होली के त्योहार पर खास बनाई जाती हैं ये 8 डिशेज़

Sonal Sharma

5th March 2021

होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें रंगों की मस्ती तो चढ़ती ही है, लेकिन मुंह में पानी ला देने वाले व्यंजन भी खूब बनते हैं।

होली के त्योहार पर खास बनाई जाती हैं ये 8 डिशेज़

Holi Recipes

गुलाबी हाथ, हरे गाल, लाल माथा, पीली नाक... होली के दिन ये सब न हो तो मजा नहीं आए। होली एक ऐसा त्योहार है जिसमें रंगों की मस्ती तो चढ़ती ही है, लेकिन मुंह में पानी ला देने वाले व्यंजन भी खूब बनते हैं। तो खुद को इस त्योहार के लिए गुलाल, पानी की बंदूकें, नाच-गाने के लिए जिस तरह से तैयार करते हैं, उसी तरह इस सेलिब्रेशन के साथ मीठी गुजिया, चटपटे पापड़ी चाट, मसाला कचौरी से लेकर दही वड़े का भी स्वाद लेने की तैयारी होती है। 
राजस्थान में गुजिया न बने तों होली का मजा अधूरा रहें। मैदा, खोया और ड्रायफ्रूट्स के मिक्चर से बनी स्वीट डिशज़ हर किसी को पसंद आती है। दाल की कचौरी नॉर्थ इंडिया में होली पर सबसे लोकप्रिय स्नैक्स है। कचौरी की भी अपनी वैराइटी है मावा कचौरी और मूंगदाल कचौरी होली पर खूब बनती है। दही वड़ा भी नॉर्थ इंडिया में होली की छुट्टियों में बनने वाली पॉपुलर डिश है। कुछ का मानना है कि यह बंगाली कुछ का मानना है कि इस व्यंजन की उत्पत्ति बंगाल में हुई थी, कुछ का कहना है कि दिल्ली और अन्य लोग उत्तर प्रदेश को इसका घर मानते हैं। पेनकेक स्टाइल डिज़र्ट मालपुआ आपके होली के भोजन के अंत को स्वादिष्ट बनाता है। यह अधिकांश रूप से नॉर्थ और ईस्ट इंडिया में बनते हैं, लेकिन नेपाल, बंगलादेश और पाकिस्तान में भी लोकप्रिय है। मालपुओं का उल्लेख ऋग्वेद जैसे प्राचीन ग्रंथों में पाया जा सकता है। कोई भी बॉलीवुड होली सीन ठंडाई के गिलास के बिना अधूरा होता है। दूध की बनीं यह कूलिंग ड्रिंक में ढेर सारे ड्रायफ्रूट्स मिलाए जाते हैं और कभी-कभी भांग भी। उत्तरी भारत में यह पेय होली की जान है। पूरनपोली बिना महाराष्ट्र की होली में वो आनंद कहां? महाराष्ट्रियन की यह पारंपरिक डिश मुंह में पानी ला देगी।
 
ठंडाई
सामग्री  
1½ मिली दूध    
10-12 बादाम भिगोई हुई
10-12 पिस्ता भिगोई  हुई
¼ कप खसखस भिगोई हुई
2 टी स्पून तरबूज के बीज भिगोई 
3 टी स्पून काजू भिगोए हुए
6-7 हरी इलायची 
8-10 काली मिर्च 
1 टी स्पून गुलाब कि सूखी पत्ती 
1 इंच दालचीनी 
¼ टी स्पून केसर  
½ कप शक्कर  
विधि
एक बर्तन में दूध निकालकर गैस को तेज आंच पर चालू करके दूध को उबालें। एक मिक्सर के जार में बादाम, पिस्ता, खसखस, तरबूज के बीच, काजू और एक बड़ी चम्मच दूध डालकर पेस्ट बनाकर एक बोल में निकाल लें। 
उसी जार में हरी इलायची, काली मिर्च, गुलाब की पत्ती और दालचीनी डालकर पीसकर पाउडर बना लें। अब दूध में केसर और शक्कर डालकर चम्मच से चलाते हुए उबालें। 
दूध में अच्छे से उबाल आ जाने पर तैयार पेस्ट डालकर चम्मच से मिलाते हुए उबालें। इलायची और दालचीनी का पाउडर दो छोटी चम्मच डालकर थोड़ी देर उबाल कर ठंडाई को ठंडी हो जाने पर कुछ देर फ्रीज में रखकर सर्व करें। होली पर ठंडाई आमतौर पर हर राज्य में बनाई जाती हैं जहां इस त्योहार की धूम होती है।
  
