वातावरण के अनुसार सरलता से ढाल लेते हैं। जीवन को धैर्य के साथ खुली आंखों से जीना तथा अपने अनुभवों से दूसरों का मार्गदर्शन करना इन्हें अच्छा लगता है। साहित्य, कला, सौंदर्य एवं प्रकृति के प्रेमी ये जातक गहन अध्ययन एवं शोध के साथ-साथ ध्यान, चिंतन, मनन एवं मंथन में भी रुचि रखते हैं। ऐसे जातक अपनी तरह दूसरों को भी सीधा-सरल एवं सच्चा समझते हैं जिसकी वजह से इन्हें कई बार धोखे भी खाने पड़ते हैं। ऐसे जातक मिलनसार, एकांत प्रिय एवं अंतर्मुखी होते हैं।

ऊर्जा को संग्रहीत कर समय का सदुपयोग करना, इन्हें खूब आता है। समय के पाबंद, हर कार्य को नियमानुसार करने वाले यह जातक अपने जीवन को नियोजित ढंग से जीते हैं।

हंसमुख होते हुए भी यह गंभीर स्वभाव के होते हैं। करने को यह बड़ी से बड़ी गलती या गुनाह भी माफ कर देते हैं परंतु कई बार इन्हें छोटे से छोटा मजाक भी चुभ जाता है। ऐसे जातकों के जीवन का उद्देश्य पैसा या पूंजी कमाना नहीं बल्कि इज्जत, नाम व शोहरत कमाना होता है।

तंग कपड़े

अर्थात् शरीर से चिपके हुए कपड़े पहनना। ऐसे जातक चुस्त व फुर्तीले होते हैं। इनके भीतर कुछ कर गुजरने की प्रबल इच्छा होती है जिसके लिए लिए कई बार यह शार्ट कट भी अपनाते हैं। बहिर्मुखी, निडर एवं साहसी स्वभाव वाले ये जातक किसी ना किसी उधेड़ बुन में लगे रहते हैं। इनका मन-मस्तिष्क अस्थिर स्वभाव का होता है। प्रदर्शन एवं दिखावे का भाव इनमें ज्यादा होता है। हाजिर जवाब होने के साथ-साथ ये बहस में भी माहिर होते हैं। ऐसे जातक स्थित जीवन की उम्मीद तो करते हैं परंतु उसे पाने के लिए सही दिशा एवं मार्ग पर टिक नहीं पाते और ना ही स्वयं को किसी एक कार्य, स्थान या संबंध को लंबे समय तक निभा पाते हैं। स्वयं के प्रति इन्हें लगाव इतना होता है कि इनकी तारीफ करके इनसे कोई भी कार्य करवाया जा सकता है। इनके जीवन में असुरक्षा का भाव बना रहता है। ऐसे जातक मनमौजी एवं जिद्दी स्वभाव के होते हैं। भीड़-भाड़ और लोगों के बीच रहना इन्हें खूब भाता है। ऐसे जातक किसी ना किसी हीन भावना का शिकार होने के बावजूद भी अपने जीवन या शरीर की किसी एक बात पर अभिमान भी बहुत करते हैं। ऐसे जातक व्यावहारिक होने के साथ-साथ कामुक प्रवृति वाले होते हैं। इन्हें सीधा-साधा जीवन नहीं बल्कि ऐश्वर्यपूर्ण व आलीशान जीवन अपनी ओर खींचता है। पैसा कमाने में माहिर ये जातक पैसा कमाने के नए-नए ढंग खोजते रहते हैं। अपना काम निकलवाने का हुनर इन्हें खूब आता है।

