बेस्ट कुकिंग ऑयल की लिस्ट में हैं ये 7 तेल

सोनल शर्मा

11th March 2021

कई लोग सोच सकते हैं कि बिना तेल के पकाए गए व्यंजन ज्यादा पौष्टिक होते हैं, लेकिन तेल का इस्तेमाल करने से आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करने में फायदा हो सकता है। आपको बस सही तेल लेने और मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि इसका सही प्रभाव पड़े।

बेस्ट कुकिंग ऑयल की लिस्ट में हैं ये 7 तेल

कुकिंग ऑयल किसी भी भारतीय व्यंजन में एक महत्वपूर्ण और बुनियादी घटक है। तेल का इस्तेमाल खाना पकाने और अपने भोजन का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। कुकिंग ऑयल प्राकृतिक संसाधनों, जलवायु, पकवान के प्रकार और स्वाद की उपलब्धता के अनुसार अलग-अलग होता है। हालांकि, सही कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल करने से दिल से जुड़े संक्रमण, कोलेस्ट्रॉल ब्लॉकेज, अकड़न जैसे मुद्दों से बचा सकते हैं।

सही मात्रा में सही तेल आपके शरीर को आवश्यक फैटी एसिड प्राप्त करने में मदद कर सकता है। तेल पॉलीअनसेचुरेटेड और मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होते हैं, जिन्हें गुड फैट्स माना जाता है। अपने आहार में तेलों की महत्ता को समझते हुए सवाल उठ सकता है कि कौन-सा तेल बेस्ट है? यहां 8 कुकिंग ऑयल के बारे में जानकारी दी गई है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छे हैं और आपके सबसे पसंदीदा भारतीय व्यंजनों के लिए उपयुक्त हैं-

सरसों का तेल

यदि आप भारत के उत्तर में रहते हैं तो जानते होंगे कि सरसों का तेल इस क्षेत्र में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला तेल है। सरसों का तेल तलने के लिए, स्वाद बढ़ाने के लिए और इसके संरक्षक गुणों के कारण, चटनी और अचार बनाने में इस्तेमाल होता है।

यह डायजेशन और सर्कुलेशन के लिए एक उत्तेजक के रूप में जाना जाता है। अपने जीवाणुरोधी गुणों के कारण यह तेल त्वचा की रक्षा करने में मदद कर सकता है। सरसों का तेल कीटाणुओं और वायरस से लड़ता है, जो कि खांसी, जुकाम और एलर्जी से बचने में मदद कर सकता है। इसमें कम संतृप्त वसा की मात्रा होती है और यह हृदय के लिए अच्छा होता है। यह मानव शरीर को डिटॉक्सीफाई भी करता है और फंगल विकास को रोकता है।

नारियल का तेल

यदि आपको दक्षिण भारतीय व्यंजन पसंद हैं, तो आप जानते होंगे कि नारियल तेल का इस्तेमाल क्या अंतर पैदा करता है। जब आप केक या कुकीज़ बेक कर रहे होते हैं, तो आप इसे पैन पर लगाने के लिए उपयोग कर सकते हैं या आप इसे बटर के विकल्प के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।

नारियल तेल शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने के साथ सैचुरेटेड फैट्स में उच्च है। यह तेल एक पोषण और हल्का स्वाद प्रदान करता है। विटामिन ई, एंटीऑक्सिडेंट और पॉलीफेनोल के लाभों से भरा हुआ नारियल का तेल हार्मोनल असंतुलन के कारण बढ़ने वाले वजन को रोकने में मदद करता है। नियमित रूप से नारियल तेल खाने में इस्तेमाल करने से रक्त में लिपिड के स्तर में सुधार होता है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम होता है।

ऑलिव ऑयल

जैतून का तेल यानी ऑलिव ऑयल में अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो जोड़ों में दर्द को कम करता है और साथ ही पाॄकसंस और अल्जाइमर के खतरे को कम करता है। ऑलिव ऑयल तीन वेरिएंट्स में उपलब्ध है- एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल, प्योर ऑलिव ऑयल और ऑलिव पॉमेस ऑयल। तीन में से एक्स्ट्रा-वर्जिन ऑलिव ऑयल परफेक्ट एरोमा और फ्लेवर वाला ऑलिव ऑयल है। यह तब ज्यादा उपयुक्त है जब आप सलाद, पास्ता, चावल, सब्जियां, मीट और मछली के लिए ड्रेसिंग, फ्लेवरिंग्स या मसाला बना रहे हैं।

एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल को सबसे अच्छा माना जाता है। यह फ्लेवर, एरोमा, कलर और एसिडिटी लेवल में सही संतुलन के लिए मूल्यवान माना जाता है। इसमें विटामिन और पोषक तत्वों में हाई कंटेंट होता है। प्योर ऑलिव ऑयल में वॢजन ऑलिव ऑयल के समान एसिडिटी लेवल होता है, और इस कारण से इसमें उच्च तापमान का अच्छा प्रतिरोध होता है। लेकिन यह वर्जिन ऑलिव ऑयल की तुलना में कम पोषक है। पोमेस ऑलिव ऑयल का सबसे निचला ग्रेड है। पोमेस, ऑलिव का वह हिस्सा है, जो तेल और पानी के निकलने के बाद भी बना रहता है। पोमेस ऑयल को स्वादिष्ट बनाने के लिए इसे एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल के साथ मिश्रित किया जाता है। प्योर ऑलिव ऑयल की तरह यह केवल उच्च तापमान पर खाना पकाने के लिए उपयुक्त है।

सनफ्लॉवर ऑयल

सनफ्लॉवर ऑयल यानी सूर्यमुखी का तेल सौम्य, सादा और सुगंध मुक्त होता है, जो बेकिंग के लिए उपयुक्त होता है। इसका स्मोकिंग पॉइंट ज्यादा होने के कारण यह तेल तलने के लिए अच्छा होता है। इस तेल का इस्तेमाल मेयोनीज़, सलाद ड्रेसिंग और सब्जियों को भूनने के लिए किया जाता है।

सूरजमुखी के बीजों से निकाला गया यह तेल विटामिन ई की प्रचुरता के कारण एक अच्छा विकल्प है। यह कैंसर के रोगियों के लिए भी अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसके इस्तेमाल से हृदय रोग का खतरा कम होता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। समोसे और चिप्स बड़े शानदार होंगे यदि वे इस तेल में तले हुए हैं क्योंकि वे उच्च तापमान पर भी अपने पोषक तत्वों को बनाए रख सकते हैं।

मूंगफली का तेल

रिफाइंड मूंगफली का तेल हल्की खुशबू वाला होता है। इसका इस्तेमाल भूनने, तलने और फ्लेवर के लिए किया जा सकता है। भुना हुआ मूंगफली का तेल सुगंधित होता है और आमतौर पर इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में फ्लेवर की तरह किया जाता है। मूंगफली के भुने तेल को सलाद में डालकर खा सकते हैं। मूंगफली के पोषक तत्व हमें स्वस्थ रहने में मदद करते हैं। साथ ही कुछ शारीरिक समस्याओं में इसके सेवन से फायदा हो सकता है। मूंगफली के तेल का सेवन एचडीएल यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम किए बिना हानिकारक कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को कम कर सकता है। मूंगफली और मूंगफली का तेल नियासिन व विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। ये दोनों कॉग्निटिव हेल्थ को बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करने में भी मूंगफली का तेल मदद कर सकता है। मूंगफली के तेल में पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड होते हैं। पॉलीअनसेचुरेटेड फैटी एसिड रुमेटाइड अर्थराइटिस जैसे जोड़ों के दर्द की समस्या से बचाव कर सकते हैं। 

तिल का तेल

तिल का तेल, तिल के बीज से निकला हुआ तेल होता है। चायनीज़, कुरीयन और अन्य दक्षिण पूर्व एशियाई कुजि़न में भी इसका अच्छा इस्तेमाल होता है। यह डायबिटीज और सर्कुलेशन सिस्टम के लिए अच्छा है।

यह फूड में हल्का फ्लेवर भी जोड़ता है। तिल का तेल काफी हद तक बेस्वाद और सुंगध मुक्त होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल बेकिंग में किया जा सकता है। अचार बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। सौम्य तिल का तेल का स्मोकिंग पॉइंट अधिक होने से यह तलने के लिए उपयुक्त होता है।

तिल के तेल में विटामिन-ई, बी कॉम्प्लेक्स, कैल्शि‍यम, मैग्नीशि‍यम, फॉस्फोरस और प्रोटीन पाया जाता है, जो हड्डियों की मजबूती से लेकर बालों को सुंदर बनाने और तनाव को दूर करने तक फायदेमंद है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होने के कारण बढ़ती उम्र के असर, वायरस और बैक्टीरिया के इंफेक्‍शन से बचाता है। तिल शरीर को गर्माहट भी देता है, इसलिए ठंड के मौसम में इसका प्रयोग बहुत ज्‍यादा किया जाता है। डायबिटीज के रोगियों के लिए खाना पकाने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

सोयाबीन का तेल

सोयाबीन का तेल पौष्टिक एवं सस्ता तेल है। इस तेल में हाई स्मोकिंग पॉइंट होता है, जिससे इसका तलने में इस्तेमाल किया जाता है। इसका इस्तेमाल अचार बनाने में किया जाता है। इसका इस्तेमाल सलाद ड्रेसिंग, सैंडविच स्प्रैड, ब्रैड, मायोनीज़, बेकिंग मिक्स और ब्रेकफास्ट बनाने में किया जाता है। बेस्वाद और सुगंध मुक्त होने से इसे बेकिंग के लिए उपयुक्त माना जाता है।

इसमें विटामिन-के होता है, जो हड्डियों के लिए फायदेमंद है। यह त्वचा को पोषण देता है और इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो रक्त स्तर को बनाए रखने के लिए अच्छा है। 

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