गुजिया
सामग्री 
500 ग्राम मैदा 
300 ग्राम मावा 
½ टी स्पून नमक 
125 ग्राम पीसी शक्कर 
2 टेबल स्पून अखरोट 
2 टेबल स्पून काजू 
2 टेबल स्पून बादाम 
¼ कप खोपरा बुरा 
8-10 हरी इलायची 
1 टेबल स्पून घी 
तेल आवश्यकतानुसार
विधि  
सबसे पहले एक बोल में मैदा, नमक और घी डालकर हाथों से अच्छे से मिला लें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक टाइट  डो बनाएं। अब कॉटन के गीले कपड़े से ढ़ककर 15-20 मिनट लिए रखें। 
अब अखरोट, काजू, बादाम के छोटे पीस करें। 
एक पेन में सूजी डालकर गैस मध्यम आंच पर चालू करें। सूजी को 4-5 मिनट चम्मच से चलाते हुए भूनें।
उसी पेन में घी डाल दें। घी मेल्ट हो जाने पर मावा डालकर भूनें। मावा को मध्यम आंच पर 4-5 मिनट के भूनना है। 
अब इसमें सूजी डालकर अच्छे से मिला लें। मसाला तैयार करके ठंडा होने पर पीसी शक्कर, कटे ड्रायफ्रूट्स, खोपरा बुरा और इलायची पाउडर डालें। इन्हें  मिलाकर गुजिया मसाला तैयार करें। 
मैदा को सही करके छोटी-छोटी लोईयां बनाएं। लोई में घी लगाकर गोल पुड़ी बना लें। 
इस बीच गुजिया मोल्ड पर घी लगा लें और फिर पूड़ी रखें।  पूड़ी को चारों तरफ पानी लगाकर छोटी चम्मच से मसाला भरें और फिर मोल्ड को बंद करके दबा दें। जो एक्सट्रा मैदा है, वह निकालकर तैयार गुजिया को मोल्ड से बाहर निकाल लें। इसी तरह सारे गुजिया बनाकर तैयार करें। 
एक कढ़ाई में तेल डालें, तेल गर्म हो जाने पर मध्यम आंच पर एक-एक करके गुजिया डालें। इसे तलकर तैयार करें। ध्यान रहे कि तेल ज्यादा गर्म न हो नही तो गुजिया क्रिसपी नही रहेंगी। 
मालपुए  
सामग्री 
1 कप गेहूं का आटा    
¼ कप मैदा 
¼ कप दूध  
¼ कप शक्कर
घी आवश्यकतानुसार 
विधि 
एक बोल में दूध और शक्कर डालें। इन्हें चम्मच से चलाते हुए शक्कर मेल्ट करें और गेहूं का आटा, मैदा और थोड़ा पानी डालकर पेस्ट बनाएं। इसे 15-20 के लिए ढ़ककर रखें। ध्यान रहे कि आटे में कोई लम्प न रहें, ऐसा न होने पर मालपुए सॉफ्ट नही बनेंगे। 
एक पेन में घी डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। घी गर्म हो जाने पर चम्मच से बेटर डालें और इसे फैलाएं। जब मालपुआ तलकर ऊपर आ जाए तो पलटकर दूसरी तरफ से तलकर निकाल लें। बिहार, राजस्थान में होली पर ये मालपुए खूब बनते हैं।
दही वड़े
सामग्री 
1 कप उड़द दाल 
¼ कप मूंगदाल
2 कप दही 
2 टी स्पून शक्कर 
1 टेबल स्पून हरी चटनी  
1 टेबल स्पून इमली की चटनी 
1-2 हरी मिर्च 
1 इंच अदरक  
½ टी स्पून हींग  
¼ टी स्पून लाल मिर्च पाउडर 
¼ टी स्पून जीरा सीका पीसा 
¼ टी स्पून चाट मसाला 
1 टेबल स्पून बूंदी 
1 टेबल स्पून हरा धनिया बारीक कटा  
नमक स्वादानुसार 
तेल आवश्यकतानुसार 
विधि 
उड़द दाल और मूंगदाल को 5-6 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। अब दाल को छलनी में डालकर पानी निकालकर मिक्सर के जार में दाल, हरी मिर्च, और अदरक डालकर दरदरा पीस लें और एक बड़े बोल में निकाल लें। 
