अंकुरों में छिपी सेहत

प्राची प्रवीन महेश्वरी

8th March 2021

अंकुरित अनाज ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनका किसी भी मौसम में सेवन करना स्वास्थ्यवर्धक ही होता है। आइये, जानते हैं कौन से हैं वे अनाज जिनको अंकुरित करके खाने से आप स्वस्थ रह सकते हैं।

अंकुरों में छिपी सेहत

इंसान को जब भगवान ने जीवन दिया तो उसको एक जबान भी दी। जबान बनायी तो एक स्वाद भी दिया। स्वाद दिया तो ढेर सारे व्यंजन भी खाने के लिए दिए। यूं तो भगवान ने ढेरों व्यंजन उसे दिए परन्तु उनकी श्रेणी भी बना दी जैसे कि कुछ व्यंजन सर्दी में खाएं कुछ गर्मी में तो कुछ बरसात में, कुछ दिन में खाएं तो कुछ रात में। परन्तु एक भोजन ऐसा भी बनाया जो कि इंसान जब भी खाए वो फायदा ही देगा नुकसान कभी भी नहीं देगा। वो है 'अंकुरित अनाज' सबसे पहले जानते हैं कि अंकुरित अनाज होता क्या है व इसे कैसे तैयार करते हैं? जब किसी भी अनाज जैसे चने, मूंग, सोयाबीन, गेहूं , उड़द, मटर के बीज को 10-12 घंटे तक पानी में भिगोकर रखा जाता है तो उसमें अंकुर फूट जाते हैं उसको ही अंकुरित अनाज कहा जाता  है।

विधि- सबसे पहले किसी भी अनाज को पानी में भिगो दें 10-12 घंटे के लिए। फिर उसे पानी से निकालकर उसका पानी पूरी तरह छानकर उसे एक अंधेरे कमरे में रख दें। 12 घंटे के बाद उसमेें अंकुर फूट जाएगा। दो या दो से अधिक अनाजों को अंकुर फूटने के लिए एक साथ भी रखा जा सकता है परन्तु उसमें समान समय में अंकुर फूटने वाले अनाज ही रखें, क्योंकि अगर दो विपरीत समय में अंकुरित होने वाले अनाज रखेंगे तो जब एक का अंकुर फूटेगा तो दूसरे के फूटने में समय होगा जब तक दूसरे में अंकुर फूटेगा पहले का अंकुर सड़ चुका होगा। यानी उसके पोषक तत्त्व नष्ट हो चुके होंगे। इसलिए बेहतर यही होगा कि अनाजों को अलग-अलग ही भिगोकर रखें। एक साथ नहीं। बाद में इन्हें एक साथ मिलाकर खाया जा सकता है। यद्यपि अंकुरित अनाज को आप कच्चा ही खा सकते हैं परन्तु यदि उसमें कच्चा व बारीक कटा प्याज, टमाटर, धनिया पत्ता, नींबू, काला नमक, काली मिर्च डालकर खाया जाए तो इसका स्वाद और भी अधिक बढ़ जाता है तथा इसकी गुणवत्ता भी।

अंकुरित अनाज के फायदे

अंकुरित अनाज का सबसे बड़ा फायदा ये ही होता है कि इसमें वेस्टेज नहीं होती जिसके कारण उसको निकालने के लिए शरीर के अपवर्जी अंगों को अपनी ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती है। शरीर में वेस्टेज न होने से एनर्जी शरीर की ताकत में ही लग जाती है, जिससे सारे शरीर की सफाई आसानी से हो जाती है तथा रोग-बीमारी पैदा करने वाले सारे तत्त्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर स्वस्थ बना रहता है।

क्योंकि अंकुरित अनाज एक नैचुरल डाइट है इसलिए यह पोषक तत्त्वों से भरपूर होता है। इसका सेवन जीवन को आयु व उत्तम स्वास्थ्य भी प्रदान करता है। साथ ही ये खाने, पचाने व बनाने में बहुत आसान व मूल्य में बहुत सस्ते होते हैं। चूंकि ये कच्चे ही खाये जाते हैं इसलिए इसको खाते वक्त तेल, घी में पकाने की जरूरत नहीं होती, जिसके कारण ये कोलेस्ट्रॅाल फ्री तो होते ही हैं साथ ही सुपाच्य भी होते हैं। हर उम्र का व्यक्ति इनको खा सकता है शिशुओं को छोड़कर। परन्तु सन्तुलित व शुद्ध तरीके से बनाकर तभी इनके लाभ भी सम्भव हैं अन्यथा नहीं। निम्न अनाज अंकुरित अनाज के रूप में प्रयुक्त माने गए हैं-

चना- काला चना नैचुरल डाइट में सर्वोच्च शिखर पर माना जाता है। इसमें लौह तत्त्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये आयरन, कैल्शियम का तो भंडार है ही साथ ही यह पचाने में भी आसान होता है? क्योंकि चने खाने से किडनी को उसको पचाने के लिए बहुत ही कम श्रम करना पड़ता है, जिससे किडनी को काफी आराम मिलता है। किडनी में नए सेल्स जल्दी व आसानी से बन जाते हैं। काले चने को विद्वान अमृत तुल्य मानते हैं।