ब्रॉन्डिड कपड़े

अर्थात् सदा किसी अच्छी कंपनी या ब्रॉन्ड के कपड़े पहनना। ऐसे जातक बहुत ही महत्त्वाकांक्षी होते हैं तथा जीवन में सदा ऊपर उठने की कोशिश करते हैं। जितने ये मूडी होते हैं उतने ही बिंदास भी होते हैं। इनके अंदर आत्मविश्वास की कमी होती है जिसे ये सदा बहानों में छुपाते रहते हैं। इनकी नजर सदा दूसरों पर रहती है, जिसकी वजह से इनके अंदर होड़ जलन और प्रतिद्वंदिता की भावना पैदा होने लगती है। ऐसे जातक दोस्त भी बहुत सोच समझकर सीमित संख्या में अपने स्तर एवं जरूरत अनुसार बनाना पसंद करते हैं। ऐसे जातक आर्थिक दृष्टिï से संपन्न होते हैं और यदि नहीं होते तो ऐसा दिखावा करते हैं। ऐसे जातक हर चीज का चयन बहुत सोच-समझकर करते हैं, जिसकी वजह से जीवन में उन्नति भी पाते हैं। अपने घर-परिवार, आस-पड़ोस तथा कार्यालय एवं दोस्तों के बीच इनकी सबसे अलग पहचान होती है। स्वार्थ एवं चतुराई इनके व्यक्तित्त्व में साफ झलकती है। जहां ये अपने से कमजोर एवं निम्र स्तर के लोगों से बहस या झगड़ा सरलता से कर लेते हैं वहीं यह अपने बराबरी या अपने से ऊंचे स्तर वालों के सामने जुबान नहीं खोलते। छोटी-छोटी बात पर लड़ाई-झगड़ा या मोल-भाव इन्हें पसंद नहीं होता फिर भी इन्हें कौन सी बात कब बुरी लग जाए कहना मुश्किल है।  इनके लिए इनका आत्मसम्मान बहुत मायने रखता है इसे बनाने या बचाने के लिए ये कई बार अपना अहित भी कर बैठते हैं।

हथकरघा के कपड़े

अर्थात् वह कपड़े जिसमें मशीन का कम हाथ का काम ज्यादा होता है, फिर चाहे वह उसकी सिलाई, बुनाई, या कढ़ाई हो ऐसे कपड़ों को पसंद या पहनने वाले जातक उच्च विचारों वाले, शांत, संवेदनशील, भावुक एवं प्रतिभाशाली होते हैं। इनकी बातों में अनुभव, दया एवं दर्शन साफ-साफ झलकता है। इनके भीतर का आत्मविश्वास एवं सहनशक्ति इन्हें जीवन के संघर्षों से जूझने की ताकत देता है, जिसमें यह सफल भी होते हैं। ऐसे जातक बहुत ही रचनात्मक एवं कलाप्रिय होते हैं। इन्हें परिश्रम करने का इतना शौक होता है कि अपने कार्य खुद ही करने में विश्वास रखते हैं। नजर के पारखी, दूरदर्शी यह जातक अपने से ज्यादा दूसरों के दु:ख-दर्द एवं भावनाओं को प्राथमिकता देते हैं। ऐसे जातक आम जातकों की तुलना में अधिक सभ्य एवं सुसंस्कृत होते हैं। इनका हंस-मुख एवं बातूनी स्वभाव इन्हें जनप्रिय बनाता है। समय एवं नियम के पक्के यह जातक आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। इनका जीवन कई परिवर्तनों एवं घटनाओं से परिपूर्ण होता है। ये जितने अच्छे मार्गदर्शक एवं सलाहकार होते हैं उतने ही अच्छे न्यायकर्ता भी। किसी पर आश्रित रहना इन्हें पसंद नहीं होता। सफाई पसंद ये जातक अपने स्वास्थ्य एवं लक्ष्य के प्रति भी सचेत रहते हैं। यह अपने कार्य, कर्तव्य एवं जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हैं। इन्हें सुयोग्य साथी या जीवनसाथी बड़ी मुश्किल से मिलता है। इनको इनकी मेहनत, त्याग, प्रेम एवं संयम का वह परिणाम नहीं मिलता जिसके यह हकदार होते हैं। मान-सम्मान एवं धन-प्रतिष्ठा आदि के बीच ये उचित संतुलन बनाकर रखते हैं। ऐसे जातक दोस्तों के दोस्त एवं दुश्मन के दुश्मन साबित होते हैं।