नमक डालकर हैंड बीटर से 5-7 मिनट के लिए फेंटकर तैयार बेटर को 1-2 घंटे के लिए रखें। एक पेन में तेल डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। 
तेल गर्म हो जाने पर चम्मच से अपनी पसंद के आकार के वड़े डाल हल्का ब्राउन हो जाने पर एक प्लेट में निकाल लें। एक बोल में ठंडे पानी में नमक और हींग डालकर वड़े डालकर 30-35 मिनट रहने दें। 
एक बोल में दही, नमक, शक्कर और आधा कप पानी डालकर चम्मच से अच्छे से फेंट लें। अब वड़े को पानी में से निकाल कर हथेली से दबाएं।  
अब एक सर्विंग बोल में निकालकर तैयार दही, हरी चटनी, इमली की चटनी, लाल मिर्च पाउडर, सीका पीसा जीरा, चाट मसाला, बूंदी और हरा धनिया कटा हुआ डालकर सर्व करें। गुजरात में होली पर विशेष रूप से दही वड़ा बनाने का रिवाज है।
मावा कचौरी
सामग्री 
1 कप मैदा 
2 टेबल स्पून घी 
100 ग्राम मावा 
1 टेबल स्पून ड्रायफ्रूट्स 
1 टेबल स्पून पीसी शक्कर 
½ कप शक्कर  
¼ टी स्पून फूड कलर
विधि 
एक बोल में मैदा, घी, नमक और थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक सॉफ्ट डो बनाकर तैयार करें। एक पेन में मावा डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। 5-7 मिनट धीमी आंच पर भूनें। भून जाने पर एक प्लेट में निकाल लें। ठंडा हो जाने पर कटे ड्रायफ्रूट्स और पीसी शक्कर डालकर अच्छे मिला लें। 
एक बर्तन में आधा कप पानी डालकर फूड कलर डालकर एक तार की चाशनी बनाकर तैयार करें। अब मैदे के डो को एर बार फिर हाथों से सही करें और छोटी-छोटी लोई बनाएं। लोई को बेलन से बेलकर छोटी-सी पुड़ी बनाएं। अब छोटे चम्मच से मसाला डालकर किनारे बंद करें और हाथों से दबाते हुए कचौरी का आकार तैयार करें।
एक कढ़ाई में तेल डालें। तेल गर्म हो जाने पर धीमी आंच में कचौरी को तले। हल्की ब्राउन हो जाने पर पलटकर दूसरी तरफ से इसी तरह तलकर एक प्लेट में निकालकर थोड़ी ठंडी हो जाने पर तैयार चाशनी को छोटी चम्मच से कचौरी पर डालें। 
ध्यान रहे कि कचौरी को हल्के गर्म तेल में डालकर धीमी आंच पर ही तले नहीं तो कचौरी अच्छे से फूलेगी नहीं। 
पूरनपोली 
सामग्री 
1 कप चनादाल 
1 कप शक्कर 
1½ कप गेहूं का आटा  
½ टी स्पून इलायची पाउडर  
¼ टी स्पून जायफल पाउडर 
¼ टी स्पून केसर  
विधि
सबसे पहले चनादाल को पानी से धोकर कुकर में दो गुना पानी डालकर कुकर का ढक्कन बंद करें। गैस को तेज आंच पर चालू करके 4-5 सीटी लें। थोड़ी देर धीमी आंच पर रखकर गैस को बंद करें। 
ठंडा हो जाने पर चनादाल को हैंड बीटर अच्छे से मैश करें। एक नॉन स्टिक पेन में चनादाल डालकर चम्मच से चलाते हुए 10-12 मिनट पकाएं। अब शक्कर डालकर धीमी आंच पर चलाते हुए पकाएं। 
पूरनपोली के लिए आटा लगाने के लिए - 
एक बोल में आटा, घी और थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक सॉफ्ट डो बनाकर 20-25 मिनट के लिए रखें। 
पूरन पककर गाढ़ा होने लगे तब केसर, इलायची पाउडर, जायफल पाउडर और घी डालकर मिलाते हुए भूनें। पूरन पकाकर कम से कम 1-2 घंटे के लिए ठंडा होने के लिए रखें। 
