बाइकिंग के हैं शौकीन तो इन 5 रोड ट्रिप्स को कभी न करें मिस

Priyanka Verma

10th February 2021

कई लोग कार चलाने से ज्यादा बाइक से यात्रा पसंद करते हैं। अगर आप भी बाइकिंग पसंद करते हैं तो भारत में कई ऐसे रास्ते हैं जिन पर आप बाइकिंग का मजा ले सकते हैं। अगर आप भी बाइकिंग का आनंद लेना चाहते हैं और किसी ट्रिप के बारे में प्लान कर रहे हैं तो यह आर्टिकल सिर्फ आपके लिए है।

बाइकिंग के हैं शौकीन तो इन 5 रोड ट्रिप्स को कभी न करें मिस
यहां हम आपको भारत के कुछ ऐसे बाइकिंग ट्रिप्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आपको कभी मिस नहीं करना चाहिए। इन रोड ट्रिप्स पर आप या तो अकेले जा सकते हैं या फिर अपने दोस्तों के साथ बाइकिंग का मजा ले सकते हैं।
1. भारत में सोलो बाइक ट्रिप के लिए जाएं पुष्कर-
अगर आप बाइक से सोलो ट्रिप के शौक़ीन हैं तो राजस्थान का शहर पुष्कर सबसे खूबसूरत और बेस्ट जगहों में से एक है। पुष्कर ऊंट का मेला, पवित्र और आध्यात्मिक पुष्कर झील में डुबकी और ब्रह्मा जी के मंदिर की वजह से दुनियाभर में मशहूर है। इतना ही नहीं रेत, पहाड़, जंगल और झील का अनोखा संगम है राजस्थान के शहर पुष्कर में। पुष्कर में रेत और झील से दिखाई देता सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य आपको अपनी ओर आकर्षित करता है। वहीं, पुष्कर का लजीज खाना पूरी दुनिया भर में फेमस है।
वैसे ये समय पुष्कर जाने के लिए सबसे बेहतरीन समय है क्योंकि 22 नवंबर से 'पुष्कर मेला' शुरू होने वाला है जो कि 30 नवंबर तक चलेगा। 22 से 27 नवंबर तक के शुरुआती दिनों में पशु व्यापार और प्रदर्शनी लगती है, जबकि 28 और 29 नवंबर को आप सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकते हैं। 30 नवंबर यानि मेले का अंतिम दिन पुष्कर झील में पवित्र स्नान करने का होता है। 
पुष्कर मेले में सबसे बड़ा पशु मेला लगता है, इसके साथ ही लोक संगीत और नृत्य, कैम्पिंग और हॉट एयर बैलून की सवारी, डेजर्ट सफारी और अजमेर शरीफ दरगाह की यात्रा आपकी ट्रिप और और भी रोचक बनाएगी। पुष्कर पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली से 420, मुंबई से 1000, कोलकाता से 1600 और बेंगलुरु से 1828 किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है।
2. शिमला से स्पीति वैली- 
शिमला से स्पीति वैली का सफर मोटरबाइक के तय करना बाइकर्स को हिमाचल प्रदेश के कई खूबसूरत पर्यटन स्थलों और घाटियों से लेकर जाता है। शिमला के हरे-भरे परिदृश्यों को देखना और बर्फ के पहाड़ों से होते हुए स्पीति के लिए जाना एक शानदार अनुभव देता है। इस ट्रिप के रास्तों पर पड़ने वाले झरने, नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ और सकरे रास्ते और भेड़ों के झुंड को देखना आपको आनंद देगा। अगर आप इस ट्रिप पर जाने का प्लान बना रहें हैं तो सावधानी के साथ बाइकिंग करें क्योंकि इस रोड पर अचानक पड़ने वाले मोड़ आपको मुश्किल में डाल सकते हैं।
लाहौल और स्पीति के उत्साही लोगों के लिए स्वर्ग के समान है क्योंकि यह दुनिया में सबसे अच्छे ट्रेक और स्की क्षेत्र हैं। यहां पर्यटक स्कीइंग, ट्रेकिंग और रिवर-राफ्टिंग का भरपूर मजा ले सकते हैं। यहां के कुछ लोकप्रिय ट्रेकिंग मार्गों में सूरज ताल, पिन वैली नेशनल पार्क, कुंजुम दर्रा, काई मठ, चंद्रताल झील, दर्शनीय स्थल, धनकर झील, त्रिलोकीनाथ मंदिर, माउंटेन बाइकिंग, शशूर मठ, किब्बर, बारलाचा ला, टैबो मठ, कीलोंग और गंधोला मठ घूमने लायक जगह हैं।
हिमाचल राज्य परिवहन ग्रीष्मकाल में दोनों मार्गों से बसें चलाता है। चंडीगढ़, शिमला, कुल्लू, मनाली और उत्तर भारत के कुछ स्थानों से यहाँ के लिए सीधी बसें उपलब्ध हैं। अगर आप खुद गाड़ी चला रहें हैं तो हमारी सलाह है कि आप एसयूवी लें और हैचबैक कारों से स्पीति वैली जाने से बचें।
3. दिल्ली से लेह-लद्दाख-  