मोठ व मूंगमोठ- मोठ व मूंग को अंकुरित करके खाने से न केवल उत्तम स्वास्थ्य मिलता है बल्कि इसका सेवन पाचन तंत्र को मजबूती प्रदान करता है। इसमें पाए जाने वाले फाइबर पेट सम्बन्धी, पाचन सम्बन्धी समस्याएं दूर करते हैं। फाइबर युक्त रेशेदार अंकुरित अनाज खाने से पेट सम्बन्धी परेशानी दूर होती है व इसके साथ ही पाचन तंत्र भी मजबूत होता है।

सोयाबीन- अंकुरित अनाजों में सोयाबीन एक नहीं अनेक गुणों का मालिक माना गया है, क्योंकि सोयाबीन एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए बी सी ई से भरपूर होता है। इतना ही नहीं इसमें फॅास्फोरस, आयरन, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम जैसे पौष्टिïक तत्त्व पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट से जहां व्यक्ति का इम्यून सिस्टम मजबूत होता है वहीं कैल्शियम से हड्ïिडयां मजबूत होती हैं। आयरन तत्त्व शरीर को अंदर तक मजबूती देता है, जिससे शरीर फिट रहता है।

मूंगफली- अंकुरित मूँगफली में बहुत सारे प्रोटीन होते हैं जो कि शरीर को रोगों से बचाने के लिए मजबूती देते हैं। मूंगफली में रोग प्रतिरोधक क्षमता पाई जाती है। ये शरीर की इम्यूनिटी भी बढ़ाती है, जिससे शरीर पूर्णतया स्वस्थ रहता है। मूंगफली के अंकुरण का समय 24 घंटे है।

मूंग की दाल- मूंग की दाल को अंकुरित करके खाने से शरीर की चर्बी कम होती है। ये बहुत ही कम कैलोरी वाला अंकुरित अनाज माना गया है। इसलिए इसे मोटे लोगों के लिए वरदान माना गया है। ये हल्का होने के कारण सुपान्य भी होता है। इसके साथ ही जो लोग ये नहीं चाहते हैं कि उनका वजन बढ़े उनके लिए भी ये फायदेमंद होता है।

गेहूं- गेहूं को अंकुरित करके खाने से शरीर में प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम, आयरन प्राय: सभी की कमी पूरी होती है। गेहूं के अंकुरित भाग में पोषक तत्त्वों की प्रचुरता व विभिन्नता पायी जाती है। प्रचुर मात्रा में गेहूं के अंकुरण को जीवन दायिनी माना गया है। इसलिए इसे खाद्य पदार्थ नहीं बल्कि जीवन दायिनी संजीवनी कहा गया है। गेहूं को बहुत सरलता से आप अंकुरित नहीं कर सकते क्योंकि गेहूं बहुत ही जल्दी से अंकुरित तो हो जाते हैं परंतु उसका अंकुरण बहुत ही नाजुक होता है और वो आसानी से टूट भी जाते हैं और बासी भी बहुत जल्दी हो जाते हैं। इसलिए इनके बनाने व खाने में सावधानी की जरूरत होती है। गेहूं का प्रत्येक भाग ही कीमती  व स्वास्थ्यवर्धक है परन्तु पूर्ण सावधानी के साथ ही इसको अंकुरित करना चाहिए। 

सार रूप में अंकुरित अनाज एक पूर्ण आहार है। इसके नियमित सेवन से कुपोषण की समस्या दूर होती है। शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन, आयरन, कैल्शियम, कार्बोहाइडेट की प्रचुर मात्रा मिलती है।

अंकुरित अनाज के अन्य फायदे

1. अंकुरित अनाज दूध को साफ करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. ये एक प्राकृतिक खाद्य पदार्थ है। इनका शरीर के किसी भी भाग पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।

3. इसमें वसा बहुत ही कम मात्रा में पाई जाती है, जिससे ये व्यक्ति को अत्यधिक मोटापे से बचाती है।

4. खाने में ये अत्यधिक स्वादिष्ट, पचाने व बनाने में आसान होते हैं।

5. अनाज व दालों को अंकुरित करके खाने से इनकी पौष्टिकता और भी अधिक बढ़ जाती है।

6. भूख न लगने की समस्या में भी अंकुरित अनाज अमृत का कार्य करते हैं। इनको खाने से भूख खुलकर लगती है। गर्भवती व बुजुर्ग लोगों के लिए तो अंकुरित अनाज रामबाण की तरह माना जाता है। गर्भवती महिलाएं अगर इसका सेवन करती हैं तो इससे बच्चे का विकास काफी सही तरह से होता है। साथ ही बुजुर्ग लोगों के खाने से उनमें वृद्धावस्था काफी देर से आती है।

7. अंकुरित अनाज में प्याज, खीरा, नींबू, काला नमक, काली मिर्च डालकर खाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

यह भी पढ़ें -अष्टांग योग संपूर्ण उपचार पद्धति

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