कपड़े बांधने का स्थान

आप कपड़े नाभि स्थान से कहां बांधते हैं- ऊपर या नीचे? जो महिलाएं अपनी साड़ी या सलवार आदि तथा जो पुरुष पतलून या पजामा अपनी नाभि से ऊपर बांधते हैं, वह चिंतित एवं व्याकुल स्वभाव वाले होते हैं। आम जातक की तुलना में यह भोले-भाले होते हैं। मनचाहा वातावरण, कार्य एवं साथी ना मिलने के कारण यह स्वयं को तन्हा एवं असहाय महसूस करते हैं। इन्हें कोई चीज अधूरी या कम नहीं अच्छी लगती, इनकी मांग पूर्ण की होती है। ये बहुत कम लोगों या वस्तुओं को अपनी पसंद में शामिल करते हैं। चीजों को खोने का डर मन में असुरक्षा के भाव को पैदा करने लगता है। ऐसे जातक दिखावे से ज्यादा स्वयं की संतुष्टि पर बल देते हैं तथा अपनी उम्र से अधिक प्रौढ़ एवं अनुभवी होते हैं। इसलिए यह जीवन को संजीदगी से लेते हैं। लोगों के प्रति अपनेपन का भाव रखने वाले यह जातक सहज प्रवृत्ति के होते हैं। इन्हें लंबे संघर्ष के बाद विश्राम मिलता है। अपने दु:ख से ज्यादा दूसरों का गम ज्यादा खलता है। लड़ना या ऊंची आवाज में बात करना इन्हें पसंद नहीं होता। कोई मां-बाप, या बुजर्ग एवं गुरुओं का तिरस्कार करे ये इन्हें पसंद नहीं होता। संस्कार एवं परंपराओं को मानने वाले यह जातक रूढ़िवादी विचारधारा वाले होते हैं।

नाभि से नीचे वस्त्र बांधने वाले जातक (स्त्री-पुरुष) आत्मविश्वासी एवं निडर होते हैं। इन्हें बंधन या रोक-टोक पसंद नहीं होती। नए आविष्कार, शोध या जोखिम भरे कार्य करने में इन्हें खूब आनंद आता है। इनका रहन-सहन, उठना-बैठना, व्यवहार आदि किसी को भी सरलता से अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। ऐसे जातक स्वयं भी यही चाहते हैं कि वह भीड़ से अलग दिखाई दें तथा सबकी नजर इन पर रहे। दिखावे के साथ-साथ इनमें कामुकता का भाव भी पाया जाता है। ऐसे जातक सुनते भले सबकी हों परंतु करते अपने मन की हैं, यदि यह अपनी करनी पर आ जाएं तो बड़े से बड़ा कार्य साध सकते हैं।

कपड़ों का रंग

यूं तो कोई भी जातक रोज एक रंग के कपड़े नहीं पहनता, परंतु फिर भी उसके कुछ पसंदीदा रंग होते हैं जिनको वह खासतौर पर ज्यादा प्रयोग में लाता है। कपड़ों के रंगों का चयन भी आपके व्यक्तित्त्व को दर्शाता है, जैसे-

सफेद रंग- ऐसे जातक शांत स्वभाव वाले सकारात्मक, संतुलित एवं आशावादी होते हैं। एकांत एवं साधारण जीवनशैली इन्हें पसंद होती है। ये खुले विचारों वाले एवं स्पष्टवक्ता होते हैं और अपनी पहचान बनाने में सफल भी होते हैं।

लाल रंग- इस रंग को पसंद करने वाले जातकों में गुस्सा, दृढ़ शक्ति एवं कामुकता तीनों की देखा जा सकता है। हर क्षेत्र में सफल ये जातक उत्साही एवं ऊर्जावान होते हैं। ये सदा आकर्षण का केंद्र बनना चाहते हैं। ऐसे जातक सुनते कम हैं सुनाते ज्यादा हैं, इनमें धैर्य की कमी कई बार इन्हें हानि पहुंचाती है। यह प्रेम एवं शृंगार के प्रति गहन आकर्षण रखते हैं।