दिल्ली से लेह-लद्दाख तक बाइकिंग करना भारत के सबसे पोपुलर ट्रिप्स में से एक है लेकिन ये रोड मार्ग बेहद खतरनाक और चुनौतियों से भरा है। दिल्ली से लेह के बीच बाइक से यात्रा करने में लगभग 15 दिन लगते हैं। इस रस्ते में बाइकिंग करना और आसपास के खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों को देखना हर किसी का मन मोह लेता है। यहां के पांगोंग झील के प्रतिबिंब का दृश्य बहुत लोकप्रिय है। लेह-लद्दाख में देखने, घूमने और करने के लिए बहुत कुछ है।
वहीं, लेह-लद्दाख में रीवर राफ्टिंग, ट्रेकिंग, जीप सफारी, माउंटेन बाइकिंग, त्सो मोरीरी, त्सो कर, खारदुंग ला दर्रा, हेमिस मठ, थिकी मठ, बरदान मठ, जांगला मठ, शांति स्तूप, लाचुंग ला पास और सबसे ज़्यादा फेमस जोजिला दर्रा है। इसके अलावा आप लेह-लद्दाख में चादर ट्रेकिंग कर सकते हैं, लद्दाख महल देख सकते हैं और बेहतरीन शॉपिंग भी कर सकते हैं।
गर्मियों का मौसम लेह और लद्दाख की यात्रा के लिए सबसे अच्छा समय है। दिल्ली से लेह 961, मुंबई से से लेह 2368 और बेंगलोर से लेह 3123 किलोमीटर है। वैसे ज़्यादातर लोग दिल्ली से लेह तक की यात्रा सड़क मार्ग के द्वारा बाइक से करना पसंद करते हैं जो कि बहुत ही रोमांचक होती है।
4. मुंबई से गोवा-
गोवा एक ऐसा राज्य, जिसका नाम सुनते ही याद आता है, दूर तक फैला समुद्र का किनारा, उन्मुक्त जीवन-शैली, थिरकते कदम और काजू से बनी लाजवाब फेनी लेकिन गोवा सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है यहां कई ऐसे बेहतरीन रिसॉर्ट्स हैं, जहां लोग शांति की तलाश में आते हैं। अगर आप अपनी कार से गोवा जा रहे हैं तो 12 घंटे का ये सफर आपको कभी थकने नहीं देगा।  
वहीं, गोवा में घूमने की भी कई जगहें हैं जैसे पणजी, वास्को दा गामा, मारगांव, मापुसा, पोंडा, ओल्ड गोवा, छापोरा, वेगाटोर, बेनॉलिम और दूधसागर झरना जो अपने आप में ही बहुत खूबसूरत है। इसके अलावा गोवा के सांस्कृतिक स्थल, संग्रहालय और पुरा महत्व का संग्रह आदि लोगों के बीच काफी प्रचलित हैं। गोवा का अगुडा किला भी प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक माना जाता है।
गोवा जाने का सबसे बेहतरीन समय अक्टूबर से मार्च महीने तक का होता है। गोवा मुंबई से करीब 586 किलोमीटर दूर है। बंगलोर से 560 किलोमीटर दूर और दिल्ली से गोवा 1976 किलोमीटर दूर है।
5. बेंगलुरू से कन्नूर-
अगर आप सच में बाइक से ग्रुप में या फिर सोलो ट्रिप करने के शौक़ीन हैं और बेंगलुरु के पास रहते हैं तो आपको बेंगलुरू से कन्नूर रोड ट्रिप पर जरुर जाना चाहिए। बेंगलुरू के शहरी इलाके से प्राकृतिक के गोद में बसे केरल के कन्नूर का सफर आपको एक यादगार अनुभव देगा। कन्‍नूर के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में सुंदरेश्‍वरा मंदिर, कोट्टियूर शिव मंदिर, ओरफाझहास्‍सी कावु मंदिर, श्री माविलयक्‍कावु मंदिर, श्री राघवपुरम मंदिर, श्री सुब्र‍हामण्‍यम स्‍वामी मंदिर और किझाक्‍केकारा श्री कृष्‍णा मंदिर हैं।
कन्‍नूर क्षेत्र के सबसे प्रसिद्ध तटों में से पय्यमबालम तट, मीनकुन्‍नू तट, किझुन्‍ना इझारा तट और मुझुप्‍पीलंगढ तट प्रमुख हैं। कन्नूर जायके, भोजन प्रेमियों के लिए स्‍वर्ग समान है। थलास्‍सेरी दम बिरयानी, यहां का सबसे लाजबाव व्‍यंजन है। वैसे जवान पर चटकारे दिलाने वाली और भी डिश यहां हैं जो क्षेत्र के जायकों को खुद में समेटती हैं जैसे अरी उंडा, नेय्पैथरी, उन्‍नक्‍काया, पझहम निराचहाथु, एलायादा, कालाथप्‍पम और किन्‍नाथाप्‍पम।
तटीय बेल्‍ट की निकटता के कारण कन्‍नूर का मौसम साल भर सुखद जलवायु प्रदान करता है। आप बाइक बाइक से साल के किसी भी दौर में यहां की सैर कर सकते हैं। बेंगलुरू से कन्नूर की दूरी 570 किलोमीटर है और यहां पहुंचने में करीब 11 घंटे लगते हैं। 
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