मनी कंट्रोल: बचत और खर्च के बीच तालमेल कैसे बनाएं

चयनिका निगम

20th February 2021

बचत और खर्च में तालमेल बिठाना हर परिवार के लिए एक बड़ी परेशानी होती है। जिसे थोड़ी सी समझदारी से ट्रेक पर लाया जा स्साकता है।

मनी कंट्रोल: बचत और खर्च के बीच तालमेल कैसे बनाएं

बचत करना जरूरी है लेकिन खर्च भी बहुत जरूरी है। तो बात ये है कि बचत और खर्च में तालमेल कैसे बिठाया जाए। कैसे पैसों का मैनेजमेंट किया जाए कि खर्च भी कर लें और बचत भी पूरी भरपूर हो। कुल मिलकर मामला सिर्फ इतना है कि खर्च और बचत में तालमेल कैसे बिठाया जाए। हर गृहलक्ष्मी के लिए ये एक बड़ा सवाल है? कैसे घर चलाया जाए कि बचत ही हो और खर्चों पर लगाम कसने की जरूरत ही न पड़े। ये तालमेल पहले-पहल कठिन लगता है लेकिन इसको बनाकर रखना असंभव बिलकुल नहीं हैं। कुछ खास नियम कायदे आपको इस तालमेल को बैठाने में खूब मदद कर सकते हैं। इन नियमों के साथ आपका घर बजट के हिसाब से परफेक्ट चलेगा। न खर्चे ज्यादा होंगे और ना ही बचत कम पड़ेगी। कौन से हैं ये नियम जान लीजिए-

बजट है टॉप पर-

बचत और खर्च के बीच तालमेल करने के लिए सबसे पहले बजट पर ध्यान देने की जरूरत होती है। इसके लिए आपको बजट का फ्रेमवर्क पहले दिन से ही तैयार करना होगा। आपको महीने के शुरू में दिल में बैठा लेना होगा कि इस फ्रेमवर्क के हिसाब से ही आपको आगे बढ़ना है। इस तरह से पैसों क खर्चना और बचाना, दोनों ही फायदेमंद रहेगा। दरअसल जब पहले से ही बचत और खर्च का निर्धारण कर लिया जाता है। फिर इस पर बने रहें तो खर्चा कभी भी एक्सट्रा नहीं होगा। खर्चों और बचत के बीच संतुलन बना रहेगा, जिसका फायदा आपको ही मिलेगा। 

इमर्जेंसी फंड, जरूरत का साथी-

इमर्जेंसी फंड बिलकुल बैकअप प्लान की तरह है। जब-जब आप दिक्कत में होती हैं, तब-तब यही बैकअप प्लान काम आता है। पैसों का इमर्जेंसी फंड भी यही काम करता है, इसके साथ आप कभी भी आउट ऑफ मनी वाली स्थिति में नहीं आएंगी। बल्कि पैसों की एक बड़ी बचत हमेशा आपके पास होगी। इसके साथ अगर कभी भी आपकी बचत या खर्च कुछ ऊपर नीचे हो जाए तब आप इन फंड के साथ बचत और खर्च में बैलेंस कर सकेंगी। या फंड तब भी खूब काम आएगा, जब कोई खर्चा अचानक से सामने खड़ा हो जाए। इस्स वक्त ही इस फंड से पैसे निकाल कर सब मैनेज किया जा सकेगा। 

बचत के साथ निवेश भी-

सिर्फ बचत करके काम बिलकुल नहीं चलेगा। बल्कि आपको बचत को निवेश भी करना होगा। सिर्फ बचत करने का कोई फायदा बिलकुल नहीं होगा। बल्कि आपको इस बचत को सही जगह निवेश भी करना होगा। आपको ऐसी जगह निवेश करना होगा, जहां आपका धन लंबे समय के लिए रहे और बड़े रिटर्न भी दे। इससे आपको खर्चे कंट्रोल रहेंगे क्योंकि आपको निवेश के लिए पैसे चाहिए होंगे। फिर किसी महीने अगर खर्चे बढ़ भी जाएं तो ये बचत आपको खाली बिलकुल नहीं होने देगी। निवेश भी लंबी अवधि का करने के लिए इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इस तरह से निवेश के परिणाम अच्छे और बड़े आते हैं। 