पूरन की लोई बनाकर तैयार करें। आटे की लोई बनाकर एक छोटो रोटी बनाएं। बीच में पूरन की लोई को रखकर रोटी को फोल्ड करके एक कटोरी से एक्सट्रा हिस्सा काट कर हल्के हाथों से बेलें।
तवा गर्म हो जाने तैयार पूरनपोली डालकर घी लगाकर पलटते हुए पूरनपोली तैयार करें। एक प्लेट में निकालकर और एक छोटे चम्मच से घी लगाकर गरमा-गरम सर्व करें। 
पापड़ी चाट 
सामग्री 
1 कप मैदा 
1 टेबल स्पून धनिया कटा हुआ 
½ टी स्पून नमक 
½ अजवाइन  
½ कप तेल  
½ कप घी 
½ कप उबला आलू बारीक कटा 
½ कप दही 
1 टेबल स्पून इमली कि चटनी  
½ टी स्पून चाट मसाला   
¼ टी स्पून सीका पीसा जीरा 
¼ टी स्पून काला नमक 
विधि
एक कप मैदा, नमक, घी और अजवाइन डालकर हाथों से अच्छे से मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक टाइट डो तैयार करके 10-15 मिनट के लिए ढककर रखें। 
अब मैदे की छोटी-छोटी लोई बनाकर पतली-पतली पापड़ी बनाकर फोक से छेद करके सारी पापड़ी बनाकर तैयार करें। 
एक पेन में तेल डालकर गैस को मध्यम आंच पर चालू करें। तेल गर्म हो जाने पर एक-एक करके पापड़ी डालकर धीमी आंच हल्का ब्राउन हो जाने पर एक प्लेट में निकाल लें। 
पापड़ी को ठंडा हो जाने पर एक सर्विंग बोल में पापड़ी को तोड़कर ऊपर से कटे आलू, दही, इमली चटनी, चाट मसाला, सीका पीसा जीरा, काला नमक और हरा धनिया डालकर पापड़ी चाट सर्व करें। बिहार, उत्तरप्रदेश, गुजरात, राजस्थान जैसे राज्यों में पापड़ी चाट तो बन ही जाती है। 
मूंगदाल कचौरी 
सामग्री 
2 कप मैदा 
½ कप मूंगदाल 
2 टेबल स्पून हरा धनिया कटा हुआ 
2-3 हरी मिर्च बारीक कटी 
1 टी स्पून धनिया पाउडर 
1 टी स्पून सौंफ पाउडर 
1 टी स्पून लाल मिर्च पाउडर 
1 टी स्पून लहसुन अदरक का पेस्ट 
½ स्पून जीरा 
½टी स्पून गरम-मसाला   
¼ टी स्पून हींग 
तेल आवश्यकतानुसार 
नमक स्वादानुसार
विधि
सबसे पहले एक बोल में मैदा, तेल और नमक डालकर अच्छे से मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर एक सॉफ्ट डो बनाकर 20-25 मिनट के लिए रखें। 
मूंगदाल को 2-3 घंटे के लिए पानी में भिगोकर रखें। पानी निकालकर मिक्सर के जार में दरदरा पीस लें। एक पेन में तेल डालकर गैस को तेज आंच पर चालू करें। तेल गर्म हो जाने पर जीरा, हरी मिर्च, अदरक का लहसुन पेस्ट, धनिया पाउडर और पीसी दाल डालकर चम्मच से चलाते हुए जब तक दाल पूरी तरह से सूख जाए तब तक पकाएं। 
गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, हींग और हरा कटा धनिया डालकर चम्मच से चलाते हुए पकाकर नीचे ठंडा हो जाने के लिए रखें।
अब मैदे की लोई बनाकर हथेली पर अगूंठे से फैलाकर अंदर छोटे चम्मच से मसाला भरकर चारों तरफ से किनारे अच्छे से मिला कर कचौरी तैयार करें। 
एक पेन में तेल डालें। हल्का गर्म हो जाने पर एक-एक करके कचौरी डालकर हल्का गोल्डन हो जाने पर पलटते हुए दूसरी तरफ से तलकर निकाल लें। इमली की चटनी के साथ गरमा-गरम सर्व करें। होली पर कचौरी की यह परंपरा पुरानी है और आज भी लोग होली की छुट्टियों का आनंद मूंगदाल की कचौरी बनाकर और घरवालों को खिलाकर करते हैं।

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