क्या हॉस्टल लाइफ से निकलकर ससुराल में तालमेल बिठाने में हो रही है कठिनाई ?

चयनिका निगम

3rd March 2021

हॉस्टल लाइफ जीते हुए परिवार के साथ रहने की आदत तकरीबन चली जाती है। अब अगर भरापूरा ससुराल मिल गया है तो आपको कुछ बातें ध्यान रखनी होंगी।

क्या हॉस्टल लाइफ से निकलकर ससुराल में तालमेल बिठाने में हो रही है कठिनाई ?
 ‘मैंने स्कूल के बाद 5 साल तक हॉस्टल लाइफ को खूब इंजॉय किया। ये इतने अच्छे दिन होते हैं कि ताउम्र आप इन्हें भूल ही नहीं पाते हैं। मेरी आजादी की यात्रा हॉस्टल के बाद अकेले घर लेकर रहने तक चलती रही। नौकरी के दौरान भी फ्लैट लेकर अकेले रहना अलग ही आजादी का एहसास कराता है। कह सकते हैं कि अब परिवार के साथ रहने की आदत है ही नहीं। किस्मत भी ऐसी घूमी है कि मेरे नए परिवार मतलब ससुराल में 10 लोग हैं। पता नहीं आगे की जिंदगी कैसे कटेगी।'

जल्द ही शादी करने वाली प्राची फिलहाल ससुराल की बात सोचकर भी परेशान हो जाती हैं। उन्होंने जैसी बातें ससुराल के बारे में सुनी हैं, वो इसलिए और कठिन लगती हैं क्योंकि वो सालों से परिवार में भी नहीं रहीं हैं तो फिर इतने बड़े परिवार में रहना तो कठिन लगेगा ही। आप भी प्राची की स्थिति में हैं तो घबराइए नहीं बल्कि सिर्फ कुछ बातों का ध्यान रखिए। ये बातें आपको बड़े परिवार के साथ एडजस्ट करने में पूरी मदद करेंगी। हॉस्टल लाइफ जीने वाली आप बड़े परिवार में शादी करने जा रही हैं तो ये रहे कुछ काम के टिप्स-

पहले जैसा सबकुछ नहीं-

शादी के समय आपको एक बात तो स्वीकार करनी ही होगी कि समय अब पहले जैसा नहीं रहेगा। पहले जहां आपके पास खुद से जुड़ी सीमित ज़िम्मेदारी थी, अब वही ज़िम्मेदारी बढ़ जाएगी। आपको अपनी सीमाओं से निकलकर बाहर आना होगा। ताकि आप दूसरों के साथ अपना रिश्ता मजबूत कर सकें। जब दूसरों के बारे में सोचेंगी तो उनसे बातचीत भी बढ़ेगी। परिवार के लोग आपको सहयोगी समझेंगे तो निश्चित ही आपकी भी मदद को आगे आएंगे। लेकिन कदम आपको आगे बढ़ाना होगा। और आपको इस बदलाव को किसी दबाव की तरह न लेते हुए सिर्फ एक जिंदगी के हिस्से की तरह देखना होता है। 

बात, बात और बात-

आप क्या महसूस करती हैं। आपके लिए ये बदलाव कितना मुश्किल है ये दूसरों को समझने की जरूरत होगी। और ये समझाने के लिए आपको बात करनी होगी। बात भी सिर्फ काम की नहीं बल्कि ऐसी कि लोग आपको परिवार समझकर आपकी दिक्कत समझें। लोग समझ पाएं कि ससुराल में एडजस्ट करना वैसे भी कठिन होता है, आप तो सालों से अकेले रह रही हैं तो आपके लिए तो ये सब और भी कठिन होगा। इस दौरान आपको खूब आत्मीय बातें करनी होगी। उन्हें लगना चाहिए कि आप शिकायत नहीं कर रही हैं बल्कि बस अपने दिल का हाल बता रही हैं। 