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल हो कम-

आजकल हर शख्स किसी न किसी तरह से प्लास्टिक मनी का इस्तेमाल करते ही हैं। लेकिन प्लास्टिक मनी में भी अगर आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर रही हैं तो बचत को बचा कर रख पाना कठिन हो जाएगा। दरअसल क्रेडिट कार्ड बैंक से लिया गया उधार है। ये उधार कब आपकी परेशानियों को बढ़ा देगा, आपको पता ही नहीं चलेगा। हो सकता है आपको किसी महीने हर महीने की जाने वाली बचत से भी पैसे निकालने पड़ जाएं। इसलिए अब क्रेडिट कार्ड से पैसे खर्च करने की बजाए डेबिट कार्ड से पैसे खर्चे। कम से कम ये आपका पैसा होगा और आप इन्हें मासिक खर्चे से काट ही पाएंगे।  

आदतों को बदलें-

बचत और खर्च में संतुलन बनाने के लिए आपको अपनी आदतों में सुधार करने होंगे। आपको समझना होगा कि बचत और खर्चों में की गईं गलतियां आपको वित्तीयतौर पर मजबूत नहीं होने देंगी। इसलिए सबसे पहले अपनी आदतों को समझिए और परखिए, जान लीजिए कि कहीं इनमें कोई कमी तो नहीं है। अगर कमी है तो हर काम करने से पहले इन कमियों को सुधारिए। समझ लीजिए कि इन कमियों को सुधारे बिना काम नहीं बनेगा। आपको इन्हें पहचान कर सुधारना ही होगा। तब कहीं जाकर बचत और खर्च का तालमेल सही बैठेगा। 

क्या-क्या करना होगा-

आदतें सुधारने की प्रक्रिया में आपको क्या-क्या करना होगा? इसका जवाब जान लीजिए। जान लीजिए कि किन-किन मदों में खर्चे कम करने होंगे। इसके लिए आपको मनोरंजन, किचन, घर की देखभाल और अपने व्यक्तिगत खर्चों में सुधार करने होंगे। देखिए कहां-कहां आप फालतू खर्चे कर देते हैं। इन सब पर लगाम कसने के बाद ही आपके खर्च और बचत में बैलेंस कर पाएंगी। 

कमाओ, बचाओ और...-

बचाने की जद्दोजहद में आपको एक नियम हमेशा याद रखना होगा। आपको एक खास नियम के हिसाब से आगे बढ़ना होगा। आपको कमाना है, बचाना है और फिर खर्च करना है। इस नियम में जरा भी फेरबदल आपको अपने रास्ते से भटका देगा। इसलिए इस नियम को जरूर याद कर लीजिए। इसको बिलकुल इसी तरह जिंदगी में शामिल कर लीजिए। कुछ ही दिनों में आपको इसके फायदे दिखने लगेंगे। 

 

ये भी पढ़ें-

आपके वस्त्र आपका व्यक्तित्व -

 

कमेंट करें

blog comments powered by Disqus

संबंधित आलेख

बच्चों का भव...

बच्चों का भविष्य रहेगा 'सिक्योर', ऐसे करें...

कैसे करें अप...

कैसे करें अपने पैसे का प्रबंधन

लॉकडाउन में ...

लॉकडाउन में सैलेरी आएगी कम, अपनाएं बचत का...

कमाओ, बचाओ फ...

कमाओ, बचाओ फिर खर्चो...याद रखो

पोल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत किस देश से हुई थी ?

वोट करने क लिए धन्यवाद

इंग्लैण्ड

जर्मनी

गृहलक्ष्मी गपशप

घर पर वाइट ह...

घर पर वाइट हैड्स...

वाइट हैड्स से छुटकारा पाने के लिए 7 टिप्स

बच्चे पर मात...

बच्चे पर माता-पिता...

आपकी यह कुछ आदतें बच्चों में भी आ सकती हैं

संपादक की पसंद

तोहफा - गृहल...

तोहफा - गृहलक्ष्मी...

'डार्लिंग, शुरुआत तुम करो, पता तो चले कि तुमने मुझसे...

समझौता - गृह...

समझौता - गृहलक्ष्मी...

लेकिन मौत के सिकंजे में उसका एकलौता बेटा आ गया था और...

सदस्यता लें

Magazine-Subscription