पीला- ऐसे जातकों का व्यक्तित्त्व रोचक एवं प्रेरक होता है। चुनौतियों का सामना करना तथा सदा अपने कार्य में संलग्न रहना इन्हें अच्छा लगता है। आध्यात्मिक प्रवृत्ति के ये जातक सहज एवं क्रियाशील होते हैं। इनके भीतर समर्पण का भाव होता है तथा वाणी में मिठास होती है।

हल्का नीला- इस रंग को पसंद करने वाले जातक रचनात्मक, ग्रहणशील, भावुक एवं कुशल वक्ता होते हैं। ऐसे जातक जीवन के प्रति काल्पनिक एवं व्यावहारिक दोनों दृष्टिकोण रखते हैं। इनका प्रयास विश्लेषणत्मक होता है। ऐसे जातकों को शांतिपूर्ण वातावरण खूब भाता है।

नीला- ऐसे जातक योग्य, आत्मनिर्भर एवं गहरे विचारों वाले होते हैं। दूसरों की जिम्मेदारियों को भी खुद ही निभाने का शौक रखते हैं। जरूरत से ज्यादा श्रम करने की आदत इन्हें कई बार हताश कर देती है। बातों की तह तक जाना इन्हें अच्छा लगता है।

हरा- ऐसे जातक जीवन के प्रति सचेत रहते हैं तथा अपनी वाणी के प्रभाव से दूसरों को शीघ्र अपना बना लेते हैं परंतु स्वयं दूसरों पर जल्दी यकीन नहीं करते। किसी के अधीन कार्य करना इन्हें पसंद नहीं होता। स्वतंत्रता प्रिय ये जातक घुमक्कड़ प्रवृत्ति के होते हैं। परिस्थितियों एवं समस्याओं पर काबू पाना इन्हें खूब आता है।

गुलाबी- ऐसे जातक स्नेही, उदार एवं समझदार होते हैं। इनमें इच्छाशक्ति की कमी होती है तथा दिल के रिश्तों पर नियंत्रण भी कमजोर रहता है। उम्र के अनुसार इनके व्यवहार में बचपना होता है। छोटी-छोटी बातें इन्हें चुभ जाती हैं।

भूरा- ऐसे जातक एकांकी, आत्मकेंद्रित एवं स्वनियंत्रण वाले होते हैं। यह अत्यधिक तनाव के कारण अतिभार महसूस करते हैं। ऐसे जातक अच्छे मार्गदर्शक एवं आलोचक साबित होते हैं। आपको चाहिए कि कार्यों को अपनी प्राथमिकता अनुसार महत्त्व दें तथा समय नियोजन करें।

काला- यह रंग आत्म-त्याग एवं रहस्य का द्योतक है। ऐसे जातकों की इच्छाशक्ति दृढ़ होती है। ये अच्छे विचारवान एवं अनुशासित होते हैं। इनका स्वयं पर पूर्ण नियंत्रण होता है तथा यह अपनी पूरी जिम्मेदारी निभाते हैं। इनके जीवन में कई बार इनके कार्य एवं व्यक्तित्त्व पर प्रश्नचिह्न लगने की संभावना रहती है। आकस्मिक घटनाएं इनके जीवन को अच्छे व बुरे दोनों रूपों में प्रभावित करती है।

यह भी पढ़ें -दान द्वारा सुख-समृद्धि

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

फिर लौटा आयु...

फिर लौटा आयुर्वेद का जमाना

बहुत कुछ कहत...

बहुत कुछ कहता है आपकी चाय का प्याला

कैसे पहचानें...

कैसे पहचानें असली गुरु को?

होली के रंगो...

होली के रंगों की कहानी

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

चित्त की महत...

चित्त की महत्ता...

श्री गुरुदेव की कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं। अध्यात्म...

तुम अपना भाग...

तुम अपना भाग्य फिर...

एक बार ऐसा हुआ कि पोप अमेरिका गए, वहां पर उनकी कई वचनबद्घताएं...

संपादक की पसंद

शांति के क्ष...

शांति के क्षण -...

मानसिक शांति के अत्यन्त सशक्त क्षण केवल दुर्बल खालीपन...

सुख खोजने की...

सुख खोजने की कला...

एक महिला बोली : मुनिश्री! मैं बड़ी दु:खी हूं। यों तो...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription