ब्रेन पावर कैसे बढ़ाएं

मीना भण्डारी

23rd February 2021

हमारा बे्रन जितना तंदरुस्त, ऊर्जावान रहेगा उतने ही परीक्षा में परिणाम भी बेहतर प्राप्त होंगे। ब्रेन को कैसे तंदरुस्त रखें, कैसे बढ़ाएं ब्रेन पॉवर? आइए जानते हैं लेख से।

ब्रेन पावर कैसे बढ़ाएं

सारा खेल दिमाग का है विशेष तौर पर परीक्षाओं के समय यदि दिमाग दुरुस्त तो समझो सब ठीक है। परंतु परीक्षा के समय डर के कारण तो अच्छे-अच्छों के दिमाग को जंग लग जाती है और सब कुछ जानते हुए भी गलतियां हो जाती हैं। इसलिए जरूरी है कि हम अपने ब्रेन की पावर बढ़ाएं ताकि सही समय पर इसका सही व बेहतर उपयोग हो सके।

अगर आप अपने दिमाग की ताकत बढ़ाना चाहते हैं तो निम्नलिखित टिप्स आजमाएं-

गहरी सांस- गहरी सांस लेंगे तो फेफड़ों तक ज्यादा ऑक्सीजन जाएगी, खून में 

ज्यादा ऑक्सीजन जाने से वह दिमाग तक पहुंचेगी। नाक से सांस लेने पर आपको पता चलेगा कि सांस कितनी गहराई तक, फेफड़ों में पहुंच रही है। कई गहरी सांसें लेने से आप रिलैक्स महसूस करेंगे, स्पष्टï सोच के लिए यह बहुत अहमियत रखता है।

ध्यान लगाएं- मेडिटेशन के लिए अपनी आंखें बंद करें व गहरी सांस लेते हुए उस पर ध्यान लगाएं। मांसपेशियों को तानने के बाद ढीला छोड़ें। जब भी मन भटके तो उसे फिर से सांस पर केंद्रित कर दें। इस तरह पांच-दस मिनट करने से ही आपको आराम आ जाएगा, मन शांत होगा और आप मानसिक कार्य के लिए तैयार हो जाएंगे।

सीधा बैठें- पोस्चर से आपके सोचने की प्रक्रिया में फर्क पड़ता है। मेंटल मैथ करते समय शरीर को ढीले तरीके से छोड़ दें व अपना मुंह खुला रहने दें। इसके बाद थोड़ा तन कर मुस्तैदी से बैठ जाएं और काम में पूरा ध्यान दें। आपको स्पष्टï हो जाएगा कि बाद वाले पोस्चर में काम करना ज्यादा आसान था।

अच्छी सोच की आदत- किसी समस्या को सुलझाने की तकनीक का कई सप्ताह तक अभ्यास करें और यह आपकी आदत बन जाएगी। आप थोड़ी सी मेहनत से अच्छी सोच की कई आदतें अपना सकते हैं। आदत की ताकत का इस्तेमाल करना सीखें।

बेकार समय का सदुपयोग करें

जो समय बरबाद होता हो, उसे सही तरीके से इस्तेमाल करें। ड्राइव करते समय, कहीं इंतजार करते समय,  टहलते समय आप टेप कर किताबें या दूसरे ऑडियो सुन सकते हैं। कोई भाषा सीखें

कोई नई भाषा सीखना भी काफी कारगर हो सकता है इससे आपका दिमाग नए विचार सीखता है और नए नजरिए भी अपनाता है। यह एक अच्छी दिमागी कसरत है।

श्रेष्ठ व्यायाम 

एकाग्रता और स्पष्टï सोच काफी कारगर होती हैं। अपने व्यस्त मस्तिष्क को शांत करना सीखें। जो मुद्ïदे उलझाएं, उन्हें सुलझाने की कोशिश करें। फोन कर लें, कामों की सूची बना लें। इस तरह आपकी सोच पहले से शांत व मजबूत हो जाएगी।

कुछ लिखें

लिखना आपके दिमाग के लिए बहुत अच्छा हो सकता है। इस तरह आपकी मेमोरी को पता चलता है कि कौन सी बात ज्यादा खास है, इस तरह भविष्य में बातें याद रखना आसान हो जाता है। इससे आपकी सोच निखरती है। इससे आपकी रचनात्मक और विश्लेषण क्षमता बढ़ती है। डायरी, आइडिया जर्नल, कविता लेखन व कहानी लेखन जैसे तरीकों से दिमागी ताकत बढ़ाई जा सकती है।

अपनी सहज बुद्धि विकसित करें

यह दिमागी ताकत का अहम हिस्सा होती है। आइंस्टीन जैसे और बहुत से लोग इस पर भरोसा रखते थे। 

पूरी नींद लें

आपकी नींद में मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। दोपहर की झपकी भी दिमाग तरोताजा करती है।

चीनी की मात्रा घटाएं

कोई भी सामान्य कार्बोहाइड्रेट आपके दिमाग को सुस्त बना देता है, जिससे अच्छी तरह सोचने में मुश्किल होती है। कोई भी अहम दिमागी काम करने से पहली चीनी, पास्ता, सफेद ब्रेड या आलू के चिप्स का सेवन न करें।

स्पीड रीडिंग

जब आप तेजी से पढ़ते हैं तो सीखने की क्षमता बढ़ती है। आप कम समय में काफी सीख पाते हैं और दिमागी कसरत भी हो जाती है।

व्यायाम

लंबे समय तक कसरत करना भी फायदेमंद हो सकता है। शरीर को सकारात्मक लाभ देने वाली वस्तु से दिमाग को भी फायदा होगा। अध्ययन से पता चला है कि एरोबिक व्यायाम केदस मिनट बाद ही व्यवहारगत लक्षणों में सुधार होता है। यदि दिमाग को रिचार्ज करना हो तो सीढ़ियां चढ़ने-उतरने का व्यायाम भी बुरा नहीं है।

काल्पनिक मित्र

अपने मन में बसे पात्रों से बातचीत करके व सलाह लेकर, अवचेतन मस्तिष्क तक सारी जानकारी पहुंचा सकते हैं। किसी ऐसे व्यक्ति से बातचीत की कल्पना करें, जो आपके क्षेत्र में काफी अनुभव रखता हो।

सृजनशीलता विकसित करें

सृजनशीलता चिंतन शक्ति प्रदान करती है। गुणा-भाग तो कंप्यूटर भी कर लेता है लेकिन दुनिया बदलने वाले रचनात्मक विचार तो मनुष्य के पास ही हैं।

पूरी योग्यता से सीखें

जब कुछ सीखने का फैसला कर लें तो शुरू से ही नोट्ïस लें। हर सैशन के बाद दिमाग में थोड़ी उत्सुकता बनी रहने दें। छोटे ब्रेक लें ताकि आपकी पढ़ाई के कई आरंभ और अंत हो सकें। हर सैशन के आरंभ या अंत में पढ़ा हुआ, दिमाग में ताजा रहता है।

तकनीकें इस्तेमाल करें

अस्त व्यस्त माहौल से दिमाग में भी अस्त व्यस्तता रहती है। मानसिक काम के लिए जगह व्यवस्थित करें। ऐसा काम शुरू करने से पहले थोड़ा तनकर बैठें व गहरी सांस लें। मानसिक काम के समय शोर से दूर रहें।

ब्रेन वेव एंटरटेनमेंट

ऐसे कई उत्पाद मिलते हैं जो दिमाग को शांत व ताजा कर देते हैं। कुछ से दिमाग शांत होता है तो कुछ से दिमाग की तरंगें, विश्लेषणात्मक चिंतन के लिए तैयार हो जाती हैं।

बातचीत करें

बातचीत से भी फायदा होता है। अपने मित्र को कुछ विस्तार से समझाएं। इससे आपकी सोच में भी निखार आएगा।

आनंद लें

कुछ ऐसा काम करें, जिससे आनंद आए। तनाव घटेगा और मस्तिष्क शांत होगा। टी.वी. देखने से बात नहीं बनेगी। दिमाग को क्रियाशील भी रखना है। पहेलियां सुलझाएं या चिड़िया का घर बनाएं, बस उस काम में आपका मन रमना चाहिए।

अपनी सोच बदलें

सोच जितनी अच्छी होगी, उतने ही बेहतर बदलाव आएंगे। अपनी सफलताओं की सूची बनाएं। अपने-आपको बताएं कि आपने कितना रचनात्मक काम किया। कोई भी अच्छा विचार दिमाग में आते ही नोट कर लें। अपनी ही बुद्धिमत्ता के सबूत एकत्र करें और आप इसे बढ़ा हुआ पाएंगे।

चहलकदमी करें

चहलकदमी भी बहुत बढ़िया कसरत है। इससे आपका मन एक ऐसी शांत अवस्था में आ जाता है, जहां सोचने में काफी आसानी रहती है। इस दौरान अपने साथ एक टेप रिकॉर्डर रखें। बीस मिनट की चहलकदमी समस्याएं सुलझाने का अच्छा साधन हो सकती है।

मॉडल चुनें

कुछ ऐसे लोग चुनें जो बुद्धिमान, सृजनशील व उत्पादक हों। उन्हीं की तरह सोचने या काम करने की कोशिश करें उनकी सलाह लेते समय सावधान रहें। सफल लोग अक्सर समझ नहीं पाते कि वे सफल क्यों हुए। उनके कहने पर नहीं चलें, जो उन्होंने किया, वही करें।

बहसबाजी से बचें

कोई बहस जीतने के लिए जी-तोड़ मेहनत करने का मतलब है कि आपका अहं भी उसमें शामिल हो गया है। इस तरह आप नई सूचनाएं व जानकारियां प्राप्त नहीं कर पाएंगे। वाद-विवाद अच्छा है लेकिन अहंकार शामिल किया तो दिमाग के दरवाजे बंद हो जाएंगे। यह अच्छी सोच के लिए ठीक नहीं है।

दिल खोलकर हंसें

हंसने से एंड्रोफिन का स्राव होता है, जिससे तनाव घटता है। यह आपके दिमाग की सेहत के लिए अच्छा है। इससे आपके दिमाग में नए-नए विचार भी पैदा होते हैं।

खेलना न भूलें

दिमाग को उत्तेजित करने वाले खेलों से भी इसके ढांचें में काफी बदलाव आते हैं और नई दिमाग कोशिकाएं पैदा होती हैं। आंख और हाथों का संबंध बनाने वाले खेल काफी उत्तेजक होते हैं।

पहेलियां हल करें

क्रॉसवर्ड, पहेलियां व पजल से भी अच्छी दिमागी कसरत होती है। आप बस में या किसी का इंतजार करते समय उनका प्रयोग कर सकते हैं।

गाना गाएं

कार में अकेले हों, तो जो काम कर रहे हों या जिस विषय को उन दिनों पढ़ रहे हों, उसे गाने के रूप में दोहराएं इससे आपके दाएं मस्तिष्क का व्यायाम होगा। आपने देखा होगा कि लिखने या बोलने की बजाए गुनगुनाना कहीं आसान होता है। हमारा दायां मस्तिष्क पैटर्न को ज्यादा आसानी से पहचानता है। यह व्यायाम प्रतिदिन करने से दाएं मस्तिष्क की ताकत बढ़ेगी।

स्वयं को जानें

दिमागी ताकत बढ़ानी है, तो सबसे पहले अपने-आपको जानें। अहम्ï और भावनाओं से ऊपर उठें। कोई भी बहस या चर्चा करते समय, अपने ऊपर पूरा ध्यान दें।

प्रेरित करें

दिमागी काम के लिए प्रेरणा भी बहुत महत्त्व रखती है। आत्म प्रेरित होने की कुछ आसान तकनीकें सीखें।

तनाव से बचें

तनाव से दिमाग को नुकसान पहुंचता है। तनाव से न केवल दिमाग बल्कि पूरे शरीर पर बुरा असर पड़ता है। यदि बार-बार तनाव घेरे तो तनाव से बचने की कुछ तकनीकें सीखें।

दिमागी ताकत बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ खाएं

स्वोकाडो, केला, ब्रोकली, ब्राउन राइस, चीज, चिकन, अंडे, ओटमील, संतरे, मूंगफली का मक्खन, मटर, आलू, सलाद पत्ता, सालमन, सोयाबीन, पालक, ट्ïयूना, टर्की व योगर्ट आदि।

ब्रेन पॉवर योजना बनाएं

कोई भी नई आदत अपनाने में बीस से तीस दिन का समय लगता है। जब भी ऐसी योजना बनाएं तो उसे लगातार तीन सप्ताह तक जारी रखने की कोशिश करें। आप कई ब्रेन बूस्टर इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन कोई नई आदत अपनाने वाला आइडिया सबसे बेहतर रहेगा। 

यह भी पढ़ें -स्वाद, सुगंध और गुणों का खजाना- हरा धनिया

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