जानें हैंड सैनिटाइजर से होने वाले नुकसान, कैसे करें इसका सही चुनाव

ज्योति सोही

23rd February 2021

हैंड सैनिटाइजर का ज्यादा इस्तेमाल करना बड़ी परेशानी का कारण भी बन सकता है क्योंकि यह उन बैक्टीरिया को भी मार देता है, जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। ऐसे में जितना संभव हो साबुन का इस्तेमाल करना उचित है।

जानें हैंड सैनिटाइजर से होने वाले नुकसान, कैसे करें इसका सही चुनाव

सैनिटाइजर का प्रयोग रोजमर्रा की आदतों में शुमार होता जा रहा है। बड़े पैमाने पर लोग हाथों को साफ करने के लिए सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल करते समय इसके नकारात्मक पहलू का भी ध्यान रखना जरूरी है। इसका अधिक इस्तेमाल आपके लिए घातक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कैसे। 

शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को करता है खत्म

सैनिटाइजर बैक्टीरिया को मारने के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहा है और यही वजह है कि यह हमें कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने से भी हमारी रक्षा करता है, लेकिन इसका एक अन्य पक्ष भी है। सैनिटाइजर शरीर में मौजूद बैक्टीरिया को कई तरह से प्रभावित कर सकता है, जो हमारे लिए खतरनाक भी साबित हो सकता है। दरअसल, सैनिटाइजर उन बैक्टीरिया को भी मार देता है जो हमारे शरीर के लिए लाभदायक होते हैं। इसका एक मात्र समाधान यह है कि सैनिटाइजर का प्रयोग सिर्फ तब किया जाए जब आपके लिए साबुन और पानी से हाथ धोना संभव न हो।

हाथों को करता है ड्राई

अगर आप रोजाना हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं तो आपने शायद गौर किया हो कि आपके हाथ पहले से कहीं अधिक ड्राई हो गए हैं। सैनिटाइजर में मौजूद अल्कोहल स्किन को काफी ड्राई कर सकता है, लेकिन इसका समाधान हैंड मॉइस्चराइजर है। इससे आपके हाथ हाइड्रेटेड रहेंगे। इसके अलावा सीधे साबुन और पानी से हाथ धोने की ही कोशिश करें।

अल्कोहल पोइजनिंग का बढ़ता है खतरा

अगर हैंड सैनिटाइजर गलती से मुंह के अंदर चला जाए तो यह परेशानी का कारण बन सकता है। इस मामले में सबसे ज्यादा खतरा बच्चों को होता है। सेंटेड हैंड सैनिटाइजर बच्चों को आकर्षित तो करते हैं और अट्रैक्टिव पैकेज, ब्राइट कलर होने के कारण बच्चे इसके पास जाते हैं। इसके अलावा बाजार में बच्चों के मन को लुभाने के लिए अलग-अलग शेपस में भी हैंड सैनिटाइजर की पैकेजिंग होने लगी है। जो बच्चों को अपनी ओर आकर्षित भी कर रहे हैं। इसलिए इन्हें बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

त्वचा को नुकसान

हैंड सैनिटाइजर में ट्राइक्लोसान नाम एक केमिकल होता है, जिसे हाथ की स्किन सोख लेती है। इसके ज्यादा इस्तेमाल से यह केमिकल आपकी त्वचा से होते हुए आपके स्क्त में मिल जाता हैं। रक्त में मिलने के बाद यह आपकी मांसपेशियों के ऑर्डिनेशन को नुकसान पहुंचाता है।

जलन और खुजली की समस्या

हैंड सैनिटाइजर में विषैले तत्व और बेंजाल्कोनियम क्लोराइड होता है। जो कीटाणुओं और बैक्टीरिया को हाथों से बाहर निकाल देता है, लेकिन यह हमारी त्वचा के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इससे त्वचा में जलन और खुजली जैसी समस्याएं पनप सकती हैं। जो आगे चलकर किसी बड़ी परेशानी का भी कारण बन सकता है।

प्रजनन तंत्र को नुकसान

सैनिटाइजर में खुशबू के लिए फैथलेट्स नामक रसायन का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मात्रा जिन सैनिटाइजर में अधिक पाई जाती है, वे हमारे लिए हानिकारक होते हैं। इस तरह के अत्यधिक खुशबू वाले सैनिटाइजर लीवर, किडनी, फेफड़े तथा प्रजनन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं।

