नए सेशन में बच्चे जाएं स्कूल तो कीजिए उन्हें तैयार

चयनिका निगम

7th March 2021

अब एक साल बाद नए सेशन में बच्चे स्कूल जाने वाले हैं तो उनको इसके लिए तैयार करने का समय भी आ चुका है।

नए सेशन में बच्चे जाएं स्कूल तो कीजिए उन्हें तैयार
बच्चे पूरे एक साल से स्कूल नहीं गए हैं। हां-हां कुछ स्कूल खुल गए हैं लेकिन फिर भी ढेरों बच्चे अभी माता-पिता की असहमति की वजह से स्कूल नहीं गए हैं। पेरेंट्स ने भी सुरक्षा कारणों से ऐसा निर्णय लिया है। लेकिन अब नए सेशन से ज्यादातर बच्चे आशा है कि स्कूल जाएंगे ही। तो वो इतने लंबे गैप को कैसे हैंडल करेंगे। इस बार इतने समय बाद वापस स्कूल जाने के लिए वो खुद को कैसे तैयार करेंगे? फिर से नियम-कायदों वाली जिंदगी उनके लिए कितनी कठिन होगी। थोड़ी तो होगी ही...तो फिर से स्कूल वाली लाइफस्टाइल में जाने से पहले उनको तैयार कर दीजिए, कैसे करेंगी ये, जानिए-
टाइमिंग सेट कीजिए-
वैसे तो ऑनलाइन क्लास लेते बच्चे घर पर रहते हुए भी टाइम से ही सबकुछ करने लगे हैं। लेकिन फिर भी घर का कम्फर्ट तो था ही। कभी ऑनलाइन और ऑफलाइन हो जाने की सुविधा भी थी। अब उन्हें बिलकुल नियम से रहने की सलाह दीजिए। जैसे सुबह जल्दी उठना, समय पर नहाना और फिर समय पर नाश्ते के बाद पढ़ाई भी। फिलहाल तो बच्चे का जब मन करता है, तब ही होम वर्क करते हैं। लेकिन अब उनके होमवर्क का समय भी निश्चित कर दीजिए। उनसे कहिए कि आपके बताए समय पर ही उनको सबकुछ करना होगा। इसका फायदा उन्हें स्कूल जाते समय होगा। वो जब स्कूल जाएंगे तब ये सारे काम समय पर ही करने होंगे। इस तरह से उनकी आदत पड़ जाएगी। 
सुबह जल्दी उठना-
स्कूल जाने वाले ज्यादातर बच्चे सुबह 6 बजे के आसपास उठ ही जाते हैं। लेकिन इस वक्त बच्चे इस मूड में बिलकुल भी नहीं हैं, वो तो जब मन कर रहा है उठ रहे हैं, जब मन कर रहा है सो रहे हैं। बस ऑनलाइन क्लास के समय उनको उठ कर रहना होता है। लेकिन अब बच्चों को जल्दी उठना ही पड़ेगा। इसलिए अब बच्चों को अलार्म के साथ जल्दी उठने की आदत डालिए उन्हें समझाइए कि जल्दी उठना अब जरूरी है। ताकि स्कूल के समय जल्दी उठने में उन्हें कोई दिक्कत ना हो। इस तरह वो ‘अर्ली टू बेड अर्ली टू राइज' वाली आदत के आदि भी हो जाएंगे। जो आगे की जिंदगी में उनके काम तो आएगी ही। 
खुद खाएं खाना-
बच्चे घर पर हैं तो टिफिन से खुद खाने की आदत तो मानो छूट ही गई है। बच्चे खाना खुद खाते ही नहीं हैं। कई खाते भी होंगे लेकिन अब खुद टिफिन निकाल कर खुद खाने की आदत से तो छुटकारा मिल ही गया है। तो अब टिफिन से खाना खाना दिक्कत न बने इसलिए आपको बच्चों को खुद ही खाना खाने की आदत डालें। उन्हें बताएं कि अब से उनको कम से कम दोपहर का खाना खुद ही खाना होगा। थोड़ी सी सख्ती के बाद बच्चे खाएंगे खुद, आपको कोई परेशानी नहीं होगी। 
आराम की आदत-
बच्चों को अब तक आराम की आदत पड़ गई है। हो सकता है वो दोपहर में खाना खाने के बाद या क्लास खत्म हों एक बाद सो जाते हों। तो इस आराम की आदत को अब छोड़ना होगा। उन्हें समझाइए कि अब नियम से ही आराम करना होगा। फिर चाहे तो कितना भी आराम करने का मन क्यों न कर रहा हो। उन्हें इस दौरान कोई न कोई एक्टिविटी करने की कोशिश कीजिए। जिसको करते हुए उन्हें बेवक्त सोने का मन ना करे। 
मनोरंजन से दूरी-
घर पर रहते-रहते बच्चों को कभी भी किसी भी समय मनोरंजन की भी आदत पड़ गई है। टीवी, फोन या फिर दोस्तों के साथ खेलना उनके लिए आम सी बात हो चुकी है। वो इन तीनों में से किसी न किसी का इस्तेमाल कर ही लेते हैं लेकिन अब इसमें भी कटौती करनी होगी। दरअसल स्कूल जाने वाले बच्चे तो पढ़ाई और ट्यूशन के बीच टीवी भी मुश्किल से ही देख पाते हैं। ऐसे में बच्चों को मनोरंजन के साधनों का इस्तेमाल भी सीमित करना होगा। उन्हें इनको देखने की इजाजत निश्चित समय पर ही दीजिए। फिर वो कितना भी इन्हें मांगे लेकिन आप उनको ये मोबाइल और टीवी देखने की इजाजत बिलकुल न दें। आप उन्हें बताएं कि पहले वो खाली थे, बहुत सारा समय फ्री होता था तो वो मनोरंजन कर सकते थे लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता है क्योंकि स्कूल जाते हुए वो ये सब कर भी नहीं पाएंगे। इसलिए उन्हें अपनी आदत छोड़नी ही होगी। यही उनके और उनकी पढ़ाई के लिए अच्छा होगा। इस वक्त और ऐसे काम करें, जिनसे उन्हें कुछ न कुछ सीखें का मौका मिलता रहे। 
खुद भी रहें ऑन टाइम-
बच्चों को सबकुछ ऑन टाइम कराने के लिए जरूरी है कि आप खुद भी पहले की तरह ऑन टाइम ही सबकुछ करें। अब जब बच्चे 1 साल से रिलैक्स कर रहे हैं तो फिर आप भी तो रिलैक्स मूड में होंगी। आपको भी तो अब बच्चों से पहले उठ कर उनके लिए टिफिन नहीं बनाना होता है। न ही आपको उनकी ड्रेस समय पर तैयार करनी होती है। न ही उनके स्कूल से आने के समय पर खाना तैयार ही करना है। तो फिर आप आराम से तो हैं हीं। पर अब समय आ गया है कि आप पुराने दिनों वाले लाइफस्टाइल को वापस अपना लें। अप खुद भी समय पर उठें और समय पर सोएं। बच्चे को जल्दी उठाने के लिए आपको भी जल्दी उठना ही पड़ेगा न। 
तो आप सब मांओं को फिर अब बच्चों को नए सेशन से स्कूल भेजना है और उनको मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार करना है। आप भी ऊपर दिए गए सारे टिप्स जरूर अपनाएं और बच्चे को खुशी-खुशी स्कूल जाने के लिए तैयार करें। 

 

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