पति को पता ही लाइफस्टाइल-

आपको शादी से पहले ही अपने पति से अपनी लाइफस्टाइल के बारे में बता देना होगा। उनको पता होना चाहिए कि आप बेहद आजादी से रहती हैं और अपने हिसाब से लाइफ काट रही हैं। ऐसे में आपके लिए भरे-पूरे परिवार में रहना कठिन होगा। ऐसा नहीं है कि आप परिवार में रहने से कतरा रही हैं बल्कि आपके एडजस्ट कर पाएंगी या नहीं। या बाकी परिवार आपकी दिक्कत समझेगा या नहीं, ये एक बड़ी विचार आपके लिए बड़ी समस्या हैं। पति को बताइए कि आपको उनका साथ चाहिए होगा आप उनके साथ के बिना कुछ नहीं कर पाएंगी। इस तरह आपके पति भी आपकी दिक्कत जरूर समझेंगे। 

मैं सीख लूंगी-

परिवार को अपने व्यवहार से बस ये बताइए कि आपको परिवार के साथ रहना कठिन लग रहा है लेकिन आप ये कठिन काम भी सीख लेंगी। और आप ये सीखना भी चाहती हैं। आगे से आगे बढ़ कर परिवार के मसलों में हिस्सा लेना और उसे सफल बनाना आपको सबकी नजरों में बेस्ट बना देगा। इसलिए सीखने की प्रक्रिया को भी जारी रखिए, इसे बंद बिलकुल न कीजिए बल्कि सामने से कहकर सीखने की आदत डालनी होगी। 

जो गुजर गया वो पास्ट है-

ऐसी स्थिति में अक्सर महिलाएं इस विचार के साथ काफी समय खराब कर देती हैं कि ‘अरे मैं तो कितनी अच्छी लाइफ जीती थी। अब कितने नियम-कायदों में रहना पड़ेगा।' जबकि ऐसा न सोचकर ये सोचिए कि हर दौर की एक जरूरत होती है। और इस वक्त की जरूरत है कि जो समय गुजर गया, उसे भुला कर वर्तमान में जिया जाए। पहले आप जैसी रहती थीं, वैसे पूरी जिंदगी रहना कठिन होगा। इसलिए इस वक्त में ही जी लीजिए और इसमें अपना बेस्ट दीजिए। अगर ऐसा नहीं सोचेंगी तो आपका मन हमेशा दुखी रहेगा और इस समय की पॉजीटिव बातों को भी महसूस नहीं कर पाएंगी। इसलिए हर पल जीने की आदत डालिए। 

परिवार साथ होने के भी फायदे-

याद कीजिए जब आप अकेले रह रही थीं तो बीमार पड़ने पर आपकी देखभाल कौन करता था। अक्सर आप सबकुछ अकेले हैंडल करती थीं। लेकिन परिवार में होएन की वजह से आपको अब ये अकेले नहीं करना पड़ेगा। ऐसे ही कई फायदे होते हैं, जो आपको परिवार में रहने के बाद होते हैं। इन फ़ायदों के लिए थोड़ी दिक्कत का सामना किया जा सकता है। ये दिक्कत भी एक समय के बाद आपको दिक्कत लगेगी ही नहीं। अगर ये बात अभी भी आपको समझ नहीं आ रही तो एक कॉपी पर यहां रहने के फायदे और नुकसान दोनों लिखिए आपको जरूर फायदे ज्यादा ही नजर आएंगे। तब आपको अपने निर्णय पर खुशी भी होगी। 

इंसान है जरूरी-

परिवार के साथ रहना हो या ना रहना हो लेकिन आपके लिए वो इंसान जरूरी होना चाहिए, जिसके साथ आप रहने वाली हैं। देखिए कि वो आपकी दिक्कतें समझ रहा है या नहीं। अगर ऐसा नहीं है तो फिर इस शादी को न करना ही सही रहेगा। ऐसा न करने पर आपकी जिंदगी सिर्फ एडजस्टमेंट में ही गुज़रेगी जो सही नहीं है। 

 

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