पाचन पर बुरा असर

हैंड सैनिटाजइजर्स को अच्छी सुंगध देने के लिए जिन रसायनों का उपयोग किया जाता है, उनमें फैथलेट्स भी शामिल है। यह एक ऐसा रसायन है, जिसके अधिक उपयोग का लिवर और किडनी पर नकारात्मक असर देखने को मिलता है। इस कारण उन लोगों को अधिक दिक्कत होती है, जिन्हें पहले से ही पेट या पाचन से जुड़ी बीमारियां हों। 

बच्चों के लिए असुरक्षित हैंडसैनिटाइज का बहुत अधिक उपयोग बच्चों की सेहत के लिए भी ठीक नहीं है। बच्चे व्यवहार से सिर्फ चिड़चिड़े और बीमार हो जाते हैं। इसलिए बच्चों को भी साबुन से हाथ धुलवाना ही सही है। जहां तक हो सके उन्हें सैनीटाइजर से दूर रखना चाहिए।

चिकनाई नहीं हटा पाता

अगर हाथ में किसी प्रकार की चिकनाई है तो हैंड सैनिटाइजर का प्रभाव कीटाणुओं पर नहीं पड़ता क्योंकि  हैंड सैनिटाइजर केवल ऊपरी सतह तक सीमित रह जाता है और कीटाणु भीतरी सतह में चिपके रह जाते हैं।

बार-बार हाथों को सैनिटाइज करने से बचें

अगर आपने हाथों को कुछ देर पहले ही सैनिटाइज किया है तो आपको दोबारा सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं है। इसकी जगह आप अपने हाथों को साबुन से धो सकते हैं, अपने चेहरे पर लगाना अवॉइड करें। ज्यादा सैनिटाइजर का इस्तेमाल आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया परेशान है। हाथ धोना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना अब बहुत जरूरी हो गया है। इसमें कोई दोराय नहीं कि जितना असरदार हाथ धोना हो सकता है उतना असरदार कभी भी हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं हो सकता है। हालांकि ये इन्फेक्शन से बचाने में असरदार है, लेकिन हैंड सैनिटाइजर के कुछ अन्य नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे-

1. अल्कोहॉल बेस्ड सैनिटाइजर अगर गलती से भी फूड पाइप में चला जाए तो ये एल्कोहॉल पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। इसीलिए इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाता है।

2. अल्कोहॉल बेस्ट सैनिटाइजर की वजह से स्किन ड्राई और रफ भी हो सकती है। बार-बार इसका इस्तेमाल स्किन के लिए अच्छा नहीं है।

3. आग लगने का खतरा भी रहता है। जी हां, सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर तुरंत आग के पास जाने से मना किया जाता है। क्योंकि इसके कंटेंट में एल्कोहॉल होता है, जिससे आग लगने का खतरा हो सकता है।

4. ज्यादा सैनिटाइजर इस्तेमाल करने से गुड बैक्टीरिया भी हाथों से खत्म हो सकता है।


सैनिटाइजर का कैसे करें इस्तेमाल

जब भी हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें तो उसे पहले एक हाथ की हथेली पर लें और फिर दोनों हाथों से रगड़कर उसे पूरे हाथ में फैलाएं, जब तक कि हाथ सूखे महसूस न होने लगें। सैनिटाइजर का पर्याप्त मात्रा में इस्तेमाल करने के साथ ही तब तक हाथ रगड़ना चाहिए जब तक कि सैनिटाइजर का गीलापन खत्म न हो जाए। सीडीसी के मुताबिक सैनिटाइजर्स को कीटाणु और बैक्टिरिया को मारने में 30 सेकंड का वक्त लगता है।

सही सैनिटाइजर का इस्तेमाल

अगर साबुन और पानी उपलब्ध नहीं है तो सही हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर हाथ साफ किए जा सकते हैं। इसके लिए हैंड सैनिटाइजर में कम से कम 60 फीसदी अल्कोहल की मात्रा होनी चाहिए। ऐसा सैनिटाइजर बीमार होने से रोकने और कीटाणुओं को फैलने से रोकने में कारगर होता है। अल्कोहलयुक्त सैनिटाइजर किसी परिस्थिति में तेजी से हाथों में माइक्रोब्स की संख्या कम कर देता है, लेकिन सैनिटाइजर सभी तरह के कीटाणुओं का सफाया नहीं करता है। जिन सैनिटाइजर में अल्कोहल कॉन्सेन्ट्रेशन 60-95 प्रतिशत है वे कीटाणुओं को मारने में ज्यादा प्रभावी होते हैं।

अच्छे हैंडसैनिटाइजर में होती हैं ये खूबियां

  • कोरोना से बचाव के लिए एक अच्छे और प्रभावी हैंडसैनिटाइजर में 70 से 80 प्रतिशत एल्कोहॉल होना चाहिए। साथ ही ऐसे कैमिकल्स इसमें नहीं होने चाहिए जो आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाए।
  • वायरस का खतरा खत्म करने के साथ ही त्वचा को मुलायम और स्वस्थ रखने की खूबी भी हैंडसैनिटाइजर में जरूर होनी चाहिए। ताकि रुखापन आपकी हथेलियों और क्यूटिकल्स को नुकसान ना पहुंचाए। 
  • बार-बार इस्तेमाल होने वाले हैंड सेनीटाइजर और हैंड वाश को अब आप घर पर भी सीमित चीजों के साथ तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं। घर पर हैंड सैनिटाइजर कैसे बनाएं-

 

एलोवेरा होममेड हैंड सैनिटाइजर

एक धोया और सुखाया हुआ साफ बर्तन लें। अब बर्तन में द कप एलोवेरा जेल और द चम्मच विटामिन-ई ऑयल डालें। इस मिश्रण में क्लोव एसेंशियल ऑयल की दो बूँद और लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की दो बूंद डालें। इसे मिक्स होने के लिए कुछ मिनट छोड़ दें। इसके बाद, इसमें एक से दो बड़े चम्मच डिस्टिल्ड वॉटर डालें। आपका होममेड हैंड सैनिटाइटर तैयार है। इसे एक साफ एयरटाइट कंटेनर में ठंडी और सूखी जगह स्टोर करें। आपका खुद का बनाया हुआ सैनिटाइटर जेल तैयार है।

रबिंग अल्कोहल होममेड हैंड सैनिटाइजर

एक स्प्रे बोतल या एयरटाइट कंटेनर जिसमें स्प्रे नोजल हो, उसमें रबिंग अल्कोहल के चार बड़े चम्मच डालें। सुनिश्चित करें कि यह साफ और सूखा हो। अब इसमें विटामिन-ई ऑयल का एक चम्मच डालें। फिर आप प्रत्येक एसेंशियल ऑयल की दो बूंद इसमें मिला सकती हैं। आप इसे हल्के से मिलाने के लिए हैंड ब्लेंडर का उपयोग कर सकती हैं, ताकि सब सामग्री अच्छी तरह से मिल जाए। फिर आप इस सैनिटाइजर का उपयोग कर सकती हैं, सुनिश्चित करें कि आप इसे एक ठंडी, सूखी जगह पर स्टोर करें।

घर पर बचे हुए साबुनों से बनाएं हैंड वॉश

विधि : अगर आप पहले बार हैंड वॉश बना रही हैं तो आपको सबसे पहले साबुन के छोटे-छोटे टुकड़ों को इकट्ठा करना चाहिए। इसके बाद उन्हें कद्दूकस करना चाहिए आप चाहें तो उसे ग्राइंडर में महीन पीस सकती हैं। साबुन के पाउडर में पानी मिला कर उसे एक बार फिर से ग्राइंडर में पीस लें। ध्यान रखें। पानी की मात्रा इतनी होनी चाहिए कि हैंड वॉश ज्यादा पतला या गाढ़ा न हो। इसके बाद इसमें डिटॉल और नीबू का रस डाल कर इसमें अच्छे से मिलाएं और फिर इस मिश्रण को एक ऐसी बॉटल में भरें जिसे दबाने पर यह मिश्रण थोड़ी सी मात्रा में बाहर निकल सके।  

अगर आप इसमें सुगंध चाहती हैं तो अपनी पसंद के किसी भी एरोमा ऑयल को भी इसमें मिक्स कर सकती हैं। अगर आपको लगता हैं कि आपका हैंड वॉश आपके हाथों को ज्यादा ड्राई न करें इसके लिए आपको या तो ग्लिसरीनयुक्त साबुन का पाउडर बनाना चाहिए या फिर हैंड वॉश में ही थोड़ी सी ग्लिसरीन मिला देनी चाहिए। इन सभी के साथ आपको सबसे आखिर में हैंड वॉश में सैनिटाइजर मिलाना चाहिए। 

यह भी पढ़ें -त्वचा की प्राकृतिक औषधि-मुल्तानी मिट्टी

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